दिल्ली विधानसभा की शांति सद्भाव समिति के सामने पेश नहीं हुए फेसबुक के अधिकारी, फिर भेजा समन

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

Updated Tue, 15 Sep 2020 02:32 PM IST

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फेसबुक के जवाब से असंतुष्ट और नाराज दिल्ली विधानसभा की शांति व सौहार्द कमेटी ने उसे चेतावनी दे दी है। इसके साथ ही कमेटी ने फेसबुक को पेश होने का एक आखिरी मौका देते हुए कहा है कि अगर वो अब पेश न हुए तो कमेटी फेसबुक के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

कमेटी ने कहा है कि फेसबुक को यह मौका प्राकृतिक न्याय के अंतर्गत दिया गया है। बता दें कि दिल्ली हिंसा मामले में कमेटी ने फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष अजीत मोहन को समन भेजा है। फेसबुक पर आरोप है कि उसने घृणास्पद भाषण को लेकर उदासीनता दिखाई जिसके चलते दिल्ली की शांति भंग हुई।

शांति और सौहार्द समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने इसे समिति का अपमान बताया है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि यह दिल्ली के दो करोड़ लोगों का अपमान है। फेसबुक के वकीलों ने अधिकारियों को गलत सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली दंगों में फेसबुक की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है। अगर फेसबुक ये कहता है कि संसद की समिति के सामने हमने अपना जवाब दे दिया है जो इस मुद्दे पर विचार कर रही है तो ये गलत है। विधानसभा समिति चाहेत तो इसके लिए वारंट जारी करवा सकती है।

चड्ढा ने ये भी कहा कि फेसबुक विधानसभा समिति से भाग रहा है और कुछ छिपा रहा है। इससे तो ऐसा लगता है कि दिल्ली दंगों को लेकर फेसबुक पर जो आरोप लगे हैं वो शायद बिल्कुल सही हैं। चड्ढा ने कहा कि चेतावनी के साथ आखिरी मौका फेसबुक को दे रहे हैं कि फेसबुक इंडिया के एमडी और वाइस प्रेसिडेंट अजीत मोहन पेश हों।

फेसबुक के जवाब से असंतुष्ट और नाराज दिल्ली विधानसभा की शांति व सौहार्द कमेटी ने उसे चेतावनी दे दी है। इसके साथ ही कमेटी ने फेसबुक को पेश होने का एक आखिरी मौका देते हुए कहा है कि अगर वो अब पेश न हुए तो कमेटी फेसबुक के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

कमेटी ने कहा है कि फेसबुक को यह मौका प्राकृतिक न्याय के अंतर्गत दिया गया है। बता दें कि दिल्ली हिंसा मामले में कमेटी ने फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष अजीत मोहन को समन भेजा है। फेसबुक पर आरोप है कि उसने घृणास्पद भाषण को लेकर उदासीनता दिखाई जिसके चलते दिल्ली की शांति भंग हुई।

शांति और सौहार्द समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने इसे समिति का अपमान बताया है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि यह दिल्ली के दो करोड़ लोगों का अपमान है। फेसबुक के वकीलों ने अधिकारियों को गलत सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली दंगों में फेसबुक की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है। अगर फेसबुक ये कहता है कि संसद की समिति के सामने हमने अपना जवाब दे दिया है जो इस मुद्दे पर विचार कर रही है तो ये गलत है। विधानसभा समिति चाहेत तो इसके लिए वारंट जारी करवा सकती है।

चड्ढा ने ये भी कहा कि फेसबुक विधानसभा समिति से भाग रहा है और कुछ छिपा रहा है। इससे तो ऐसा लगता है कि दिल्ली दंगों को लेकर फेसबुक पर जो आरोप लगे हैं वो शायद बिल्कुल सही हैं। चड्ढा ने कहा कि चेतावनी के साथ आखिरी मौका फेसबुक को दे रहे हैं कि फेसबुक इंडिया के एमडी और वाइस प्रेसिडेंट अजीत मोहन पेश हों।



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