पंजाब: ग्लाडा टीम पर उपद्रवियों ने किया पथराव, मूर्तियां खंडित होने पर भाजपाइयों का हंगामा

Published by Razak Mohammad on

अवैध निर्माण तोड़ती जेसीबी।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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मोती नगर इलाके में स्थित विश्वकर्मा नगर की खोका मार्केट में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बैठे लोगों को हटाने गई ग्लाडा टीम पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। पथराव में कई अधिकारियों को चोट आई है। उन्हें वहां से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। ग्लाडा टीम के साथ सुबह से तैनात पुलिस पार्टी ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हटाया। 

ग्लाडा की डिच मशीनों के पंजे वहां बने 35 साल पुराने मंदिर पर जा लगा। इससे मंदिर टूट गया और वहां रखी मूर्तियां खंडित हो गई। इससे लोगों में काफी रोष फैल गया। सूचना मिलने के बाद भाजपा नेता कांतेदु शर्मा साथियों के साथ वहां पहुंच गए। सभी नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया और कार्रवाई के बाद छोड़ा गया। इसके बाद कई हिंदू नेता वहां पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। एसीपी सिमरनजीत सिंह लंग ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद भाजपा नेता और हिंदू नेता वहां से गए।  

ग्लाडा प्रशासन ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने के लिए जहां कार्रवाई की, वहां करीब आठ महीने पहले भी कब्जे हटाए गए थे। शेष कब्जों को हटाने के लिए ग्लाडा प्रशासन की टीम सुबह साढ़े 9 बजे मौके पर पहुंची। खोखा मार्केट में झुग्गियों को हटाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही ग्लाडा की डिच मशीन चलनी शुरू हुई तो विरोध शुरू हो गया। 

लोगों ने डिच मशीन के आगे लेटकर कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्लाडा की कार्रवाई जारी रही। कार्रवाई के दौरान वहां बने पुराने मंदिर को तोड़ दिया गया। वहां मूर्तियां खंडित हो गई। इससे लोग गुस्से में आ गए। भाजपा नेता कांतेंदु शर्मा, तीर्थ तनेजा, धर्मेद शर्मा, जतिंदर गोरेयन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंच गए। 



भाजपा नेताओं ने धार्मिक स्थल पर कार्रवाई करने का विरोध शुरू किया तो लोगों ने भी इस कार्रवाई के लिए विधायक संजय तलवाड़, पार्षद पति दीपक उप्पल और गौरव भट्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच उपद्रवियों ने ग्लाडा कर्मियों पर पथराव कर दिया। पथराव में कई कर्मियों को चोटें आई। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस कर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया। इलाके में तनाव होने की सूचना मिलने पर थाना मोती नगर की पुलिस और खुद उच्चाधिकारी भी वहां पहुंच गए। 

भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने विरोध

पुलिस की ओर से भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने की सूचना मिलने पर पार्टी के जिला महासचिव कांतेंदु, नवल जैन के अलावा शिवसेना नेता मुकेश शर्मा, हिंदू नेता लक्की कपूर समेत अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सभी ने विरोध जताया कि ग्लाडा के अधिकारियों ने साजिश के तहत धार्मिक स्थल को निशाना बनाया है।

धार्मिक स्थल पर कार्रवाई करनी थी तो कम से कम पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। भाजपा और हिंदू नेताओं ने ग्लाडा के अधिकारियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में कार्रवाई करने की मांग एसीपी से की है। ग्लाडा मुलाजिम और शिवसेना-भाजपा नेता एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत देने पहुंचे। 

जांच के बाद होगी कार्रवाई: एसीपी

एसीपी सिमरनजीत सिंह लंग ने बताया कि कब्जे हटाने की कार्रवाई में विघ्न डालने के लिए जिन लोगों ने पथराव किया है, उनकी पहचान की जा रही है। पथराव करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। रही बात ग्लाडा अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों की, इस बारे में लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। 

मोती नगर इलाके में स्थित विश्वकर्मा नगर की खोका मार्केट में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बैठे लोगों को हटाने गई ग्लाडा टीम पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। पथराव में कई अधिकारियों को चोट आई है। उन्हें वहां से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। ग्लाडा टीम के साथ सुबह से तैनात पुलिस पार्टी ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हटाया। 

ग्लाडा की डिच मशीनों के पंजे वहां बने 35 साल पुराने मंदिर पर जा लगा। इससे मंदिर टूट गया और वहां रखी मूर्तियां खंडित हो गई। इससे लोगों में काफी रोष फैल गया। सूचना मिलने के बाद भाजपा नेता कांतेदु शर्मा साथियों के साथ वहां पहुंच गए। सभी नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया और कार्रवाई के बाद छोड़ा गया। इसके बाद कई हिंदू नेता वहां पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। एसीपी सिमरनजीत सिंह लंग ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद भाजपा नेता और हिंदू नेता वहां से गए।  

ग्लाडा प्रशासन ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने के लिए जहां कार्रवाई की, वहां करीब आठ महीने पहले भी कब्जे हटाए गए थे। शेष कब्जों को हटाने के लिए ग्लाडा प्रशासन की टीम सुबह साढ़े 9 बजे मौके पर पहुंची। खोखा मार्केट में झुग्गियों को हटाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही ग्लाडा की डिच मशीन चलनी शुरू हुई तो विरोध शुरू हो गया। 

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