दिल्ली में 16 से 18 सितंबर के बीच तेज बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

Published by Razak Mohammad on


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

Updated Sun, 13 Sep 2020 04:37 AM IST

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भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को अगले 5 दिन तक पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। उधर, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अगले 24 घंटे के दौरान नई मानसूनी हवाओं का सिस्टम बन सकता है। इस सिस्टम के कारण मानसून के इस बार अपने अनुमानित समय से 15-20 दिन देरी से लौटने के आसार बन गए हैं।

दिल्ली में 16 से 18 सितंबर के बीच तेज बारिश

स्काईमेट के आकलन के मुताबिक, नए सिस्टम के कारण बहने वाली पूर्वी मानसूनी हवाओं का असर 13 से 18 सितंबर के बीच मध्य व उत्तर भारत के राज्यों पर रहेगा। इसके असर से 14 और 15 सितंबर को महाराष्ट्र तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी तो 16 से 18 सितंबर के बीच उत्तरी मध्य प्रदेश व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आसपास के इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

स्काईमेट ने कहा, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे ओडिशा के इलाकों में विकसित हो रहा है। इसके चलते तकरीबन दो सप्ताह तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से नई मानसूनी हवाएं गंगा के मैदानी भागों (उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) से लेकर राजस्थान तक चलती रहेंगी। इसका असर उत्तर भारत से मानसून की वापसी पर पड़ेगा। अमूमन दिल्ली से 21 सितंबर को वापस लौटने वाला मानसून इस बार 15 दिन देरी से लौटेगा। इसका असर उत्तर भारत में मानसूनी बारिश पर दिखाइ देगा, जो अक्तूबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक जारी रह सकती है।

सितंबर की बारिश का कोटा होगा पूरा

सितंबर में इस बार पहले 10 दिन के दौरान सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन स्काईमेट के वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में लगातार दो मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी पर बनने वाले हैं, जिससे बारिश की यह कमी दूर हो जाने के आसार हैं।

सार

  • देश में पांच दिन हो सकती है भारी बारिश, 15 दिन देरी से उत्तर भारत छोड़ेगा मानसून
  • मौसम एजेंसियों ने कहा, बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र का दिखेगा असर

विस्तार

भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को अगले 5 दिन तक पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। उधर, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अगले 24 घंटे के दौरान नई मानसूनी हवाओं का सिस्टम बन सकता है। इस सिस्टम के कारण मानसून के इस बार अपने अनुमानित समय से 15-20 दिन देरी से लौटने के आसार बन गए हैं।

दिल्ली में 16 से 18 सितंबर के बीच तेज बारिश

स्काईमेट के आकलन के मुताबिक, नए सिस्टम के कारण बहने वाली पूर्वी मानसूनी हवाओं का असर 13 से 18 सितंबर के बीच मध्य व उत्तर भारत के राज्यों पर रहेगा। इसके असर से 14 और 15 सितंबर को महाराष्ट्र तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी तो 16 से 18 सितंबर के बीच उत्तरी मध्य प्रदेश व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आसपास के इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

स्काईमेट ने कहा, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे ओडिशा के इलाकों में विकसित हो रहा है। इसके चलते तकरीबन दो सप्ताह तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से नई मानसूनी हवाएं गंगा के मैदानी भागों (उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) से लेकर राजस्थान तक चलती रहेंगी। इसका असर उत्तर भारत से मानसून की वापसी पर पड़ेगा। अमूमन दिल्ली से 21 सितंबर को वापस लौटने वाला मानसून इस बार 15 दिन देरी से लौटेगा। इसका असर उत्तर भारत में मानसूनी बारिश पर दिखाइ देगा, जो अक्तूबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक जारी रह सकती है।

सितंबर की बारिश का कोटा होगा पूरा

सितंबर में इस बार पहले 10 दिन के दौरान सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन स्काईमेट के वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में लगातार दो मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी पर बनने वाले हैं, जिससे बारिश की यह कमी दूर हो जाने के आसार हैं।



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