मनोहर लाल के पहुंचने से पहले करनाल में बवाल, पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, कार्यक्रम रद्द

Published by Razak Mohammad on

हरियाणा के करनाल जिले के गांव कैमला में रविवार को किसान महापंचायत में मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले आंदोलनरत किसानों ने जमकर उत्पात मचाया। किसानों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए कार्यक्रम के लिए सजाया मंच तोड़ दिया और बैनर फाड़ने के साथ साउंड सिस्टम, झंड़े व कुर्सियां उठाकर फेंक दीं। 

दूसरे सुरक्षा नाके पर किसानों और पुलिस के बीच करीब ढाई घंटे तक टकराव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजी। कार्यक्रम में भाग लेने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हेलीकॉप्टर से पहुंचना था लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर स्थिति को देखते हुए विशेष टीम ने उतरने की इजाजत नहीं दी। बवाल के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। 

गांव कैमला में रविवार को किसान महापंचायत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानों से सीधा संवाद करना था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए किसानों का जत्था मुख्यमार्ग स्थित बसताड़ा टोल बैरियर से चला था। सबसे पहले किसानों ने घरौंडा के पास लगा नाका तोड़ बैरिकेड उठाकर फेंक दिए। 

घरौंडा आउटर पर लगे दूसरे नाके पर जैसे ही किसान पहुंचे, वहां पुलिस से टकराव हो गया। यहां वाटर कैनन की मदद से पुलिस ने किसानों की भीड़ को तितर-बितर किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद किसान खेतों से होकर कैमला की ओर भागे। पुलिस ने किसानों का पीछा किया और आंसू गैस के गोले दागती रही। पुलिस प्रबंधों को दरकिनार कर किसान कैमला में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और वहां जमकर तोड़फोड़ की। किसानों ने कार्यक्रम स्थल पर सजाया मंच और सामान तोड़ दिया। 

टकराव की आशंका, अतिरिक्त फोर्स लगाई

हालांकि मौके पर एडीजीपी से लेकर डीएसपी स्तर के अफसरों के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स तैनात था। इसके बावजूद किसानों ने सुरक्षा घेरा तोड़ उपद्रव किया। गुस्साए किसानों को देख आयोजक भी मौके से निकल गए। बवाल के बाद कैमला गांव में तनाव बढ़ गया। स्थानीय ग्रामीणों, आयोजकों और आंदोलनरत किसानों के बीच हिंसक टकराव की आशंका के मद्देनजर गांव में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

आंदोलनरत किसान और ग्रामीण भी आए आमने-सामने

कैमला गांव में बवाल के बाद बढ़े तनाव के बीच आंदोलनरत किसान और स्थानीय ग्रामीण आमने-सामने आ गए। बवाल के बाद कुछ किसान वापस चले गए और कुछ वहीं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हालांकि हिंसा की आशंका के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और नाकाबंदी भी जारी रहेगी। 

स्थिति हिंसक ना हो इसके लिए कैमला गांव के वरिष्ठ लोगों ने अनाउंसमेट कर गांव के युवाओं को मंदिर में एकत्रित होने की सलाह दी और युवाओं से संयम बरतने का आह्वान किया। साथ ही अपील की कि ऐसा कोई कदम ना उठाया जाए, जिससे माहौल खराब हो जाए। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यह सालाना कार्यक्रम है जिसमें मुख्यमंत्री भाग लेने पहुंचते हैं। यहां धार्मिक आयोजन होना था लेकिन कुछ लोगों ने उत्पात मचाकर कार्यक्रम खराब कर दिया। 

 





Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *