मंत्री की बात नहीं भी मानी, विवि ने कम नहीं की पंचायत सचिव परीक्षा फीस

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Fri, 08 Jan 2021 05:00 AM IST

एचपीयू शिमला (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद कैडर में पंचायत सचिव के 239 पद भरने के लिए तय की गई 1200 रुपये की फीस अभी तक कम नहीं की है। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने 24 दिसंबर को प्रदेश विश्वविद्यालय के इस फरमान पर नाराजगी जताई थी। मंत्री ने कहा था कि विवि प्रशासन से इस बाबत बात की जाएगी। पंचायती राज विभाग की ओर से विवि को लिखकर भेजा गया है कि हिमाचल प्रदेश अधिनस्थ सेवा चयन कमीशन की तर्ज पर पंचायत सचिवों के आवेदन की फीस वसूली जाए।

इसके बाद भी विवि प्रशासन ने अभी तक आवेदकों को कोई राहत नहीं दी है। फीस की राशि कम करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से विवि को आर्थिक मदद दी जाएगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रदेश सरकार ने सभी भर्ती परीक्षाओं की फीस माफ कर रखी है। बावजूद विवि ने पंचायत सचिव भर्ती के लिए महिलाओं से भी फीस लेने का फैसला ले लिया है।

इसको लेकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सरकार के फैसले का पालन होगा। महिला अभ्यर्थियों से फीस नहीं लेने को लेकर विवि से बात की जाएगी। उन्होंने कहा था कि 1200 रुपये की फीस अधिक है। इसे कम करवाने के लिए विवि प्रबंधन से बात की जाएगी। हैरानी की बात यह है कि 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक विवि ने न फीस कम की है न ही महिला अभ्यर्थियों से फीस नहीं लेने को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

राज्य के पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन को लिखकर भेजा गया है कि आयोग जिस दर से आवेदकों से फीस वसूलता है, उसी आधार पर पंचायत सचिवों से भी फीस वसूली जाए

हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद कैडर में पंचायत सचिव के 239 पद भरने के लिए तय की गई 1200 रुपये की फीस अभी तक कम नहीं की है। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने 24 दिसंबर को प्रदेश विश्वविद्यालय के इस फरमान पर नाराजगी जताई थी। मंत्री ने कहा था कि विवि प्रशासन से इस बाबत बात की जाएगी। पंचायती राज विभाग की ओर से विवि को लिखकर भेजा गया है कि हिमाचल प्रदेश अधिनस्थ सेवा चयन कमीशन की तर्ज पर पंचायत सचिवों के आवेदन की फीस वसूली जाए।

इसके बाद भी विवि प्रशासन ने अभी तक आवेदकों को कोई राहत नहीं दी है। फीस की राशि कम करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से विवि को आर्थिक मदद दी जाएगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रदेश सरकार ने सभी भर्ती परीक्षाओं की फीस माफ कर रखी है। बावजूद विवि ने पंचायत सचिव भर्ती के लिए महिलाओं से भी फीस लेने का फैसला ले लिया है।

इसको लेकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सरकार के फैसले का पालन होगा। महिला अभ्यर्थियों से फीस नहीं लेने को लेकर विवि से बात की जाएगी। उन्होंने कहा था कि 1200 रुपये की फीस अधिक है। इसे कम करवाने के लिए विवि प्रबंधन से बात की जाएगी। हैरानी की बात यह है कि 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक विवि ने न फीस कम की है न ही महिला अभ्यर्थियों से फीस नहीं लेने को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

राज्य के पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन को लिखकर भेजा गया है कि आयोग जिस दर से आवेदकों से फीस वसूलता है, उसी आधार पर पंचायत सचिवों से भी फीस वसूली जाए

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