जिले में पर्यटन कारोबार को लगेंगे पंख

Published by Razak Mohammad on

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कुल्लू। जिले की वादियां जल्द पर्यटकों से गुलजार होंगी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सीमाओं पर पंजीकरण के साथ कोविड-19 रिपोर्ट नहीं लाने की फैसला किया है। इससे जिले में पर्यटन को पंख लगेंगे। हालांकि पर्यटन कारोबारी भी सरकार से प्रदेश के बॉर्डर को खोलने की मांग कर रहे थे। दशहरा तक पर्यटन कारोबार पटरी पर आने की उम्मीद बढ़ गई है।
कुल्लू जिले के होटलों के खुलने से अब सैर सपाटे के लिए पर्यटकों के आने की उम्मीद है। जिले में जिभी, तीर्थन, कुल्लू तथा पार्वती घाटी में करीब 500 से अधिक होटल, कॉटेज व होमस्टे खुल गए हैं। पर्यटन नगरी मनाली में होटलों को एक अक्तूबर से खोलने का निर्णय लिया है। पहली बार जिले में कोरोना के कारण पर्यटन को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जिले में हजारों लोगों का रोजगार छिन गया है। अब सरकार ने प्रदेश में सैलानियों के लिए सभी तरह से दरवाजे खोल दिए हैं। पहले दिन जिले में सैलानी सैर सपाटे को नहीं पहुंचे हैं। लेकिन ऑनलाइन बुकिंग के साथ पूछताछ एकाएक बढ़ गई है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि सरकार ने उनकी एक मांग को पूरा किया है। इससे मणिकर्ण घाटी के पर्यटन को गति मिलेगी। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पर्यटकों के लिए प्रदेश की सीमाएं व नाके खोल दिए हैं। लेकिन मनाली में कोरोना से निपटने के लिए सरकार की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने मनाली में कोविड केयर सेंटर खोलने तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्रदान करने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने कोई भी ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में मनाली के होटलियर किसी भी संक्रमित व्यक्ति को ठहरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मनाली में एक अक्तूबर से होटल खुलेंगे और इसके लिए पूछताछ करनी शुरू कर दी है।

कुल्लू। जिले की वादियां जल्द पर्यटकों से गुलजार होंगी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सीमाओं पर पंजीकरण के साथ कोविड-19 रिपोर्ट नहीं लाने की फैसला किया है। इससे जिले में पर्यटन को पंख लगेंगे। हालांकि पर्यटन कारोबारी भी सरकार से प्रदेश के बॉर्डर को खोलने की मांग कर रहे थे। दशहरा तक पर्यटन कारोबार पटरी पर आने की उम्मीद बढ़ गई है।

कुल्लू जिले के होटलों के खुलने से अब सैर सपाटे के लिए पर्यटकों के आने की उम्मीद है। जिले में जिभी, तीर्थन, कुल्लू तथा पार्वती घाटी में करीब 500 से अधिक होटल, कॉटेज व होमस्टे खुल गए हैं। पर्यटन नगरी मनाली में होटलों को एक अक्तूबर से खोलने का निर्णय लिया है। पहली बार जिले में कोरोना के कारण पर्यटन को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जिले में हजारों लोगों का रोजगार छिन गया है। अब सरकार ने प्रदेश में सैलानियों के लिए सभी तरह से दरवाजे खोल दिए हैं। पहले दिन जिले में सैलानी सैर सपाटे को नहीं पहुंचे हैं। लेकिन ऑनलाइन बुकिंग के साथ पूछताछ एकाएक बढ़ गई है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि सरकार ने उनकी एक मांग को पूरा किया है। इससे मणिकर्ण घाटी के पर्यटन को गति मिलेगी। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पर्यटकों के लिए प्रदेश की सीमाएं व नाके खोल दिए हैं। लेकिन मनाली में कोरोना से निपटने के लिए सरकार की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने मनाली में कोविड केयर सेंटर खोलने तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्रदान करने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने कोई भी ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में मनाली के होटलियर किसी भी संक्रमित व्यक्ति को ठहरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मनाली में एक अक्तूबर से होटल खुलेंगे और इसके लिए पूछताछ करनी शुरू कर दी है।

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