बागवानों से मंडियों में अनलोडिंग चार्ज के नाम पर हो रही है लूट

Published by Razak Mohammad on

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मंडियों में गाड़ियों से सेब की पेटियां उतारने के प्रति पेटी वसूले जा रहे बीस रुपये
एपीएमसी ने 8 रुपये प्रति पेटी निर्धारित कर रखा है शुल्क
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोरोनाकाल में शिमला जिले के बागवानों से मंडियों में अनलोडिंग चार्ज के नाम पर मनमानी शुरू हो गई है। मंडियों में गाड़ियों से सेब की पेटियां उतारने के एवज में 10 से 20 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि एपीएमसी की ओर से मंडियों में प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज 8 रुपये निर्धारित हैं। सेब की कीमतों में भारी गिरावट के चलते परेशानी झेल रहे बागवानों से मंडियों में अनलोडिंग चार्ज के नाम पर लूट चल रही है।
शिमला की ढली और भट्ठाकुफर फल मंडी में बागवानों से प्रति पेटी 10 रुपये अनलोडिंग चार्ज वसूला जा रहा है, जबकि ठियोग की पराला मंडी में 15 रुपये प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं परवाणू और रोहड़ू में प्रति पेटी 20 रुपये तक अनलोडिंग चार्ज वसूला जा रहा है।
यदि किसी बागवान की सेब की 1000 पेटी मंडी में बिकती हैं तो उसे कम से कम 10,000 रुपये अनलोडिंग चार्ज चुकाना पड़ रहा है। इसी तरह यदि किसी बागवान की 500 पेटी मंडी में बिकती है तो उसे सीधे अनलोडिंग चार्ज के एवज में 5000 रुपये की चपत लग रही है।
मजदूरों को मिल रहे अनलोडिंग के 5 रुपये
ढली मंडी पल्लेदार यूनियन के अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि मजदूरों को प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज 5 रुपये मिल रहा है। कई सालों से पल्लेदार यूनियन अनलोडिंग चार्ज में बढ़ोतरी की मांग कर रही है लेकिन इसमें कोई इजाफा नहीं किया है।
मनमानी करने वालों पर होगी कार्रवाई : नरेश
एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर के चेयरमैन नरेश शर्मा ने कहा कि एपीएमसी की ओर से निर्धारित अनलोडिंग चार्ज के मुकाबले अतिरिक्त वसूली नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वाले वालों के खिलाफ एपीएमसी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिन बागवानों से अनलोडिंग चार्ज के एवज में अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है वह इसकी शिकायत एपीएमसी से कर सकते हैं।

मंडियों में गाड़ियों से सेब की पेटियां उतारने के प्रति पेटी वसूले जा रहे बीस रुपये

एपीएमसी ने 8 रुपये प्रति पेटी निर्धारित कर रखा है शुल्क

अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। कोरोनाकाल में शिमला जिले के बागवानों से मंडियों में अनलोडिंग चार्ज के नाम पर मनमानी शुरू हो गई है। मंडियों में गाड़ियों से सेब की पेटियां उतारने के एवज में 10 से 20 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि एपीएमसी की ओर से मंडियों में प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज 8 रुपये निर्धारित हैं। सेब की कीमतों में भारी गिरावट के चलते परेशानी झेल रहे बागवानों से मंडियों में अनलोडिंग चार्ज के नाम पर लूट चल रही है।
शिमला की ढली और भट्ठाकुफर फल मंडी में बागवानों से प्रति पेटी 10 रुपये अनलोडिंग चार्ज वसूला जा रहा है, जबकि ठियोग की पराला मंडी में 15 रुपये प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं परवाणू और रोहड़ू में प्रति पेटी 20 रुपये तक अनलोडिंग चार्ज वसूला जा रहा है।
यदि किसी बागवान की सेब की 1000 पेटी मंडी में बिकती हैं तो उसे कम से कम 10,000 रुपये अनलोडिंग चार्ज चुकाना पड़ रहा है। इसी तरह यदि किसी बागवान की 500 पेटी मंडी में बिकती है तो उसे सीधे अनलोडिंग चार्ज के एवज में 5000 रुपये की चपत लग रही है।
मजदूरों को मिल रहे अनलोडिंग के 5 रुपये
ढली मंडी पल्लेदार यूनियन के अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि मजदूरों को प्रति पेटी अनलोडिंग चार्ज 5 रुपये मिल रहा है। कई सालों से पल्लेदार यूनियन अनलोडिंग चार्ज में बढ़ोतरी की मांग कर रही है लेकिन इसमें कोई इजाफा नहीं किया है।
मनमानी करने वालों पर होगी कार्रवाई : नरेश
एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर के चेयरमैन नरेश शर्मा ने कहा कि एपीएमसी की ओर से निर्धारित अनलोडिंग चार्ज के मुकाबले अतिरिक्त वसूली नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वाले वालों के खिलाफ एपीएमसी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिन बागवानों से अनलोडिंग चार्ज के एवज में अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है वह इसकी शिकायत एपीएमसी से कर सकते हैं।

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Categories: Shimla

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