नप अध्यक्ष पद के लिए खींचतान

Published by Razak Mohammad on

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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए खींचतान शुरू हो गई है। वहीं कांग्रेस ने चेताया कि अध्यक्ष कांग्रेस का ही होगा। इसके लिए कोई भी गलतफहमी न पालें। बेशक भाजपा ने अध्यक्ष पद के जोड़तोड़ का अभियान गुपचुप तरीके से चलाया है, लेकिन घुमारवीं कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों कांग्रेस के होंगे। वहीं दूसरी तरफ अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन मौजूदा समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार है और घुमारवीं विधानसभा से प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं। इसके चलते उन्हें भी कम नहीं आंका जा सकता है।
घुमारवीं नगर परिषद में अगर अंकों के हिसाब से देखा जाए तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास दो-दो समर्थित उम्मीदवार हैं। तीन उम्मीदवार निर्दलीय जीतकर आए हैं। दो निर्दलीय उम्मीदवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से संबंधित है, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार के पिता भाजपा संबंधित पृष्ठभूमि से हैं। शहर में अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं का जोर पकड़ चुका है। हालांकि भाजपा समर्थित एक उम्मीदवार ने यह दावा भी कर दिया है कि राकेश चोपड़ा के लिए त्यागपत्र दे सकता हूं लेकिन राकेश चोपड़ा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उधर, घुमारवीं कांग्रेस यह दावा कर रही है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस का बनेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों ही राजनीतिक दलों के पास सिर्फ दो-दो उम्मीदवार जीतकर आए हैं, जबकि अध्यक्ष बनने के लिए 4 उम्मीदवारों की जरूरत है।
रीता सहगल की दावेदारी भी कम नहीं आंकी जा सकती है। मौजूदा समय में जीतकर आईं तीनों महिलाओं में सबसे ज्यादा अनुभवी रीता सहगल ही है जो पहले भी बतौर नगर परिषद अध्यक्ष काम कर चुकी हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस ने रीता सहगल से दूरी बनाए रखी है क्योंकि रीता सहगल ने 2018 में अध्यक्ष गीता महाजन को हटाकर राकेश चोपड़ा को अध्यक्ष पद दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
वार्ड नंबर 1 से जीतकर आई उर्मिला भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। अगर अश्विनी रतवान, निशा चोपड़ा और श्याम शर्मा अपना समर्थन देते हैं तो उर्मिला देवी भी अध्यक्ष बन सकती हैं। चुनाव आयोग की तरफ से 18 जनवरी को जीतकर आए उम्मीदवारों का शपथ कार्यक्रम रखा गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि घुमारवीं नगर परिषद को क्या 18 जनवरी को नया अध्यक्ष मिलेगा। वहीं राकेश चोपड़ा जब धन्यवाद करने के शहर के लोगों से मिले तो उन्होंने भी दावा जताया है कि अध्यक्ष पद पर उनकी बेटी ही काबिज होगी। लेकिन यह भाजपा को हरगिज मंजूर नहीं होगा इसलिए अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है।

घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए खींचतान शुरू हो गई है। वहीं कांग्रेस ने चेताया कि अध्यक्ष कांग्रेस का ही होगा। इसके लिए कोई भी गलतफहमी न पालें। बेशक भाजपा ने अध्यक्ष पद के जोड़तोड़ का अभियान गुपचुप तरीके से चलाया है, लेकिन घुमारवीं कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों कांग्रेस के होंगे। वहीं दूसरी तरफ अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन मौजूदा समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार है और घुमारवीं विधानसभा से प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं। इसके चलते उन्हें भी कम नहीं आंका जा सकता है।

घुमारवीं नगर परिषद में अगर अंकों के हिसाब से देखा जाए तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास दो-दो समर्थित उम्मीदवार हैं। तीन उम्मीदवार निर्दलीय जीतकर आए हैं। दो निर्दलीय उम्मीदवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से संबंधित है, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार के पिता भाजपा संबंधित पृष्ठभूमि से हैं। शहर में अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं का जोर पकड़ चुका है। हालांकि भाजपा समर्थित एक उम्मीदवार ने यह दावा भी कर दिया है कि राकेश चोपड़ा के लिए त्यागपत्र दे सकता हूं लेकिन राकेश चोपड़ा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उधर, घुमारवीं कांग्रेस यह दावा कर रही है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस का बनेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों ही राजनीतिक दलों के पास सिर्फ दो-दो उम्मीदवार जीतकर आए हैं, जबकि अध्यक्ष बनने के लिए 4 उम्मीदवारों की जरूरत है।

रीता सहगल की दावेदारी भी कम नहीं आंकी जा सकती है। मौजूदा समय में जीतकर आईं तीनों महिलाओं में सबसे ज्यादा अनुभवी रीता सहगल ही है जो पहले भी बतौर नगर परिषद अध्यक्ष काम कर चुकी हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस ने रीता सहगल से दूरी बनाए रखी है क्योंकि रीता सहगल ने 2018 में अध्यक्ष गीता महाजन को हटाकर राकेश चोपड़ा को अध्यक्ष पद दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

वार्ड नंबर 1 से जीतकर आई उर्मिला भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। अगर अश्विनी रतवान, निशा चोपड़ा और श्याम शर्मा अपना समर्थन देते हैं तो उर्मिला देवी भी अध्यक्ष बन सकती हैं। चुनाव आयोग की तरफ से 18 जनवरी को जीतकर आए उम्मीदवारों का शपथ कार्यक्रम रखा गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि घुमारवीं नगर परिषद को क्या 18 जनवरी को नया अध्यक्ष मिलेगा। वहीं राकेश चोपड़ा जब धन्यवाद करने के शहर के लोगों से मिले तो उन्होंने भी दावा जताया है कि अध्यक्ष पद पर उनकी बेटी ही काबिज होगी। लेकिन यह भाजपा को हरगिज मंजूर नहीं होगा इसलिए अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है।

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