तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के बाद राजस्थान में ‘ऑपरेशन लोटस’

Published by Razak Mohammad on

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा
– फोटो : twitter.com/JPNadda

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राजस्थान में नए सिरे से ‘ऑपरेशन लोटस’ की शुरुआत से पहले भाजपा इंतजार करेगी। पार्टी निकाय चुनाव के साथ ही तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर कांग्रेस को झटका देना चाहती है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर भावी रणनीति का तानाबाना बुना। 

प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और विधानसभा में उपनेता राजेंद्र राठौर के साथ बैठक में राज्य के वर्तमान सियासी स्थिति पर लंबी चर्चा हुई। इसमें 28 जनवरी को राज्य के 20 जिलों के 90 निकायों के लिए होने वाले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बनी। इसके अलावा मार्च में विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर बात हुई।

नड्डा ने राज्य इकाई को तीनों विधानसभा सीटों पर हर हाल में जीत की जिम्मेदारी सौंपी। इसमें दो सीटें कांग्रेस एक भाजपा की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि उपचुनाव और निकाय चुनाव में अगर भाजपा दमदार प्रदर्शन करती है तो उसके पक्ष में माहौल बनेगा। खासतौर से विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रही तो पार्टी में अशोक गहलोत के खिलाफ नए सिरे से माहौल बनेगा।

वसुंधरा की अनुपस्थिति पर सवाल
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया गया था। इससे कई तरह की चर्चा हो रही है। इससे पहले भाजपा का गहलोत को हटाकर अपनी सरकार बनाने के अभियान को सफलता नहीं मिलने के लिए वसुंधरा पर सवाल उठे थे। चर्चा है कि इस बैठक के जरिए पार्टी नेतृत्व ने वसुंधरा से किनारा कर भावी रणनीति बनाने का फैसला किया। बीते दिनों वसुंधरा के विरोध के बावजूद घनश्याम तिवाड़ी की भाजपा में वापसी हुई थी।

संगठन को लेकर हुई बैठक
यह संगठन को लेकर बैठक थी। इसमें राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति, पार्टी अध्यक्ष नड्डा का फरवरी में राज्य का दौरा, निकाय चुनाव और विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा हुई। इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने पर बातचीत हुई। वसुंधरा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। 
– सतीश पूनिया, अध्यक्ष, राजस्थान भाजपा
 

सार

  • नड्डा ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ की बैठक, वसुंधरा राजे रहीं अनुपस्थिति

विस्तार

राजस्थान में नए सिरे से ‘ऑपरेशन लोटस’ की शुरुआत से पहले भाजपा इंतजार करेगी। पार्टी निकाय चुनाव के साथ ही तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर कांग्रेस को झटका देना चाहती है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर भावी रणनीति का तानाबाना बुना। 

प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और विधानसभा में उपनेता राजेंद्र राठौर के साथ बैठक में राज्य के वर्तमान सियासी स्थिति पर लंबी चर्चा हुई। इसमें 28 जनवरी को राज्य के 20 जिलों के 90 निकायों के लिए होने वाले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बनी। इसके अलावा मार्च में विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर बात हुई।

नड्डा ने राज्य इकाई को तीनों विधानसभा सीटों पर हर हाल में जीत की जिम्मेदारी सौंपी। इसमें दो सीटें कांग्रेस एक भाजपा की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि उपचुनाव और निकाय चुनाव में अगर भाजपा दमदार प्रदर्शन करती है तो उसके पक्ष में माहौल बनेगा। खासतौर से विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रही तो पार्टी में अशोक गहलोत के खिलाफ नए सिरे से माहौल बनेगा।

वसुंधरा की अनुपस्थिति पर सवाल

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया गया था। इससे कई तरह की चर्चा हो रही है। इससे पहले भाजपा का गहलोत को हटाकर अपनी सरकार बनाने के अभियान को सफलता नहीं मिलने के लिए वसुंधरा पर सवाल उठे थे। चर्चा है कि इस बैठक के जरिए पार्टी नेतृत्व ने वसुंधरा से किनारा कर भावी रणनीति बनाने का फैसला किया। बीते दिनों वसुंधरा के विरोध के बावजूद घनश्याम तिवाड़ी की भाजपा में वापसी हुई थी।

संगठन को लेकर हुई बैठक

यह संगठन को लेकर बैठक थी। इसमें राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति, पार्टी अध्यक्ष नड्डा का फरवरी में राज्य का दौरा, निकाय चुनाव और विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा हुई। इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने पर बातचीत हुई। वसुंधरा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। 

– सतीश पूनिया, अध्यक्ष, राजस्थान भाजपा

 





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