बर्ड फ्लू: महाराष्ट्र में परभणी में 8 से 10 हजार पक्षियों को मारकर दफनाने का निर्णय

Published by Razak Mohammad on

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केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार कहा कि इंसानों को बर्ड फ्लू का संक्रमण होने को लेकर कोई वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में राज्यों को मंडियों को बंद या फिर पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए। उनका यह बयान प्रोसेस्ड और पैकेज्ड चिकन के बाहर से आपूर्ति पर दिल्ली सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद आया है। 

दरअसल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली में बाहर से प्रोसेस्ड और पैकेज्ड चिकन की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सामान्य इंफ्लूएंजा है जो पक्षियों, जानवरों या इंसानों में फैल सकता है लेकिन बर्ड फ्लू इंसानों से इंसानों में नहीं फैलता है। यह केवल संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों में फैल सकता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग चिकन और अंडा खाते हैं, अगर वे पूरी तरह से पका हुआ चिकन या उबला हुआ अंडा खाते हैं तो उन्हें संक्रमण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकार सभी ऐहतियाती कदम उठा रही है और इसे फैलने से रोकने की सरकार पूरी कोशिश कर रही है, ऐसे में लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। 

महाराष्ट्र में 25,000 पक्षियों को मारा जाएगा
महाराष्ट्र में परभणी के मुरंबा गांव में मृत 900 मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू से होने के बाद जिला प्रशासन ने गांव में 8,000 से 10,000 पक्षियों को मारकर दफनाने का निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर दीपक मुगलिकर कहा कि मुर्गियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू ही है। इसके बाद गांव के एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने का फैसला लिया गया है। साथ ही 10 किलोमीटर के इलाके को प्रतिबंधित जोन घोषित किया गया है।

यहां पर न किसी अन्य जगह से पक्षियों को लाया जाएगा न ही यहां से कहीं और ले जाया जाएगा। एक मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है जोकि गांव वालों की जांच करेगी। राज्य के पशुपालन विभाग के सचिव अनूप कुमार ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और अंडों या चिकन का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है। वहीं राज्य के लातूर जिले के केंद्रेबाड़ी गांव में पक्षियों के मरने की तादाद 225 हो गई है। इनमें से कुछ पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। जिले के पशुपालन अधिकारी शिरीष कोकाने ने कहा कि हमारे प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, करीब 15.000 पक्षियों को मारना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने रविवार को केंद्रेबाड़ी के 10 किलोमीटर इलाके को अलर्ट जोन घोषित किया था।  

गुजरात के सूरत, वडोदरा में मृत कौवों में भी बर्ड फ्लू पाया गया
गुजरात में सूरत और वडोदरा जिलों में मृत पाए गए कौवों में भी बर्ड फ्लू पाया गया है। सूरत के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक नीलम दवे ने बताया कि सूरत के बारदोली तालुका के दो जगहों से चार कौवों का सैंपल भोपाल लैब भेजा गया था। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वडोदरा में 6 जनवरी को 25 कौवें मृत मिले थे। इनमें से सावली तालुका के वसंतपुरा गांव से चार कौवों के सैंपल भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इस बीच रविवार को वडोदरा के करजन तालुका के कीया गांव में 57 कबूतर मरे पाए गए। इनके सैंपल भोपाल भेजे गए हैं। दोनों जिलों के प्रभावित गांवों के 10 किलोमीटर के इलाके में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।   

ऋषिकेश में एम्स परिसर में 26 कौवें, एक कबूतर की मौत
इस बीच, ऋषिकेश स्थित एम्स परिसर में रविवार को 26 कौवें और एक कबूतर मृत पाया गया। एम्स के पीआरओ हेम भट ने बताया कि वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने मृत पक्षियों के सैंपल लिए हैं और इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इससे पहले भी राज्य के कई हिस्सों जैसे देहरादून में बॉम्बे बाग इलाके, गांधीग्राम, बंगाली कोठी और डोईवाला में पक्षियों की मौत हुई थी। देहरादून में एक ही दिन में 165 पक्षी मरे थे। इनके सैंपल बरेली स्थित लैब भेजे गए हैं। 

राजस्थान में अब तक 2950 पक्षियों की मौत, रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई गईं
राजस्थान के 13 जिलों में अब तक 2950 पक्षियों की बर्ड फ्लू से मौत हो गई है। इनमें से 2200 कौवें हैं। प्रदेश के पशुपालन विभाग के निदेशक बीरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में अभी तक पोल्ट्री में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। निगरानी के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है।

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