बड़ी राहत का संकेत : 19 राज्यों में अब एक जैसा मिल रहा कोरोना का जीनोम

Published by Razak Mohammad on


परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Updated Tue, 30 Jun 2020 05:33 AM IST

कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : ANI

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कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिक आगामी दिनों में बड़ी राहत मिलने का संकेत दे रहे हैं। अभी तक कोरोना वायरस के अलग अलग रूप सामने आ रहे थे, लेकिन बीते एक महीने से संक्रमित मरीजों में एक या दो तरह का जीनोम ही दिखाई दे रहा है। 19 राज्यों में कोरोना का सबसे ज्यादा ए2ए जीनोम मिला है।

हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने पहली बार देश में एक हजार से ज्यादा क्लैड इकट्ठा किए हैं, जिनमें 617 जीनोम ए2ए स्ट्रेन से जुड़ने होने का पता चला है। वहीं, 249 जीनोम ए3आई स्ट्रेन से जुड़े हैं। यह दोनों ही स्ट्रेन बाकी की तुलना में कम असरदार हैं।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन जीनोम के कम असरदार होने के चलते मरीज संक्रमित होने के बाद जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। बहुत ही कम लोगों में यह घातक बनता है। सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि पहली बार एक हजार से अधिक जीनोम एकत्रित करने के बाद एक वेबसाइट तैयार की है जिसमें राज्य अपने यहां किस स्ट्रेन के रोगी ज्यादा हैं? इसका पता लगा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि 19 राज्य की 33 लैब से 1031 जीनोम अनुक्रम एकत्रित किए हैं। इस वेबसाइट को गियर-19 नाम दिया है। करीब 1514 मरीजों के सैंपल से सूची तैयार की है। यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक एकत्रित सैंपल में 65.50 पुरूष और 34.40 फीसदी महिला मरीज हैं। जबकि कुछ सैंपल की पर्याप्त जानकारी अध्ययन के दौरान नहीं मिली है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि देश में पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। इसके बाद फरवरी के पहले सप्ताह में दो और मरीज मिले थे, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी थी। एक मई तक भारत में संक्रमित मरीजों में 55 देशों में फैलने वाले कोरोना के 10 स्ट्रेन मिले हैं। इनमें ए1ए, ए2ए, ए2, ए3, ए3आई, बी, बी1 और बी4 शामिल हैं। इन सभी को क्लैड नाम दिया है जिनसे वैज्ञानिक इनकी पहचान कर रहे हैं।

लेकिन 22 मई के बाद से जितने भी सैंपल पर अध्ययन किया गया उनमें से अधिकांश में ए2ए मिला है। वहीं, कुछ में बी4 भी पाया गया है। इसी माह जून की बात करें तो लगभग सभी मरीजों में एक जैसा ए2ए स्ट्रेन मिला है। उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में अलग अलग राज्य से 62 सैंपल लिए गए। दूसरे सप्ताह में भी 62 सैंपल ही लिए गए। इन 124 में से 120 सैंपल में ए2ए स्ट्रेन मिला है।

राज्य जीनोम ए2ए क्लैड
तेलंगाना 193 109
महाराष्ट्र 88 40
मध्य प्रदेश 45 31
गुजरात 314 291
ओडिशा 130 48
पश्चिम बंगाल 52 39
कर्नाटक 17 09
अन्य 75 16
दिल्ली 81 18
तमिलनाडु 36 16

(मरीजों के नाक और गले से लिए सैंपल की जांच के बाद ए2ए क्लैड का पता चला है।)

सार

  • पहली बार मिली सफलता, एक हजार से ज्यादा जीनोम हुए सुरक्षित
  • हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने बनाया डाटा, हर राज्य का अलग है ब्योरा 

विस्तार

कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिक आगामी दिनों में बड़ी राहत मिलने का संकेत दे रहे हैं। अभी तक कोरोना वायरस के अलग अलग रूप सामने आ रहे थे, लेकिन बीते एक महीने से संक्रमित मरीजों में एक या दो तरह का जीनोम ही दिखाई दे रहा है। 19 राज्यों में कोरोना का सबसे ज्यादा ए2ए जीनोम मिला है।

हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने पहली बार देश में एक हजार से ज्यादा क्लैड इकट्ठा किए हैं, जिनमें 617 जीनोम ए2ए स्ट्रेन से जुड़ने होने का पता चला है। वहीं, 249 जीनोम ए3आई स्ट्रेन से जुड़े हैं। यह दोनों ही स्ट्रेन बाकी की तुलना में कम असरदार हैं।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन जीनोम के कम असरदार होने के चलते मरीज संक्रमित होने के बाद जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। बहुत ही कम लोगों में यह घातक बनता है। सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि पहली बार एक हजार से अधिक जीनोम एकत्रित करने के बाद एक वेबसाइट तैयार की है जिसमें राज्य अपने यहां किस स्ट्रेन के रोगी ज्यादा हैं? इसका पता लगा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि 19 राज्य की 33 लैब से 1031 जीनोम अनुक्रम एकत्रित किए हैं। इस वेबसाइट को गियर-19 नाम दिया है। करीब 1514 मरीजों के सैंपल से सूची तैयार की है। यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक एकत्रित सैंपल में 65.50 पुरूष और 34.40 फीसदी महिला मरीज हैं। जबकि कुछ सैंपल की पर्याप्त जानकारी अध्ययन के दौरान नहीं मिली है।


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