बर्ड फ्लू का मामला आया तो बनेंगे कंटेनमेंट जोन

Published by Razak Mohammad on

बर्ड फ्लू को लेकर आज उप निदेशक, पशु पालन विभाग ऊना डॉ. जय सिंह सेन विभाग के समस्त उपमंडल अधिकारियो?
– फोटो : Una

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ऊना। जिले में बर्ड फ्लू वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन अगर ऐसी कोई रिपोर्ट मिलती है तो प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्लान तैयार कर चुका है। जिसमें प्राथमिकता के आधार पर बर्ड फ्लू वाले चिह्नित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। इसके बाद पुलिस विभाग और राजस्व विभाग उस क्षेत्र को चिह्नित कर उस सख्ती कोरोना वायरस की भांति सख्ती बरतेगा। हालांकि अभी तक फ्रंटलाइन पर पशु पालन विभाग और वन विभाग प्रथम चरण में काम कर रहा है। दूसरे चरण में उपायुक्त राघव शर्मा ने राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को शामिल किया है। इसके बाद बर्ड फ्लू को रोकने के लिए लोनिवि और स्वास्थ्य विभाग अपनी भूमिका निभाएगा। डीसी के निर्देशानुसार वन विभाग जंगली पक्षियों, कौवे सहित अन्य वन्य प्राणियों पर ही नजर रखेगा। इस दौरान अगर कोई वन्य प्राणी मृत पाया जाता है तो पशु पालन विभाग उनके सैंपल लेकर जांच के लिए वन विभाग को सौंपेगा। वहीं, दूसरे चरण में अगर किसी स्थान पर बर्ड फ्लू की रिपोर्ट मिलती है तो राजस्व विभाग उस क्षेत्र को चिह्नित कर कंटेनमेंट जोन घोषित करेगा और पुलिस विभाग कोरोना कंटेनमेंट जोन की तरह उन क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए सख्ती रखेगा। तीसरे चरण में अगर किसी पॉल्ट्रीफॉर्म में मुर्गियां मृत पाई जाती है तो उन्हें उचित स्थान पर दबाने के लिए लोनिवि अपनी टीम और मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचेगा।
बॉक्स
बर्ड फ्लू को रोकने और उसके बाद का भी प्लान तैयार : डीसी
उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि जिला में बर्ड फ्लू को रोकने व आउट ब्रेक होने पर जिला प्रशासन की प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसमें अभी तक छह विभागों को शामिल किया गया है। उन्हें उनकी सभी जिम्मेदारियां बता दी गई हैं।

ऊना। जिले में बर्ड फ्लू वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन अगर ऐसी कोई रिपोर्ट मिलती है तो प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्लान तैयार कर चुका है। जिसमें प्राथमिकता के आधार पर बर्ड फ्लू वाले चिह्नित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। इसके बाद पुलिस विभाग और राजस्व विभाग उस क्षेत्र को चिह्नित कर उस सख्ती कोरोना वायरस की भांति सख्ती बरतेगा। हालांकि अभी तक फ्रंटलाइन पर पशु पालन विभाग और वन विभाग प्रथम चरण में काम कर रहा है। दूसरे चरण में उपायुक्त राघव शर्मा ने राजस्व विभाग और पुलिस विभाग को शामिल किया है। इसके बाद बर्ड फ्लू को रोकने के लिए लोनिवि और स्वास्थ्य विभाग अपनी भूमिका निभाएगा। डीसी के निर्देशानुसार वन विभाग जंगली पक्षियों, कौवे सहित अन्य वन्य प्राणियों पर ही नजर रखेगा। इस दौरान अगर कोई वन्य प्राणी मृत पाया जाता है तो पशु पालन विभाग उनके सैंपल लेकर जांच के लिए वन विभाग को सौंपेगा। वहीं, दूसरे चरण में अगर किसी स्थान पर बर्ड फ्लू की रिपोर्ट मिलती है तो राजस्व विभाग उस क्षेत्र को चिह्नित कर कंटेनमेंट जोन घोषित करेगा और पुलिस विभाग कोरोना कंटेनमेंट जोन की तरह उन क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए सख्ती रखेगा। तीसरे चरण में अगर किसी पॉल्ट्रीफॉर्म में मुर्गियां मृत पाई जाती है तो उन्हें उचित स्थान पर दबाने के लिए लोनिवि अपनी टीम और मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचेगा।

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बर्ड फ्लू को रोकने और उसके बाद का भी प्लान तैयार : डीसी

उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि जिला में बर्ड फ्लू को रोकने व आउट ब्रेक होने पर जिला प्रशासन की प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसमें अभी तक छह विभागों को शामिल किया गया है। उन्हें उनकी सभी जिम्मेदारियां बता दी गई हैं।

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