भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की बैठक, कई मुद्दों पर बनी सहमति

Published by Razak Mohammad on


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 16 Sep 2020 08:46 PM IST

इब्सा के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर
– फोटो : एएनआई

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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बुधवार को इब्सा (IBSA : भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। बैठक में उन्होंने कहा, ‘मैं इस बैठक के आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री डॉ. नालेदी पैंडोर और ब्राजील के उप मंत्री एंबेसडर फैबियो मारजानो का धन्यवाद अदा करता हूं।’

जयशंकर ने कहा कि बैठक में इब्सा गतिविधियों की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा, पारंपरिक औषधियों पर वेबिनार, त्रिपक्षीय कृषि सहयोग, महिला मंच, शहरी विकास चर्चा, आईसीटी सहयोग और तीनों देशों के बीच होने वाले अगले नौसेना अभ्यास को लेकर फंड प्रोजेक्ट पर सहमति जताई गई।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों को लेकर मंत्रियों के संयुक्त बयान को पढ़ते हुए जयशंकर ने कहा, ‘हम इब्सा के 26 सितंबर 2019 के संयुक्त मंत्रिस्तरीय वक्तव्य को याद करते हुए एक अधिक समावेशी, उत्तरदाई और सहभागितापूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार की मांग करते हैं।’

 

 

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बुधवार को इब्सा (IBSA : भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। बैठक में उन्होंने कहा, ‘मैं इस बैठक के आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री डॉ. नालेदी पैंडोर और ब्राजील के उप मंत्री एंबेसडर फैबियो मारजानो का धन्यवाद अदा करता हूं।’

जयशंकर ने कहा कि बैठक में इब्सा गतिविधियों की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा, पारंपरिक औषधियों पर वेबिनार, त्रिपक्षीय कृषि सहयोग, महिला मंच, शहरी विकास चर्चा, आईसीटी सहयोग और तीनों देशों के बीच होने वाले अगले नौसेना अभ्यास को लेकर फंड प्रोजेक्ट पर सहमति जताई गई।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों को लेकर मंत्रियों के संयुक्त बयान को पढ़ते हुए जयशंकर ने कहा, ‘हम इब्सा के 26 सितंबर 2019 के संयुक्त मंत्रिस्तरीय वक्तव्य को याद करते हुए एक अधिक समावेशी, उत्तरदाई और सहभागितापूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार की मांग करते हैं।’
 

 





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