पठानकोट में बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारी, कंट्रोल रूम बना, जालंधर भेजे जा रहे पक्षियों के सैंपल

Published by Razak Mohammad on

संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Updated Fri, 08 Jan 2021 06:56 PM IST

पक्षियों पर रखी जा रही निगरानी।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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पौंग बांध वेटलैंड में बर्ड फ्लू के कारण विदेशी पक्षियों की मौत के बाद पठानकोट में पशु पालन, वन्य जीव विभाग और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शुक्रवार को डीसी संयम अग्रवाल के साथ हुई बैठक में पशु पालन विभाग ने हिमाचल प्रदेश से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों पर रोक लगाने की मांग रखी। 

जिलेभर में पोल्ट्री उत्पादों की सैंपलिंग प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। साथ ही पशुपालन विभाग ने स्थानीय वेटलैंड और पोल्ट्री फार्मों से सैंपल लेकर जांच को जालंधर स्थित लैब भेजे हैं। जानकारी के अनुसार पशु पालन विभाग ने किसी भी तरह के संभावित खतरे से बचाव के लिए सिविल अस्पताल में 30 पीपीई किट एडवांस में रखवा दी हैं। वेटरिनरी अस्पताल में कंट्रोल रूम बनाया गया है। 28 टीमों का गठन भी कर लिया गया है। इन टीमों में एक डॉक्टर, फार्मेसिस्ट के साथ संबंधित विभागों के कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। 

180 पोल्ट्री फार्मों में 12 लाख से अधिक पक्षी
जिला प्रशासन के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने जिले में चल रहे पोल्ट्री फार्मों की जांच शुरू कर दी है। इसकी सैंपलिंग की जा रही है। इन सभी पोल्ट्री फार्मों में 12 लाख से अधिक पक्षी हैं। साथ ही पोल्ट्री चलाने वालों से कहा गया है कि यदि किसी कारण फार्म में पक्षी की मौत होती है तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें। 

डीसी संयम अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल स्थित पूरी तरह नियंत्रित है। किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। पशुपालन विभाग संबंधित पोल्ट्री फार्मों व वेटलैंड से अधिक से अधिक सैंपलिग करें और इन्हें जांच के लिए लैब भेजे। संबंधित विभागों ने डे-नाइट पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी है।

अच्छी तरह पकाकर खाने पर चिकन और अंडे में नहीं बचता वायरस
वायरस से ग्रस्त पक्षी की बीट के संपर्क में आने से वायरस फैलने का खतरा रहता है। कच्चा अंडा या चिकन खाने से बचना चाहिए। चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाने से वायरस मर जाता है। अच्छी तरह पकाने से उसका विपरीत असर नहीं होता। चिकन को 70 डिग्री तापमान से ऊपर पकाया जाना चाहिए। इस बाबत सभी होटल, रेस्टोरेंट मालिकों को अवगत करवा दिया गया है।  -डॉ. रमेश कोहली, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग।

पौंग बांध वेटलैंड में बर्ड फ्लू के कारण विदेशी पक्षियों की मौत के बाद पठानकोट में पशु पालन, वन्य जीव विभाग और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शुक्रवार को डीसी संयम अग्रवाल के साथ हुई बैठक में पशु पालन विभाग ने हिमाचल प्रदेश से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों पर रोक लगाने की मांग रखी। 

जिलेभर में पोल्ट्री उत्पादों की सैंपलिंग प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। साथ ही पशुपालन विभाग ने स्थानीय वेटलैंड और पोल्ट्री फार्मों से सैंपल लेकर जांच को जालंधर स्थित लैब भेजे हैं। जानकारी के अनुसार पशु पालन विभाग ने किसी भी तरह के संभावित खतरे से बचाव के लिए सिविल अस्पताल में 30 पीपीई किट एडवांस में रखवा दी हैं। वेटरिनरी अस्पताल में कंट्रोल रूम बनाया गया है। 28 टीमों का गठन भी कर लिया गया है। इन टीमों में एक डॉक्टर, फार्मेसिस्ट के साथ संबंधित विभागों के कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। 

180 पोल्ट्री फार्मों में 12 लाख से अधिक पक्षी

जिला प्रशासन के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने जिले में चल रहे पोल्ट्री फार्मों की जांच शुरू कर दी है। इसकी सैंपलिंग की जा रही है। इन सभी पोल्ट्री फार्मों में 12 लाख से अधिक पक्षी हैं। साथ ही पोल्ट्री चलाने वालों से कहा गया है कि यदि किसी कारण फार्म में पक्षी की मौत होती है तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें। 

डीसी संयम अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल स्थित पूरी तरह नियंत्रित है। किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। पशुपालन विभाग संबंधित पोल्ट्री फार्मों व वेटलैंड से अधिक से अधिक सैंपलिग करें और इन्हें जांच के लिए लैब भेजे। संबंधित विभागों ने डे-नाइट पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी है।

अच्छी तरह पकाकर खाने पर चिकन और अंडे में नहीं बचता वायरस

वायरस से ग्रस्त पक्षी की बीट के संपर्क में आने से वायरस फैलने का खतरा रहता है। कच्चा अंडा या चिकन खाने से बचना चाहिए। चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाने से वायरस मर जाता है। अच्छी तरह पकाने से उसका विपरीत असर नहीं होता। चिकन को 70 डिग्री तापमान से ऊपर पकाया जाना चाहिए। इस बाबत सभी होटल, रेस्टोरेंट मालिकों को अवगत करवा दिया गया है।  -डॉ. रमेश कोहली, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग।

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Categories: Punjab

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