मनाली में कोविद टेस्ट होने से घाटी में संक्रमण की रफ्तार कम है

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कलिंग (लाहौल-स्पीति)। बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों का अनिवार्य कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था लाहौल-स्पीति में संक्रमण की रोकथाम में कारगार होने लगी है। जिला उपायुक्त पंकज राय की इस पहल का कुछ लोगों ने शुरूआती दौर में विरोध भी किया था। लेकिन, जिले के लोग अब इसकी सराहना करने लगे हैं।
मनाली के लाहौल-स्पीति भवन में बीते 11 अप्रैल से बाहरी कार्यगारों के टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की गई है। तबसे आज तक लगभग 3150 कामगारों के रैपिड और आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए हैं। इस दौरान 432 कामगार कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। पॉजिटिव आ रहे कामगारों को विशेष एकारेंस से अटल टनल नार्थ पोर्ट, केलिंग और जिस्पा में स्थापित को डिवाइड सेंटर में भेजा जा रहा है। ऐसे में साफ है कि अगर घाटी में प्रवेश से पहले उपायुक्त पंकज राय ने मनाली में को विभाजित टेस्ट की प्रक्रिया शुरू नहीं की होती तो लाहौल-स्पीति में कोरोना विस्फोट हो सकता था।
मनाली टेस्टिंग सेंटर में तैनात डॉ प्रदीप नेगी ने बताया कि अभी भी रोजाना लाहौल जाने वाले करीब 150 वर्कगर्स के टेस्ट हो रहे हैं। बताया कि अब तक मनाली में 3150 बीआरओ के मजदूरों सहित कृषि कार्य के लिए घाटी जाने वाले कामगारों के टेस्ट हुए हैं। जिनमें आरशनपीआर में 361 और -पादिड में कुल 71 कामगार अभी तक कोरोना पॉजिटिव निकल चुके हैं। जिप लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष रमेश रोअलवा ने कहा कि उपायुक्त पंकज राय ने लाहौल आने से पहले मनाली में कामगारों के को विभाजित टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दूर का काम किया है। कहा कि विशेष रूप से कृषि कार्य करने के लिए घाटी आने वाले कामगार स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रहते हैं। ऐसे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था।
….. संवाद

कलिंग (लाहौल-स्पीति)। बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों का अनिवार्य कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था लाहौल-स्पीति में संक्रमण की रोकथाम में कारगार होने लगी है। जिला उपायुक्त पंकज राय की इस पहल का कुछ लोगों ने शुरूआती दौर में विरोध भी किया था। लेकिन, जिले के लोग अब इसकी सराहना करने लगे हैं।

मनाली के लाहौल-स्पीति भवन में बीते 11 अप्रैल से बाहरी कार्यगारों के टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की गई है। तबसे आज तक लगभग 3150 कामगारों के रैपिड और आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए हैं। इस दौरान 432 कामगार कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। पॉजिटिव आ रहे कामगारों को विशेष एकारेंस से अटल टनल नार्थ पोर्ट, केलिंग और जिस्पा में स्थापित को डिवाइड सेंटर में भेजा जा रहा है। ऐसे में साफ है कि अगर घाटी में प्रवेश से पहले उपायुक्त पंकज राय ने मनाली में को विभाजित टेस्ट की प्रक्रिया शुरू नहीं की होती तो लाहौल-स्पीति में कोरोना विस्फोट हो सकता था।

मनाली टेस्टिंग सेंटर में तैनात डॉ प्रदीप नेगी ने बताया कि अभी भी रोजाना लाहौल जाने वाले लगभग 150 वर्कगर्स के टेस्ट हो रहे हैं। बताया कि अब तक मनाली में 3150 बीआरओ के मजदूरों सहित कृषि कार्य के लिए घाटी जाने वाले कामगारों के टेस्ट हुए हैं। जिनमें आरशनपीआर में 361 और -पादिड में कुल 71 कामगार अभी तक कोरोना पॉजिटिव निकल चुके हैं। जिप लाहुल-स्पीति के अध्यक्ष रमेश रोअलवा ने कहा कि उपायुक्त पंकज राय ने लाहौल आने से पहले मनाली में कामगारों के को विभाजित टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दूर का काम किया है। कहा कि विशेष रूप से कृषि कार्य करने के लिए घाटी आने वाले कामगार स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रहते हैं। ऐसे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था।

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