पहले दिन प्रवासी लोगों ने प्रदेश में किया प्रवेश

Published by Razak Mohammad on

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹365 & To get 20% off, use code: 20OFF

ख़बर सुनें

कंडवाल (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल के सभी बॉर्डरों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी पास या कोविड-19 की रिपोर्ट के जिले में प्रवेश कर सकता है। पंजाब की सीमा से सटे हिमाचल के कंडवाल बैरियर में सीमाएं खुलने के बाद लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। अमर उजाला ने कंडवाल बैरियर पर दो घंटे तक लाइव रिपोर्टिंग की। सीमा पर ई-पास से प्रवेश प्रथा बंद होने के पहले दिन प्रवासियों ने कांगड़ा जिला में प्रवेश किया। बुधवार को कंडवाल बैरियर से बाहरी राज्यों से आने वाले एक भी पर्यटक ने प्रवेश नहीं किया है। केवल 35 से 40 प्रवासी मजदूर ही काम करने के लिए जिला कांगड़ा में आए। ये लोग अपने दूर घरों से प्रदेश में रोजी रोटी कमाने आए थे। इन्हें थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रदेश में प्रवेश दिया गया। एएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि कंडवाल बैरियर अब खोल दिया गया है। प्रदेश में प्रवेश करने के लिए अब कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना पड़ेगा। स्क्रीनिंग में संदिग्ध दिखने वालों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। कंडवाल के सीमावर्ती गांवों के स्थानीय लोगों, जो पठानकोट तक आते-जाते थे, ने हिमाचल सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

कंडवाल (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल के सभी बॉर्डरों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी पास या कोविड-19 की रिपोर्ट के जिले में प्रवेश कर सकता है। पंजाब की सीमा से सटे हिमाचल के कंडवाल बैरियर में सीमाएं खुलने के बाद लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। अमर उजाला ने कंडवाल बैरियर पर दो घंटे तक लाइव रिपोर्टिंग की। सीमा पर ई-पास से प्रवेश प्रथा बंद होने के पहले दिन प्रवासियों ने कांगड़ा जिला में प्रवेश किया। बुधवार को कंडवाल बैरियर से बाहरी राज्यों से आने वाले एक भी पर्यटक ने प्रवेश नहीं किया है। केवल 35 से 40 प्रवासी मजदूर ही काम करने के लिए जिला कांगड़ा में आए। ये लोग अपने दूर घरों से प्रदेश में रोजी रोटी कमाने आए थे। इन्हें थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रदेश में प्रवेश दिया गया। एएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि कंडवाल बैरियर अब खोल दिया गया है। प्रदेश में प्रवेश करने के लिए अब कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना पड़ेगा। स्क्रीनिंग में संदिग्ध दिखने वालों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। कंडवाल के सीमावर्ती गांवों के स्थानीय लोगों, जो पठानकोट तक आते-जाते थे, ने हिमाचल सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

Source link

Categories: Kangra

0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *