फर्जी डिग्री मामला: मानव भारती विवि की डिग्रियों को अन्वेषक नियामक आयोग

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अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

द्वारा प्रकाशित: कृष्ण सिंह
अपडेटेड मैट, 07 अप्रैल 2021 05:00 पूर्वाह्न IST

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फर्जी डिग्री के फेर में फंसी मानव भारती विश्वविद्यालय की डिग्रियों को अब निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग भी जांचकर्ता। सही डिग्रियों की जांच कर योग्य छात्रों को राहत देने के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। विश्वविद्यालय से नियमित पढ़ाई करने वाले छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्यपाल के आदेशों पर आयोग ने यह पहल की है। डिग्रियों की जांच करने के लिए आयोग उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगा। वास्तव में फर्जी डिग्रियों की जांच के कारण कई छात्रों का भविष्य अधर में है। विवि की करीब 36 हजार डिग्रियां संदेह के घेरे में हैं। केवल पाँच हजार डिग्रियों को सही बताया जा रहा है। इन डिग्रियों की जांच के लिए निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने कमेटी गठित करने का फैसला लिया है।

जांच कमेटी में शिक्षा विभाग सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। डिग्रियों के सही पाए जाने पर छात्रों को नौकरी प्राप्त करने में आसानी से हो जाएगा। फर्जी डिग्री जांच के कारण अभी विवि से नियमित और सही तरीके से पढ़ाई करने वाले छात्र भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। बीते दिनों राज्यपाल ने भी स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई बैठक में मानव भारती विवि से पढ़ाई करने वाले सही छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दिए गए। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कई छात्र भी राज्यपाल से मिले थे। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल रिसिट्स अतुल कौशिक ने बताया कि डिग्रियों की जांच करने के लिए जल्द ही उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी। पात्र छात्रों के साथ नाइंसाफी न हो, इसके लिए डिग्रियों की जांच करने का फैसला लिया गया है।

विस्तार

फर्जी डिग्री के फेर में फंसी मानव भारती विश्वविद्यालय की डिग्रियों को अब निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग भी जांचकर्ता। सही डिग्रियों की जांच कर योग्य छात्रों को राहत देने के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। विश्वविद्यालय से नियमित पढ़ाई करने वाले छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्यपाल के आदेशों पर आयोग ने यह पहल की है। डिग्रियों की जांच करने के लिए आयोग उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगा। वास्तव में फर्जी डिग्रियों की जांच के कारण कई छात्रों का भविष्य अधर में है। विवि की करीब 36 हजार डिग्रियां संदेह के घेरे में हैं। केवल पाँच हजार डिग्रियों को सही बताया जा रहा है। इन डिग्रियों की जांच के लिए निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने कमेटी गठित करने का फैसला लिया है।

जांच कमेटी में शिक्षा विभाग सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। डिग्रियों के सही पाए जाने पर छात्रों को नौकरी प्राप्त करने में आसानी से हो जाएगा। फर्जी डिग्री जांच के कारण अभी विवि से नियमित और सही तरीके से पढ़ाई करने वाले छात्र भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। बीते दिनों राज्यपाल ने भी स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई बैठक में मानव भारती विवि से पढ़ाई करने वाले सही छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दिए गए। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कई छात्र भी राज्यपाल से मिले थे। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल रिसिट्स अतुल कौशिक ने बताया कि डिग्रियों की जांच करने के लिए जल्द ही उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी। पात्र छात्रों के साथ नाइंसाफी न हो, इसके लिए डिग्रियों की जांच करने का फैसला लिया गया है।





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