जुनून और जज्बे की मिशाल: इन दो युवकों ने तीन दिन में लगाई 300 किलोमीटर की दौड़

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

Updated Tue, 15 Sep 2020 01:58 AM IST

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तीन दिन में 300 किलोमीटर दौड़ना आसान नहीं है लेकिन दीप महेश्वरी व राकेश कश्यप ने यह कर दिखाया है। दोनों को तीनों दिन 24 घंटे में 100 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा करना था। मुख्य चुनौती यह थी कि एक 100 किलोमीटर की दौड़ को पूरा करने के बाद अगले 100 किलोमीटर की दौड़ की तैयारी करना। दरअसल, दोनों ने हेल रेस नामक संस्था की एक रनिंग सीरीज की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इसमें रोजाना 100 किमी दौड़कर तीन दिन में 300 किलोमीटर के लक्ष्य को पूरा करना था।

इस प्रतियोगिता में कुल 44 लोगों ने हिस्सा लिया था। आखिर में इस लक्ष्य को 16 लोगों ने पूरा किया, जिनमें ट्राइसिटी के दीप व राकेश कश्यप शामिल हैं। पंचकूला सेक्टर-11 में रहने वाले 49 वर्षीय राकेश कश्यप ने बताया कि तीन दिन में 300 किलोमीटर दौड़ना काफी कठिन लक्ष्य है। एक से दो दिन तक तो यह किया जा सकता है लेकिन लगातार तीन दिन दौड़ना आसान नहीं होता। रेगुलर दौड़ने की वजह से उन्हें इस लक्ष्य को पाने में ज्यादा मुश्किलें नहीं आईं। राकेश ने 300 किलोमीटर के लक्ष्य को करीब 46 घंटे में पूरा किया, जबकि दीप ने करीब 47 घंटे में।

ऐसे पूरा करना था लक्ष्य

प्रतिभागियों को 24 घंटे में 100 किलोमीटर दौड़ने का लक्ष्य दिया गया था। इस हिसाब से उन्हें तीन दिन में 300 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। ऐसा नहीं था कि किसी प्रतिभागी को लगातार दौड़ना है। 24 घंटे में वह कभी भी दौड़ सकता था। राकेश आधी दौड़ सुबह पूरी करते थे और आधी शाम को। निगरानी के लिए दौड़ते वक्त उन्हें जीपीएस ऑन करना पड़ता था। इसी से पता चल जाता था कि प्रतिभागी दौड़ रहा है या नहीं। दीप पीजीआई में रिसर्च स्कॉलर हैं जबकि राकेश निर्माण कार्य के बिजनेस से जुड़े हैं।

वजन कम करने के लिए तीन साल पहले दौड़ना शुरू किया था

राकेश ने बताया कि उनका बचपन से दौड़ने का शौक था। जब उनका वजन बढ़ने लगा तो तीन साल पहले उन्होंने दौड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे दौड़ने की आदत बन गई। फिर उन्होंने रनिंग ग्रुप ज्वाइन कर लिया। इससे उन्हें दौड़ने की कई बारीकियों के बारे में पता चला। अब उन्हें दौड़ने का अभ्यास हो गया है। 

वह कई मुश्किल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर खिताब जीत चुके हैं। इनमें से एक है आर्यनमैन नामक मुश्किल दौड़। इसमें तय समय में स्वीमिंग, साइक्लिंग और रनिंग तीनों करनी पड़ती हैं। इसे राकेश ने तय समय में पूरा किया है। उन्होंने कहा कि दौड़ने के लिए सिर्फ जज्बा और वचनबद्धता की जरूरत होती है। यदि दोनों बातें मन में है तो आपको दौड़ने से कोई नहीं रोक सकता।

तीन दिन में 300 किलोमीटर दौड़ना आसान नहीं है लेकिन दीप महेश्वरी व राकेश कश्यप ने यह कर दिखाया है। दोनों को तीनों दिन 24 घंटे में 100 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा करना था। मुख्य चुनौती यह थी कि एक 100 किलोमीटर की दौड़ को पूरा करने के बाद अगले 100 किलोमीटर की दौड़ की तैयारी करना। दरअसल, दोनों ने हेल रेस नामक संस्था की एक रनिंग सीरीज की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इसमें रोजाना 100 किमी दौड़कर तीन दिन में 300 किलोमीटर के लक्ष्य को पूरा करना था।

इस प्रतियोगिता में कुल 44 लोगों ने हिस्सा लिया था। आखिर में इस लक्ष्य को 16 लोगों ने पूरा किया, जिनमें ट्राइसिटी के दीप व राकेश कश्यप शामिल हैं। पंचकूला सेक्टर-11 में रहने वाले 49 वर्षीय राकेश कश्यप ने बताया कि तीन दिन में 300 किलोमीटर दौड़ना काफी कठिन लक्ष्य है। एक से दो दिन तक तो यह किया जा सकता है लेकिन लगातार तीन दिन दौड़ना आसान नहीं होता। रेगुलर दौड़ने की वजह से उन्हें इस लक्ष्य को पाने में ज्यादा मुश्किलें नहीं आईं। राकेश ने 300 किलोमीटर के लक्ष्य को करीब 46 घंटे में पूरा किया, जबकि दीप ने करीब 47 घंटे में।

ऐसे पूरा करना था लक्ष्य

प्रतिभागियों को 24 घंटे में 100 किलोमीटर दौड़ने का लक्ष्य दिया गया था। इस हिसाब से उन्हें तीन दिन में 300 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। ऐसा नहीं था कि किसी प्रतिभागी को लगातार दौड़ना है। 24 घंटे में वह कभी भी दौड़ सकता था। राकेश आधी दौड़ सुबह पूरी करते थे और आधी शाम को। निगरानी के लिए दौड़ते वक्त उन्हें जीपीएस ऑन करना पड़ता था। इसी से पता चल जाता था कि प्रतिभागी दौड़ रहा है या नहीं। दीप पीजीआई में रिसर्च स्कॉलर हैं जबकि राकेश निर्माण कार्य के बिजनेस से जुड़े हैं।

वजन कम करने के लिए तीन साल पहले दौड़ना शुरू किया था

राकेश ने बताया कि उनका बचपन से दौड़ने का शौक था। जब उनका वजन बढ़ने लगा तो तीन साल पहले उन्होंने दौड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे दौड़ने की आदत बन गई। फिर उन्होंने रनिंग ग्रुप ज्वाइन कर लिया। इससे उन्हें दौड़ने की कई बारीकियों के बारे में पता चला। अब उन्हें दौड़ने का अभ्यास हो गया है। 

वह कई मुश्किल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर खिताब जीत चुके हैं। इनमें से एक है आर्यनमैन नामक मुश्किल दौड़। इसमें तय समय में स्वीमिंग, साइक्लिंग और रनिंग तीनों करनी पड़ती हैं। इसे राकेश ने तय समय में पूरा किया है। उन्होंने कहा कि दौड़ने के लिए सिर्फ जज्बा और वचनबद्धता की जरूरत होती है। यदि दोनों बातें मन में है तो आपको दौड़ने से कोई नहीं रोक सकता।



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