थोक मंडी में टमाटर 3-4 रुपये तो शिमला मिर्च 5 व फूलगोभी 3 रुपये प्रतिकिलो, व्यापारियों ने दिल्ली सरकार से की एमएसपी लागू करने की मांग

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jan 2021 01:33 AM IST

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खुदरा बाजार में टमाटर के भाव भले ही लाल तेवर अख्तियार किए हुए हैं और शिमला मिर्च तीखीं है, लेकिन थोक मंडियों में इसके भाव इनदिनों काफी कम हो गए हैं। फूलगोभी की बात करें तो थोक भाव में इसके भाव भी काफी गिरे हुए हैं। जबकि यही सब्जियां खुदरा बाजार में पहुंचकर काफी महंगी बिक रही है। सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं होने का नतीजा है कि किसानों को सब्जियों के भाव तक नहीं मिल रहे और खुदरा व्यापारी इसकी बिकी करके धन बटोर रहे हैं।

दिल्ली के आजादपुर मंडी में सोमवार को टमाटर महज 100 रुपये क्रेट बिका। एक क्रेट में 20-25 किलो टमाटर होता है लिहाजा 4 रुपया प्रतिकिलो भी टमाटर का भाव नहीं था। जबकि खुदरा बाजार में 25-30 रुपया प्रतिकिलो। इसी तरह शिमला मिर्च थोक भाव में महज 5 रुपये प्रतिकिलो तक रहा और फूल गोभी की बात करें तो महज 3 रुपये प्रतिकिलो। जबकि खुदरा मार्केट में पहुंचते ही दोनों सब्जियों का भाव 20 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया।

आजादपुर मंडी के व्यापारी अनिल कुमार मल्होत्रा ने बताया कि सोमवार को टमाटर, शिमला मिर्च व फूलगोभी का कोई खरीदार नहीं था। भाव कम होने की वजह से किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे थे। उन्होंने बताया कि किसानों के हालात बहुत ही बुरे हैं। स्थिति यह हो गई है कि सब्जियों को मंडी तक लाने का किराया तक वसूल नहीं हो रहा। 

दिल्ली सरकार से मल्होत्रा ने मांग की है कि वह सब्जियों पर एमएसपी लागू करें ताकि किसानों को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जवाब देना चाहिए कि सब्जियों पर एमएसपी क्यों नहीं लागू करवा रहे हैं। केंद्र सरकार पर दबाव क्यों नहीं बना रहे हैं।

खुदरा बाजार में टमाटर के भाव भले ही लाल तेवर अख्तियार किए हुए हैं और शिमला मिर्च तीखीं है, लेकिन थोक मंडियों में इसके भाव इनदिनों काफी कम हो गए हैं। फूलगोभी की बात करें तो थोक भाव में इसके भाव भी काफी गिरे हुए हैं। जबकि यही सब्जियां खुदरा बाजार में पहुंचकर काफी महंगी बिक रही है। सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं होने का नतीजा है कि किसानों को सब्जियों के भाव तक नहीं मिल रहे और खुदरा व्यापारी इसकी बिकी करके धन बटोर रहे हैं।

दिल्ली के आजादपुर मंडी में सोमवार को टमाटर महज 100 रुपये क्रेट बिका। एक क्रेट में 20-25 किलो टमाटर होता है लिहाजा 4 रुपया प्रतिकिलो भी टमाटर का भाव नहीं था। जबकि खुदरा बाजार में 25-30 रुपया प्रतिकिलो। इसी तरह शिमला मिर्च थोक भाव में महज 5 रुपये प्रतिकिलो तक रहा और फूल गोभी की बात करें तो महज 3 रुपये प्रतिकिलो। जबकि खुदरा मार्केट में पहुंचते ही दोनों सब्जियों का भाव 20 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया।

आजादपुर मंडी के व्यापारी अनिल कुमार मल्होत्रा ने बताया कि सोमवार को टमाटर, शिमला मिर्च व फूलगोभी का कोई खरीदार नहीं था। भाव कम होने की वजह से किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे थे। उन्होंने बताया कि किसानों के हालात बहुत ही बुरे हैं। स्थिति यह हो गई है कि सब्जियों को मंडी तक लाने का किराया तक वसूल नहीं हो रहा। 

दिल्ली सरकार से मल्होत्रा ने मांग की है कि वह सब्जियों पर एमएसपी लागू करें ताकि किसानों को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जवाब देना चाहिए कि सब्जियों पर एमएसपी क्यों नहीं लागू करवा रहे हैं। केंद्र सरकार पर दबाव क्यों नहीं बना रहे हैं।



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