फर्जी कॉल सेंटर से 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार

Published by Razak Mohammad on


सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹365 & To get 20% off, use code: 20OFF

ख़बर सुनें

मध्यप्रदेश पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कर्ज देने का झांसा देकर करीब 10 हजार लोगों को 10 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह का खुलासा किया और दो युवतियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक (भोपाल जोन) उपेंद्र जैन ने शनिवार कहा, ‘हमने गिरोह के सरगना ऑनलाइन डिजाइनर, बीकॉम स्नातक डेविड कुमार जाटव (21) और उसकी दो सहयोगियों मनीषा भट्ट (27) और उसकी बहन नेहा भट्ट (23) को नोएडा से गिरफ्तार किया है।’

उन्होंने बताया कि जाटव गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है जबकि मनीषा और नेहा, उत्तराखंड से बीए स्नातक हैं। एक अन्य आरोपी कमल कश्यप फिलहाल फरार है। आरोपी साल 2018 से अनेक वेबसाइटों के जरिए लोगों को कम ब्याज पर कर्ज देने की बात कहकर ठगी करते थे।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से ठगी में उपयोग किए गए छह लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 21 पेन ड्राइव और आठ सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों को आज भोपाल में अदालत में पेश कर उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। 

बता दें कि मध्यप्रदेश पुलिस के पास दिसंबर 2019 में पदमेश सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वेबसाइट ‘स्विफ्ट फाइनेंस डॉट इन’ के जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। इसपर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ अपनी जांच शुरू की थी।

मध्यप्रदेश पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कर्ज देने का झांसा देकर करीब 10 हजार लोगों को 10 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह का खुलासा किया और दो युवतियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक (भोपाल जोन) उपेंद्र जैन ने शनिवार कहा, ‘हमने गिरोह के सरगना ऑनलाइन डिजाइनर, बीकॉम स्नातक डेविड कुमार जाटव (21) और उसकी दो सहयोगियों मनीषा भट्ट (27) और उसकी बहन नेहा भट्ट (23) को नोएडा से गिरफ्तार किया है।’

उन्होंने बताया कि जाटव गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है जबकि मनीषा और नेहा, उत्तराखंड से बीए स्नातक हैं। एक अन्य आरोपी कमल कश्यप फिलहाल फरार है। आरोपी साल 2018 से अनेक वेबसाइटों के जरिए लोगों को कम ब्याज पर कर्ज देने की बात कहकर ठगी करते थे।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से ठगी में उपयोग किए गए छह लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 21 पेन ड्राइव और आठ सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों को आज भोपाल में अदालत में पेश कर उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। 

बता दें कि मध्यप्रदेश पुलिस के पास दिसंबर 2019 में पदमेश सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वेबसाइट ‘स्विफ्ट फाइनेंस डॉट इन’ के जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। इसपर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ अपनी जांच शुरू की थी।

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *