दिल्ली: बवाना में नकली घी बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश, नामी कंपनियों के स्टीकर लगाकर होती थी बिक्री

Published by Razak Mohammad on

नकली देशी घी की फैक्टरी में बरामद सामान
– फोटो : अमर उजाला

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नई दिल्ली के बाहरी नॉर्थ जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने बवाना इलाके में चल रही नकली घी बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। 

आरोपी डालडा, रिफाइंड तेल, वनस्पति तेल और रंग मिलाकर नकली देशी घी तैयार करते थे। तैयार सामान को पैक करने के बाद उस पर नामी कंपनी का स्टीकर लगाकर उसे बाजार में बेच देते थे।

जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि सेक्टर एक बवाना में नकली घी बनाने की फैक्टरी चलने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने सूचना को पुख्ता करने के बाद फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दी और संयुक्त टीम बनाकर फैक्टरी पर छापा मारा। 

पुलिस ने फैक्टरी से कुल 284 कार्टन तैयार नकली घी बरामद किया है। वहीं, पुलिस ने मौके से सात टिन देशी घी, 212 टिन रिफाइंड तेल, 149 टिन डालडा वनस्पति, रंग, तीन गैस स्टोव, 5 गैस सिलिंडर, एक सीलिंग मशीन, एक स्टांपिंग मशीन, इलेक्ट्रोनिक माप तौल मशीन, सिल्वर पाउच पैकिंग मशीन, छह सौ खाली टिन, स्टीकर, रैपर, टेटरा पैक और 25 सौ खाली प्लास्टिक जार बरामद किए। 

इसके अलावा पुलिस ने एक टेंपो भी जब्त किया है। पुलिस ने फैक्टरी चलाने वाले मालिक रानी बाग निवासी संदीप के अलावा फैक्टरी में नकली घी तैयार करने वाले अक्षय, रोहित, रतन और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उनके खिलाफ नकली घी तैयार कर अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।  

 

संदीप ने बताया कि दस टिन डालडा और रिफाइंड में एक टिन देशी घी डालकर नकली घी तैयार करवाया जाता था। उसने बताया कि डालडा और रिफाइंड को गर्म करने के बाद स्टील के टैंक में डाल दिया जाता था। 

प्रति 15 लीटर में दस ग्राम देशी घी का एसेंस डालकर उसमें रंग मिलाकर इसे तैयार किया जाता था। ऑर्डर के मुताबिक डिब्बों में डालकर उस पर नामी कंपनी का स्टीकर लगाकर बाजार में सप्लाई कर दिया जाता था। 

ऑर्डर के मुताबिक डिब्बों पर लगाते थे नामी कंपनी के स्टीकर 

पूछताछ में कंपनी के मालिक संदीप ने बताया कि जिस कंपनी के घी का ऑर्डर मिलता था, उसी कंपनी के स्टीकर को नकली घी के डिब्बे पर लगाकर उसे बाजार में सप्लाई कर देते थे। 

उसने बताया कि नकली घी को असली घी के दाम पर ही बाजार में सप्लाई करते थे। ताकि लोगों को नकली होने की भनक न लगे। फैक्टरी से करीब आधा दर्जन कंपनी के स्टीकर और रैपर मिले हैं। 

फैक्टरी से पंजाब सप्लाई होता था नकली घी

जांच के दौरान पुलिस को मौके पर एक टेंपो मिला। जिसमें 212 कार्टन लदे थे। जांच करने पर एक में से आधा-आधा किलो के 30 डिब्बे मिले। पूछताछ में पता चला कि नकली घी पंजाब के दो डीलर्स के पास भेजना था। पुलिस मालिक से पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह कितने दिनों से फैक्टरी चला रहे थे और अब तक कितने का मुनाफा कमा चुके हैं।

नई दिल्ली के बाहरी नॉर्थ जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने बवाना इलाके में चल रही नकली घी बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। 

आरोपी डालडा, रिफाइंड तेल, वनस्पति तेल और रंग मिलाकर नकली देशी घी तैयार करते थे। तैयार सामान को पैक करने के बाद उस पर नामी कंपनी का स्टीकर लगाकर उसे बाजार में बेच देते थे।

जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि सेक्टर एक बवाना में नकली घी बनाने की फैक्टरी चलने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने सूचना को पुख्ता करने के बाद फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दी और संयुक्त टीम बनाकर फैक्टरी पर छापा मारा। 

पुलिस ने फैक्टरी से कुल 284 कार्टन तैयार नकली घी बरामद किया है। वहीं, पुलिस ने मौके से सात टिन देशी घी, 212 टिन रिफाइंड तेल, 149 टिन डालडा वनस्पति, रंग, तीन गैस स्टोव, 5 गैस सिलिंडर, एक सीलिंग मशीन, एक स्टांपिंग मशीन, इलेक्ट्रोनिक माप तौल मशीन, सिल्वर पाउच पैकिंग मशीन, छह सौ खाली टिन, स्टीकर, रैपर, टेटरा पैक और 25 सौ खाली प्लास्टिक जार बरामद किए। 

इसके अलावा पुलिस ने एक टेंपो भी जब्त किया है। पुलिस ने फैक्टरी चलाने वाले मालिक रानी बाग निवासी संदीप के अलावा फैक्टरी में नकली घी तैयार करने वाले अक्षय, रोहित, रतन और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उनके खिलाफ नकली घी तैयार कर अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।  

 


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ऐसे तैयार करते थे नकली घी 



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Categories: Delhi

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