जेईई मेन की संयुक्त सूची में शिमला के सार्थक और सोलन की वंशिता हिमाचल टॉपर

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

Updated Sat, 12 Sep 2020 10:28 PM IST

शिमला के सार्थक दीवान हिमाचल टॉपर
– फोटो : अमर उजाला

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शिमला के सार्थक दीवान ने जेईई मेन्स में परचम लहराया है। सार्थक ने जेईई मेन वन और अब जेईई मेन्स में भी सराहनीय प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर मेरिट में 420वां स्थान और हिमाचल में पहला स्थान पाया है। जो इन दोनों परीक्षाओं के आधार पर तैयार की गई है। बेस्ट ऑफ टू में सार्थक अव्वल रहे हैं। शिमला के इस होनहार का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस में अच्छा प्रदर्शन कर आईआईटी दिल्ली और मद्रास में प्रवेश लेना है।

सार्थक ने बताया कि वह इन नामी संस्थानों में कंप्यूटर साइंस बीटेक कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं। सार्थक ने कहा कि लॉकडाउन शुरू होने से परीक्षा होने तक उन्होंने दिन-रात मेहनत की। ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल जुटाकर, ऑनलाइन कोचिंग लेकर परीक्षा की तैयारी की। पिछली परीक्षा के लिए अलग से कोचिंग ली थी। सार्थक ने सोशल मीडिया का प्रयोग सिर्फ पढ़ाई के लिए ही किया। सार्थक के पिता डॉ. योगेश दीवान और माता डॉ. दीपा दीवान आईजीएमसी में सेवारत हैं।

पिता डॉ योगेश ने कहा कि यह बेटे के अपने लक्ष्य के लिए जुनून और दिन-रात की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि सार्थक छोटे भाई कार्तिक दीवान के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। भाई भी इंजीनियर ही बनना चाहता है। डॉ. योगेश दीवान ने कहा कि सुबह से घर पर और मोबाइल पर बधाई संदेश मिल रहे हैं। सार्थक ने कहा कि माता डॉ. दीप दीवान, पिता डॉ. योगेश दीवान ने उन्हें हर कदम पर सहयोग किया। सार्थक की स्कूली शिक्षा डीएवी न्यू शिमला और जेसीबी न्यू शिमला से हुई है। सार्थक शुरू से पढ़ाई में अच्छे रहे हैं।

वहीं, जेईई (मेन्स) के लिए आयोजित परीक्षा में सोलन की वंशिता (लड़कियों में) हिमाचल की टॉपर बनी हैं। चंडीगढ़ स्थित आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेने वाली वंशिता ने 99.8308803 परसेंटाइल हासिल कर प्रदेश में पहला रैंक हासिल किया है। इससे पूर्व भी इसी साल सीबीएसई की जमा दो की परीक्षा में वंशिता ने 95.4 प्रतिशत अंक लेकर जिला सोलन का नाम रोशन किया था। वंशिता के पिता राकेश कुमार विद्युत बोर्ड सोलन में अधीक्षण अभियंता के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।

माता आरती ठाकुर स्कूल अध्यापिका हैं। वंशिता ने अपनी इस सफलता का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता को दिया है। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को वह जेईई एडवांस की परीक्षा में भाग लेंगी। इसके अलावा वह आईआईटी में प्रवेश लेकर कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। बताया कि वह जेईई परीक्षा के कोचिंग के साथ लिए सुबह-शाम करीब तीन घंटों तक पढ़ाई की है। वंशिता मूलतया चंबा जिले के बकलोह क्षेत्र की रहने वाली हैं। वंशिता की इस उपलब्धि पर परिजनों सहित अध्यापकों ने भी उन्हें बधाई दी है।

शिमला के सार्थक दीवान ने जेईई मेन्स में परचम लहराया है। सार्थक ने जेईई मेन वन और अब जेईई मेन्स में भी सराहनीय प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर मेरिट में 420वां स्थान और हिमाचल में पहला स्थान पाया है। जो इन दोनों परीक्षाओं के आधार पर तैयार की गई है। बेस्ट ऑफ टू में सार्थक अव्वल रहे हैं। शिमला के इस होनहार का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस में अच्छा प्रदर्शन कर आईआईटी दिल्ली और मद्रास में प्रवेश लेना है।

सार्थक ने बताया कि वह इन नामी संस्थानों में कंप्यूटर साइंस बीटेक कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं। सार्थक ने कहा कि लॉकडाउन शुरू होने से परीक्षा होने तक उन्होंने दिन-रात मेहनत की। ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल जुटाकर, ऑनलाइन कोचिंग लेकर परीक्षा की तैयारी की। पिछली परीक्षा के लिए अलग से कोचिंग ली थी। सार्थक ने सोशल मीडिया का प्रयोग सिर्फ पढ़ाई के लिए ही किया। सार्थक के पिता डॉ. योगेश दीवान और माता डॉ. दीपा दीवान आईजीएमसी में सेवारत हैं।

पिता डॉ योगेश ने कहा कि यह बेटे के अपने लक्ष्य के लिए जुनून और दिन-रात की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि सार्थक छोटे भाई कार्तिक दीवान के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। भाई भी इंजीनियर ही बनना चाहता है। डॉ. योगेश दीवान ने कहा कि सुबह से घर पर और मोबाइल पर बधाई संदेश मिल रहे हैं। सार्थक ने कहा कि माता डॉ. दीप दीवान, पिता डॉ. योगेश दीवान ने उन्हें हर कदम पर सहयोग किया। सार्थक की स्कूली शिक्षा डीएवी न्यू शिमला और जेसीबी न्यू शिमला से हुई है। सार्थक शुरू से पढ़ाई में अच्छे रहे हैं।


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वंशिता ने हासिल किए  99.83 परसेंटाइल



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