नगर निगम के विरोध से पीछे हटी संघर्ष समिति

Published by Razak Mohammad on

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सोलन। नगर निगम में आसपास की पंचायतों को शामिल करने के विरोध में गठित ग्रामीण संघर्ष समिति ने आंदोलन से हाथ पीछे खींच लिए हैं। एक बड़े घटनाक्रम के तहत सीएम जयराम से मुलाकात के बाद समिति के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। जबकि दूसरी तरफ नई कार्यकारिणी का गठन कर लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि पद छोड़ने वाले पदाधिकारी भाजपा समर्थित हैं, जबकि नई समिति में विपक्ष से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुराने पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि निगम के गठन में संशोधन के साथ 40 हजार की शहरी आबादी ली जाएगी, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों को मर्ज नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति के पूर्व सदस्य एवं सप्रून ग्राम पंचायत के प्रधान मदन मेहता ने कहा कि अगर ऐसा होने जा रहा है तो संघर्ष की आवश्यकता नहीं। लिहाजा कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।
उधर, शुक्रवार को सोलन नगर निगम में गांवों को मिलाए जाने के फैसले के विरोध में गठित की गई ग्रामीण संघर्ष समिति की विस्तारित बैठक सेरी में गांव में हुई। इस दौरान समिति के नए अध्यक्ष बने किरण किशोर का कहना है कि सरकार ने नगर निगम में पंचायतों को शामिल करने की अधिसूचना जारी की है। इसे लेकर कार्रवाई चल रही है। अगर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को निगम में शामिल नहीं करेगी तो इसकी भी लिखित में अधिसूचना जारी करे, हम पीछे हट जाएंगे। लिखित में जवाब आने तक समिति का संघर्ष जारी रहेगा। पुरानी समिति में से अध्यक्ष कांति स्वरूप शर्मा और उपाध्यक्ष जगदीश वर्मा ने समिति छोड़ दी है। इसके बाद नई संघर्ष समिति का गठन करना पड़ा।
किरण किशोर अध्यक्ष, नेत्र बने संयोजक
शुक्रवार को सेरी गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीण संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी का चयन किया गया। कार्यकारिणी में किरण किशोर को अध्यक्ष, नेत्र सिंह उर्फ लेशू को संयोजक, इंद्र, एआर वर्मा, मोहन और मोहन लाल को सलाहकार, मोहन और हितेश शर्मा को वरिष्ठ उपप्रधान, नीरज को प्रवक्ता, मनोज वर्मा को सचिव, मोहित वर्मा, सुरेंद्र, कमल को सह-सचिव और भूपेंद्र, बीना चौहान और सविता को उपप्रधान नियुक्त किया गया। इस मौके पर विभिन्न पंचायतों के प्रधान और उपप्रधानों सहित कई अन्य लोग भी शामिल रहे। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण संघर्ष समिति के पूर्व में किए गए फैसले के अनुसार 21 तारीख को जिलाधीश कार्यालय सोलन में ग्रामीण एकत्र होंगे और नगर निगम में गांवों को शामिल किए जाने के निर्णय के विरोध में अपनी आपत्तियां दर्ज करवाएंगे। इसके साथ ही बैठक से प्रदेश सरकार से भी आग्रह किया गया कि वह ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास न करे। यदि यह निर्णय लिया जा चुका है कि नगर निगम सोलन में गांवों को शामिल नहीं किया जाएगा तो प्रदेश सरकार अपनी नगर निगम सोलन के गठन से जुड़ी अधिसूचना को वापस ले। सरकार गांवों को नगर निगम में न जोड़े जाने की अधिसूचना जारी करे। वहीं, निर्णय लिया गया कि जो पहले मुख्य कार्यकारिणी के सदस्य थे वे अब भी एक्टिव एक्शन कमेटी के सदस्य रहेंगे।

सोलन। नगर निगम में आसपास की पंचायतों को शामिल करने के विरोध में गठित ग्रामीण संघर्ष समिति ने आंदोलन से हाथ पीछे खींच लिए हैं। एक बड़े घटनाक्रम के तहत सीएम जयराम से मुलाकात के बाद समिति के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। जबकि दूसरी तरफ नई कार्यकारिणी का गठन कर लिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि पद छोड़ने वाले पदाधिकारी भाजपा समर्थित हैं, जबकि नई समिति में विपक्ष से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुराने पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि निगम के गठन में संशोधन के साथ 40 हजार की शहरी आबादी ली जाएगी, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों को मर्ज नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति के पूर्व सदस्य एवं सप्रून ग्राम पंचायत के प्रधान मदन मेहता ने कहा कि अगर ऐसा होने जा रहा है तो संघर्ष की आवश्यकता नहीं। लिहाजा कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।

उधर, शुक्रवार को सोलन नगर निगम में गांवों को मिलाए जाने के फैसले के विरोध में गठित की गई ग्रामीण संघर्ष समिति की विस्तारित बैठक सेरी में गांव में हुई। इस दौरान समिति के नए अध्यक्ष बने किरण किशोर का कहना है कि सरकार ने नगर निगम में पंचायतों को शामिल करने की अधिसूचना जारी की है। इसे लेकर कार्रवाई चल रही है। अगर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को निगम में शामिल नहीं करेगी तो इसकी भी लिखित में अधिसूचना जारी करे, हम पीछे हट जाएंगे। लिखित में जवाब आने तक समिति का संघर्ष जारी रहेगा। पुरानी समिति में से अध्यक्ष कांति स्वरूप शर्मा और उपाध्यक्ष जगदीश वर्मा ने समिति छोड़ दी है। इसके बाद नई संघर्ष समिति का गठन करना पड़ा।

किरण किशोर अध्यक्ष, नेत्र बने संयोजक
शुक्रवार को सेरी गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीण संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी का चयन किया गया। कार्यकारिणी में किरण किशोर को अध्यक्ष, नेत्र सिंह उर्फ लेशू को संयोजक, इंद्र, एआर वर्मा, मोहन और मोहन लाल को सलाहकार, मोहन और हितेश शर्मा को वरिष्ठ उपप्रधान, नीरज को प्रवक्ता, मनोज वर्मा को सचिव, मोहित वर्मा, सुरेंद्र, कमल को सह-सचिव और भूपेंद्र, बीना चौहान और सविता को उपप्रधान नियुक्त किया गया। इस मौके पर विभिन्न पंचायतों के प्रधान और उपप्रधानों सहित कई अन्य लोग भी शामिल रहे। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण संघर्ष समिति के पूर्व में किए गए फैसले के अनुसार 21 तारीख को जिलाधीश कार्यालय सोलन में ग्रामीण एकत्र होंगे और नगर निगम में गांवों को शामिल किए जाने के निर्णय के विरोध में अपनी आपत्तियां दर्ज करवाएंगे। इसके साथ ही बैठक से प्रदेश सरकार से भी आग्रह किया गया कि वह ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास न करे। यदि यह निर्णय लिया जा चुका है कि नगर निगम सोलन में गांवों को शामिल नहीं किया जाएगा तो प्रदेश सरकार अपनी नगर निगम सोलन के गठन से जुड़ी अधिसूचना को वापस ले। सरकार गांवों को नगर निगम में न जोड़े जाने की अधिसूचना जारी करे। वहीं, निर्णय लिया गया कि जो पहले मुख्य कार्यकारिणी के सदस्य थे वे अब भी एक्टिव एक्शन कमेटी के सदस्य रहेंगे।

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