मध्यप्रदेश: झाबुआ जिले में कड़कनाथ मुर्गी में मिला बर्ड फ्लू वायरस

Published by Razak Mohammad on

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मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले के ग्राम रूंडीपाड़ा में कड़कनाथ मुर्गी में बर्ड फ्लू के एच5एन1 प्रकार का संक्रमण पाया गया है। इसके अलावा, प्रदेश के 18 अन्य जिलों में कौवों और जंगली पक्षियों में बर्डफ्लू के एच5एन8 की पुष्टि हुई है।

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने भोपाल में बताया, ‘‘झाबुआ जिले के ग्राम रूंडीपाड़ा में कड़कनाथ मुर्गी में एच5एन1 वायरस मिला है।’’ उन्होंने कहा कि झाबुआ कलेक्टर को भारत सरकार के बर्ड फ्लू एक्शन प्लान 2021 के अनुसार निस्तारण, चारा-दाना, अण्डे आदि को नष्ट और प्रभावित स्थल को सैनिटाइज करने के निर्देश दिये गये हैं।

अधिकारी ने बताया कि प्रभावित स्थल से एक किलोमीटर की परिधि को संक्रमित क्षेत्र मानते हुए सभी प्रकार के कुक्कुट को मार कर दफनाया जाएगा। वहीं एक से नौ किलोमीटर की परिधि को सर्विलांस जोन मानते हुए नमून इकट्ठे किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमित क्षेत्र में अगले 3 माह तक कुक्कुट और कुक्कुट उत्पाद की रिस्टाकिंग (फिर से भंडारण) और कुक्कुट परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा।’’ अधिकारी ने बताया कि झाबुआ जिले के कुक्कुट बाजार और कुक्कुट फार्मों को संक्रमण रहित किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 19 जिलों में बर्डफ्लू पाया गया है। अधिकारी ने बताया कि इंदौर, मंदसौर, आगर मालवा, नीमच, देवास, उज्जैन, खण्डवा, खरगोन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, होशंगाबाद, अशोकनगर, दतिया और बड़वानी में एच5एन8 की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 42 जिलों से लगभग 2100 कौवों और जंगली पक्षियों की मृत्यु की सूचना मिली है। विभिन्न जिलों से 386 नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भोपाल को भेजे गये हैं।

वहीं, झाबुआ से मिली रिपोर्ट के अनुसार झाबुआ जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर थांदला तहसील के ग्राम रूंडीपाडा निवासी विनोद मेडा के कडकनाथ कुक्कट फार्म में कड़कनाथ मुर्गे में बर्ड फ्लू एच5एन1 के लक्षण पाए गए हैं। मेडा के कुक्कट फार्म से कुछ नमूने संचालक, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला, भोपाल को भेजे गए थे। जांच के बाद इस प्रयोगशाला से इसकी पुष्टि हुई है।

कुक्कट फार्म के मालिक विनोद मेडा ने बताया कि जिस कुक्कट फार्म में कड़कनाथ में वायरस पाया गया है, वहां 550 कडकनाथ मुर्गे और लगभग 2800 चूजे थे। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी और तहसील की टीम सभी को नष्ट करने के लिए ले गए हैं। पशुपालन विभाग के उपसंचालक विलसन डावर ने कहा कि वह विभाग की टीम के साथ ग्राम रूंडीपाड़ा पहुंच गए हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक आई एस तोमर ने बताया कि बिना सैनिटाइज किए और असावधानी से पक्षियों को लाने ले जाने पर वायरस आता है। उन्होंने कहा कि जिस कुक्कट फार्म के कड़कनाथ में बर्ड फ्लू वायरस पाया गया, वहां के सभी मुर्गे-मुर्गेयों को मार कर गाडना होगा।

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