भवनों का नक्शा पास करवाने के लिए देनी होगी एक और एनओसी

Published by Razak Mohammad on

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एमसी ने थोपी नई शर्त, गारबेज और टैक्स के बाद अब संपदा शाखा से भी लेनी होगी एनओसी
सभी शर्तें पूरी करने के बाद ही पास हो पाएंगे नक्शे
अशोक चौहान
शिमला। शहर वासियों को भवन निर्माण के लिए नक्शों के आवेदन के वक्त अब टैक्स और कूड़ा शुल्क की एनओसी के अलावा नगर निगम की एक और शर्त पूरी करनी होगी। इसके बाद ही नक्शा पास किया जाएगा। लोगों को नक्शे के आवेदन के साथ नगर निगम की संपदा शाखा से भी एनओसी लेनी होगी। इस एनओसी से स्पष्ट होगा कि आवेदनकर्ता ने शहर में नगर निगम से कोई संपत्ति लीज पर ली है या नहीं।
यदि कोई संपत्ति लीज पर ली है तो उसका किराया या टैक्स समय पर भरा इसकी जानकारी देनी होगी। यदि नगर निगम से लीज या किराये पर ली संपत्ति का बकाया शुल्क या किराया जमा नहीं किया है तो उसे संपदा शाखा से एनओसी नहीं मिलेगी। किराये और लीज संबंधी सारे शुल्क का भुगतान होने के बाद ही एनओसी मिलेगी। एनओसी के बाद ही नक्शे का आवेदन पूरा माना जाएगा। नगर निगम ने बीते हफ्ते से इस शर्त को लागू भी कर दिया है। शहर के जिन लोगों ने हाल ही में नए या रिवाइज नक्शे के लिए आवेदन किया है, उनसे अब संपदा शाखा की एनओसी मांगी जा रही है।
इसलिए मांगी जा रही एनओसी
नगर निगम की शहर में 1100 से अधिक संपत्तियां हैं जो किराये पर हैं। इनमें ज्यादातर दुकानें हैं। इसके अलावा जमीन भी कई जगह लीज पर दी है। इन संपत्तियों का इस्तेमाल कर रहे कई लोग समय से किराया नहीं भर रहे। इसलिए यह शर्त लगानी पड़ी है ताकि ऐसे लोगों से बकाया शुल्क वसूला जा सके। हालांकि जिन लोगों के पास एमसी की संपत्तियां नहीं हैं, उन्हें जरूर इस एनओसी के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एक और शर्त से जनता की
बढ़ी परेशानी, पार्षद अनजान
नगर निगम की एक ओर शर्त लगने से अब उन लोगों को परेशानी झेलनी होगी जिनके पास नगर निगम की संपत्तियां नहीं हैं। इन्हें एनओसी के लिए संपदा शाखा के चक्कर काटने होंगे। इससे पहले गारबेज शुल्क और टैक्स की एनओसी के लिए भी लोग एमसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। निगम ने बीते साल ही पेयजल कनेक्शन, नक्शे से लेकर हर काम के लिए गारबेज शुल्क की एनओसी को अनिवार्य किया था। इसी तरह अब संपदा शाखा की एनओसी ली जा रही है। वहीं नगर निगम के पार्षद इन दोनों शर्तों से अनजान हैं। इनका कहना है कि सदन में ऐसी शर्त लगाने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि यह एक प्रशासनिक फैसला है। आवेदन के साथ एनओसी लगानी होगी।

एमसी ने थोपी नई शर्त, गारबेज और टैक्स के बाद अब संपदा शाखा से भी लेनी होगी एनओसी

सभी शर्तें पूरी करने के बाद ही पास हो पाएंगे नक्शे

अशोक चौहान

शिमला। शहर वासियों को भवन निर्माण के लिए नक्शों के आवेदन के वक्त अब टैक्स और कूड़ा शुल्क की एनओसी के अलावा नगर निगम की एक और शर्त पूरी करनी होगी। इसके बाद ही नक्शा पास किया जाएगा। लोगों को नक्शे के आवेदन के साथ नगर निगम की संपदा शाखा से भी एनओसी लेनी होगी। इस एनओसी से स्पष्ट होगा कि आवेदनकर्ता ने शहर में नगर निगम से कोई संपत्ति लीज पर ली है या नहीं।
यदि कोई संपत्ति लीज पर ली है तो उसका किराया या टैक्स समय पर भरा इसकी जानकारी देनी होगी। यदि नगर निगम से लीज या किराये पर ली संपत्ति का बकाया शुल्क या किराया जमा नहीं किया है तो उसे संपदा शाखा से एनओसी नहीं मिलेगी। किराये और लीज संबंधी सारे शुल्क का भुगतान होने के बाद ही एनओसी मिलेगी। एनओसी के बाद ही नक्शे का आवेदन पूरा माना जाएगा। नगर निगम ने बीते हफ्ते से इस शर्त को लागू भी कर दिया है। शहर के जिन लोगों ने हाल ही में नए या रिवाइज नक्शे के लिए आवेदन किया है, उनसे अब संपदा शाखा की एनओसी मांगी जा रही है।
इसलिए मांगी जा रही एनओसी
नगर निगम की शहर में 1100 से अधिक संपत्तियां हैं जो किराये पर हैं। इनमें ज्यादातर दुकानें हैं। इसके अलावा जमीन भी कई जगह लीज पर दी है। इन संपत्तियों का इस्तेमाल कर रहे कई लोग समय से किराया नहीं भर रहे। इसलिए यह शर्त लगानी पड़ी है ताकि ऐसे लोगों से बकाया शुल्क वसूला जा सके। हालांकि जिन लोगों के पास एमसी की संपत्तियां नहीं हैं, उन्हें जरूर इस एनओसी के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एक और शर्त से जनता की
बढ़ी परेशानी, पार्षद अनजान
नगर निगम की एक ओर शर्त लगने से अब उन लोगों को परेशानी झेलनी होगी जिनके पास नगर निगम की संपत्तियां नहीं हैं। इन्हें एनओसी के लिए संपदा शाखा के चक्कर काटने होंगे। इससे पहले गारबेज शुल्क और टैक्स की एनओसी के लिए भी लोग एमसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। निगम ने बीते साल ही पेयजल कनेक्शन, नक्शे से लेकर हर काम के लिए गारबेज शुल्क की एनओसी को अनिवार्य किया था। इसी तरह अब संपदा शाखा की एनओसी ली जा रही है। वहीं नगर निगम के पार्षद इन दोनों शर्तों से अनजान हैं। इनका कहना है कि सदन में ऐसी शर्त लगाने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि यह एक प्रशासनिक फैसला है। आवेदन के साथ एनओसी लगानी होगी।

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Categories: Shimla

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