डॉक्टर पर मरीज को थप्पड़ मारने का आरोप

Published by Razak Mohammad on

सोलन अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची युवती पर डॉक्टर ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। अस्पताल में
– फोटो : SOLAN

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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के लिए लाई युवती के परिजनों ने डॉक्टर पर उसे थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। गुस्साए परिजनों ने सीएम पोर्टल और महिला आयोग में डॉक्टर की शिकायत दर्ज करवाई है।
युवती के पिता रणवीर सिंह ने कहा कि वे बेटी प्रेरणा को चक्कर आने पर राजगढ़ से इलाज के लिए सोलन अस्पताल लाए। लड़की बेहोश थी तो डॉक्टर उसे ईसीजी के लिए ले गए। ईसीजी के दौरान परिजनों को बाहर निकालने और बदसलूकी करने लगे। इस दौरान डॉक्टर ने बेटी को थप्पड़ मारा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार हिस्टीरिया से ग्रस्त युवती की खराब हालत देखते हुए डॉक्टर ने इस्तेमाल होने वाली तकनीक को अपनाया। इसे परिजनों से सहा नहीं गया। उन्होंने डॉक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगा दिया। घटना सोमवार देर शाम की है। यही नहीं घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन भी मौके पर पहुंच गया। रात को पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने कहा कि रात को बेटी की तबीयत ठीक थी। मंगलवार सुबह उसे जबरन शिमला रेफर कर दिया।
हिस्टीरिया में मरीज को डराना जरूरी : डॉ. हांडा
इस बारे में एमएस डॉ. अशोक हांडा ने कहा कि हिस्टीरिया में मरीज को होश में लाने के लिए थोड़ा डराना पड़ता है। यह इलाज का हिस्सा है। परिजनों का डॉक्टर पर लगाया आरोप गलत है। वहीं डॉक्टर कमल अटवाल ने कहा कि मरीज को उपचार दिया गया है। उन पर लगाए आरोप निराधार हैं।
महिला थाना प्रभारी सुनीता ने कहा कि परिजनों की शिकायत के आधार पर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। युवती का मेडिकल करवाया गया है। इसमें कोई भी चोट का निशान नहीं है।

सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के लिए लाई युवती के परिजनों ने डॉक्टर पर उसे थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। गुस्साए परिजनों ने सीएम पोर्टल और महिला आयोग में डॉक्टर की शिकायत दर्ज करवाई है।

युवती के पिता रणवीर सिंह ने कहा कि वे बेटी प्रेरणा को चक्कर आने पर राजगढ़ से इलाज के लिए सोलन अस्पताल लाए। लड़की बेहोश थी तो डॉक्टर उसे ईसीजी के लिए ले गए। ईसीजी के दौरान परिजनों को बाहर निकालने और बदसलूकी करने लगे। इस दौरान डॉक्टर ने बेटी को थप्पड़ मारा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार हिस्टीरिया से ग्रस्त युवती की खराब हालत देखते हुए डॉक्टर ने इस्तेमाल होने वाली तकनीक को अपनाया। इसे परिजनों से सहा नहीं गया। उन्होंने डॉक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगा दिया। घटना सोमवार देर शाम की है। यही नहीं घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन भी मौके पर पहुंच गया। रात को पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने कहा कि रात को बेटी की तबीयत ठीक थी। मंगलवार सुबह उसे जबरन शिमला रेफर कर दिया।

हिस्टीरिया में मरीज को डराना जरूरी : डॉ. हांडा

इस बारे में एमएस डॉ. अशोक हांडा ने कहा कि हिस्टीरिया में मरीज को होश में लाने के लिए थोड़ा डराना पड़ता है। यह इलाज का हिस्सा है। परिजनों का डॉक्टर पर लगाया आरोप गलत है। वहीं डॉक्टर कमल अटवाल ने कहा कि मरीज को उपचार दिया गया है। उन पर लगाए आरोप निराधार हैं।
महिला थाना प्रभारी सुनीता ने कहा कि परिजनों की शिकायत के आधार पर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। युवती का मेडिकल करवाया गया है। इसमें कोई भी चोट का निशान नहीं है।

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