प्रिंस हत्याकांड : गुनाह पुलिसकर्मियों से हुआ, सजा भुगत रहा बस कंडक्टर और उसका परिवार

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 10 Jan 2021 07:57 AM IST

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गुरुग्राम के भोंडसी स्थित एक निजी स्कूल में करीब साढ़े तीन साल पहले हुई सात वर्षीय मासूम प्रिंस की हत्या मामले में सीबीआई ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ पंचकूला की विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया। सीबीआई के मुताबिक, बस कंडक्टर को फंसाने के लिए इन पुलिसकर्मियों ने अदालत में चार झूठे बयान भी दर्ज कराए। पुलिस के इस गुनाह की सजा पीड़ित बस कंडक्टर अशोक कुमार और उसके परिवार का भुगतनी पड़ी। पीड़ित अशोक को जेल से बाहर आने पर कहीं काम नहीं मिला, परिवार सड़क पर आ गया और उसके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया।

हाल ही में गुरुग्राम के स्कूल में हुए प्रिंस हत्याकांड मामले में सीबीआई ने तत्कालीन सोहना एसीपी ब्रह्मसिंह समेत कुल चार पुलिस अधिकारियों, भोंडसी थाने के तत्कालीन प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह एवं ईएएसआई सुभाष चंद के खिलाफ पंचकूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में सीबीआई ने इन चारों को तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने का दोषी माना है। सीबीआई के मुताबिक, बस कंडक्टर को फंसाने के लिए अदालत में चार झूठे बयान दर्ज कराने की बात भी जांच में सामने आई थी। वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधन को क्लीनचिट दे दी है।

मन और शरीर पर लगी चोट :
सीबीआई ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को प्रिंस हत्याकांड मामले में झूठा फंसाया। आशोक के परिवार ने कहा कि मामले में करीब तीन साढ़े तीन साल बाद अभी भी शारीरिक और मानसिक दोनों पर चोट है, दोनों को ठीक करना बाकी है। परिवार ने कहा कि अशोक पुलिस हिरासत में इस कदर पीटा गया कि अब वह कोई काम करने लायक नहीं बचा और ना ही कोई उसे काम देने को तैयार है। 

गुरुग्राम के भोंडसी स्थित एक निजी स्कूल में करीब साढ़े तीन साल पहले हुई सात वर्षीय मासूम प्रिंस की हत्या मामले में सीबीआई ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ पंचकूला की विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया। सीबीआई के मुताबिक, बस कंडक्टर को फंसाने के लिए इन पुलिसकर्मियों ने अदालत में चार झूठे बयान भी दर्ज कराए। पुलिस के इस गुनाह की सजा पीड़ित बस कंडक्टर अशोक कुमार और उसके परिवार का भुगतनी पड़ी। पीड़ित अशोक को जेल से बाहर आने पर कहीं काम नहीं मिला, परिवार सड़क पर आ गया और उसके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया।

हाल ही में गुरुग्राम के स्कूल में हुए प्रिंस हत्याकांड मामले में सीबीआई ने तत्कालीन सोहना एसीपी ब्रह्मसिंह समेत कुल चार पुलिस अधिकारियों, भोंडसी थाने के तत्कालीन प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह एवं ईएएसआई सुभाष चंद के खिलाफ पंचकूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में सीबीआई ने इन चारों को तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने का दोषी माना है। सीबीआई के मुताबिक, बस कंडक्टर को फंसाने के लिए अदालत में चार झूठे बयान दर्ज कराने की बात भी जांच में सामने आई थी। वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधन को क्लीनचिट दे दी है।

मन और शरीर पर लगी चोट :

सीबीआई ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को प्रिंस हत्याकांड मामले में झूठा फंसाया। आशोक के परिवार ने कहा कि मामले में करीब तीन साढ़े तीन साल बाद अभी भी शारीरिक और मानसिक दोनों पर चोट है, दोनों को ठीक करना बाकी है। परिवार ने कहा कि अशोक पुलिस हिरासत में इस कदर पीटा गया कि अब वह कोई काम करने लायक नहीं बचा और ना ही कोई उसे काम देने को तैयार है। 

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Categories: Haryana

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