भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन: 471.9 बीघा भूमि हो चुकी रेलवे के नाम ट्रांसफर

Published by Razak Mohammad on

सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Updated Tue, 12 Jan 2021 05:00 AM IST

भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन परियोजना में दिसंबर 2020 तक बिलासपुर में 471.9 बीघा जमीन रेलवे के नाम स्थानांतरित हो चुकी है। अभी करीब 735 बीघा भूमि का अधिग्रहण नहीं हो पाया है। इसके चलते उसे रेलवे को ट्रांसफर नहीं किया जा सका है। जिले के कई गांवों के ग्रामीणों की जमीन के दामों को लेकर प्रशासन के साथ सहमति नहीं बन पाई है। अब प्रशासन ने तय किया है कि भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के तहत इसका अधिग्रहण किया जाएगा। 

इस परियोजना को बिलासपुर तक पूरा करने का लक्ष्य साल 2024-2025 रखा गया है, लेकिन अभी बिलासपुर में इसके लिए पूरी तरह से जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। श्री नयनादेवी जी और सदर विस क्षेत्र के 14 गांव इस रेललाइन की जद में आने हैं। इनमें कुछ लोगों ने पहले तो प्रशासन के साथ भूमि अधिग्रहण को लेकर नेगोसिएशन कर ली थी। जब इसकी अप्रूवल आई तो उन्होंने दाम बढ़ा दिए।

इस कारण फिर से इसका का काम लटक गया। प्रशासन की कई कोशिशों के बाद भी भूमि मालिकों के साथ जमीन के दाम को लेकर बात नहीं बन पा रही है। जमीन का अधिग्रहण न हो पाने से समय पर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर पाना मुमकिन नहीं है। 

सरकार को भेजा है मामला
भूमि मालिकों के साथ जमीन के अधिग्रहण के लिए लगातार बातचीत की जा रही है, लेकिन ग्रामीण मनमाने दामों पर अड़े हैं। प्रोजेक्ट के महत्व को समझते हुए इस मामले को सरकार को भेज दिया गया है। अगर ग्रामीण बातचीत में न माने तो इस जमीन को भू अधिग्रहण एक्ट 2013 के तहत अधिग्रहित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बीच अगर कोई किसान बातचीत के लिए तैयार हो जाता है तो नेगोसिएशन के साथ उसकी जमीन ली जाएगी। – रोहित जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन परियोजना में दिसंबर 2020 तक बिलासपुर में 471.9 बीघा जमीन रेलवे के नाम स्थानांतरित हो चुकी है। अभी करीब 735 बीघा भूमि का अधिग्रहण नहीं हो पाया है। इसके चलते उसे रेलवे को ट्रांसफर नहीं किया जा सका है। जिले के कई गांवों के ग्रामीणों की जमीन के दामों को लेकर प्रशासन के साथ सहमति नहीं बन पाई है। अब प्रशासन ने तय किया है कि भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के तहत इसका अधिग्रहण किया जाएगा। 

इस परियोजना को बिलासपुर तक पूरा करने का लक्ष्य साल 2024-2025 रखा गया है, लेकिन अभी बिलासपुर में इसके लिए पूरी तरह से जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। श्री नयनादेवी जी और सदर विस क्षेत्र के 14 गांव इस रेललाइन की जद में आने हैं। इनमें कुछ लोगों ने पहले तो प्रशासन के साथ भूमि अधिग्रहण को लेकर नेगोसिएशन कर ली थी। जब इसकी अप्रूवल आई तो उन्होंने दाम बढ़ा दिए।

इस कारण फिर से इसका का काम लटक गया। प्रशासन की कई कोशिशों के बाद भी भूमि मालिकों के साथ जमीन के दाम को लेकर बात नहीं बन पा रही है। जमीन का अधिग्रहण न हो पाने से समय पर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर पाना मुमकिन नहीं है। 

सरकार को भेजा है मामला

भूमि मालिकों के साथ जमीन के अधिग्रहण के लिए लगातार बातचीत की जा रही है, लेकिन ग्रामीण मनमाने दामों पर अड़े हैं। प्रोजेक्ट के महत्व को समझते हुए इस मामले को सरकार को भेज दिया गया है। अगर ग्रामीण बातचीत में न माने तो इस जमीन को भू अधिग्रहण एक्ट 2013 के तहत अधिग्रहित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बीच अगर कोई किसान बातचीत के लिए तैयार हो जाता है तो नेगोसिएशन के साथ उसकी जमीन ली जाएगी। – रोहित जम्वाल, उपायुक्त बिलासपुर

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