बर्ड फ्लू: हिमाचल में अलर्ट, पौंग में 105 और प्रवासी पक्षी मृत मिले, पशुपालन विभाग के कर्मियों की छुट्टियां रद्द

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/धर्मशाला
Updated Wed, 13 Jan 2021 10:15 PM IST

बर्ड फ्लू(सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू के चलते स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है। बुधवार को 105 और मृत प्रवासी पक्षियों के अवशेष पौंग बांध अभयारण्य क्षेत्र में मिले हैं। वन्य जीव विंग की टीमों ने इनका वैज्ञानिक ढंग से निपटान किया। यहां अब तक कुल 4742 प्रवासी और 174 जंगली परिंदों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को एहतियात बरतने और आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए कहा है। सभी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को 4 से 5 बिस्तर स्पेयर रखने के आदेश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बर्ड फ्लू से ग्रसित मरीजों का यहां रखा जा सके। हालांकि राज्य में अभी तक किसी इंसान के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

उधर, प्रदेश सरकार ने बर्ड फ्लू पर काबू होने तक पशुपालन विभाग के 4000 कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। पशुपालन विभाग के निदेशक अजमेर सिंह डोगरा ने बताया कि विभाग के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को दो हजार पीपीई किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। नगरोटा सूरियां और धर्मशाला में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कांगड़ा जिले में बर्ड फ्लू फिलहाल नियंत्रण में आता नहीं दिख रहा। ऐसे में पशुपालन विभाग ने 79 और टीमों का गठन किया है, जबकि 132 टीमें मृत पक्षियों के उचित निपटान में लगी हैं। 

बर्ड फ्लू से निपटने के लिए टांडा में 9 कमरों में की 18 बेड की सुविधा 
बर्ड फ्लू से निपटने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांगड़ा में 9 कमरों का वार्ड बनाया गया है, ताकि फ्लू से संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा सके। इसके लिए अस्पताल में 18 बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही फ्लू की जांच के लिए यहां एक लैब भी बनाई गई है। विभाग ने यहां टैमी फ्लू दवा भी पहुंचा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई असुविधा न हो। यहां वार्ड और लैब का प्रभार टांडा अस्पताल के डॉ. विक्रम शाह संभालेंगे। एमएस टांडा अस्पताल डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है।
है।

हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू के चलते स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है। बुधवार को 105 और मृत प्रवासी पक्षियों के अवशेष पौंग बांध अभयारण्य क्षेत्र में मिले हैं। वन्य जीव विंग की टीमों ने इनका वैज्ञानिक ढंग से निपटान किया। यहां अब तक कुल 4742 प्रवासी और 174 जंगली परिंदों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को एहतियात बरतने और आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए कहा है। सभी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को 4 से 5 बिस्तर स्पेयर रखने के आदेश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बर्ड फ्लू से ग्रसित मरीजों का यहां रखा जा सके। हालांकि राज्य में अभी तक किसी इंसान के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

उधर, प्रदेश सरकार ने बर्ड फ्लू पर काबू होने तक पशुपालन विभाग के 4000 कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। पशुपालन विभाग के निदेशक अजमेर सिंह डोगरा ने बताया कि विभाग के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को दो हजार पीपीई किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। नगरोटा सूरियां और धर्मशाला में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कांगड़ा जिले में बर्ड फ्लू फिलहाल नियंत्रण में आता नहीं दिख रहा। ऐसे में पशुपालन विभाग ने 79 और टीमों का गठन किया है, जबकि 132 टीमें मृत पक्षियों के उचित निपटान में लगी हैं। 

बर्ड फ्लू से निपटने के लिए टांडा में 9 कमरों में की 18 बेड की सुविधा 

बर्ड फ्लू से निपटने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांगड़ा में 9 कमरों का वार्ड बनाया गया है, ताकि फ्लू से संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा सके। इसके लिए अस्पताल में 18 बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही फ्लू की जांच के लिए यहां एक लैब भी बनाई गई है। विभाग ने यहां टैमी फ्लू दवा भी पहुंचा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई असुविधा न हो। यहां वार्ड और लैब का प्रभार टांडा अस्पताल के डॉ. विक्रम शाह संभालेंगे। एमएस टांडा अस्पताल डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है।

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