जिला में धूमधाम से मनाया मकर संक्रांति का पर्व

Published by Razak Mohammad on

कुल्लू में मकर संक्रांति के मौके पर  रघुनाथ मदिंर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते देवलू।

कुल्लू में मकर संक्रांति के मौके पर रघुनाथ मदिंर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते देवलू।
– फोटो : Kullu

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

कुल्लू। जिले में वीरवार को मंकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर घाटी के लोगों ने अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना के साथ बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया। मकर संक्रांति पर घरों में पारंपरिक पकवान भी तैयार किए गए। इस दौरान घी, खिचड़ी, भल्ले आदि की खुशबू से घाटी महक उठी। लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर मकर संक्रांति की बधाई दी। वहीं घर में आए हुए मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में दिनभर मेहमाननवाजी का दौर चलता रहा।
इसके साथ देवता बिजली महादेव के सम्मान में भ्रैंण गांव में, माता भागासिद्ध के सम्मान में पीणी में दियाली उत्सव का भी आगाज हो गया है। मकर संक्रांति के अवसर पर तीर्थ स्थल मणिकर्ण, क्लाथ, वशिष्ठ में लोगों ने गर्म पानी में पवित्र स्नान किया। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालु इन गर्म पानी वाले तीर्थ स्थलों में पवित्र स्नान को पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने सुबह पौ फटने से पहले ही स्नान कर अपने आराध्य देवी-देवताओं की भी पूजा की। जिला पुजारी कल्याण संघ के अध्यक्ष इंद्र देव शास्त्री ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन स्नान का काफी महत्व होता है। मकर संक्रांति से उत्तरायण आरंभ होता है। हिंदू शास्त्र में उत्तरायण को अच्छा माना गया है। हर अच्छे धार्मिक और दैविक कारज उत्तरायण में किए जाते हैं। मकर संक्रांति के बाद तेजी से दिन बढना आरंभ होते हैं। वहीं, लोगों को भी सर्दी से निजात मिलना आरंभ हो जाती है। बरहाल ग्रामीण क्षेत्रों में जूब बांटने का सिलसिला जारी रहेगा।

कुल्लू। जिले में वीरवार को मंकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर घाटी के लोगों ने अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना के साथ बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया। मकर संक्रांति पर घरों में पारंपरिक पकवान भी तैयार किए गए। इस दौरान घी, खिचड़ी, भल्ले आदि की खुशबू से घाटी महक उठी। लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर मकर संक्रांति की बधाई दी। वहीं घर में आए हुए मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में दिनभर मेहमाननवाजी का दौर चलता रहा।

इसके साथ देवता बिजली महादेव के सम्मान में भ्रैंण गांव में, माता भागासिद्ध के सम्मान में पीणी में दियाली उत्सव का भी आगाज हो गया है। मकर संक्रांति के अवसर पर तीर्थ स्थल मणिकर्ण, क्लाथ, वशिष्ठ में लोगों ने गर्म पानी में पवित्र स्नान किया। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालु इन गर्म पानी वाले तीर्थ स्थलों में पवित्र स्नान को पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने सुबह पौ फटने से पहले ही स्नान कर अपने आराध्य देवी-देवताओं की भी पूजा की। जिला पुजारी कल्याण संघ के अध्यक्ष इंद्र देव शास्त्री ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन स्नान का काफी महत्व होता है। मकर संक्रांति से उत्तरायण आरंभ होता है। हिंदू शास्त्र में उत्तरायण को अच्छा माना गया है। हर अच्छे धार्मिक और दैविक कारज उत्तरायण में किए जाते हैं। मकर संक्रांति के बाद तेजी से दिन बढना आरंभ होते हैं। वहीं, लोगों को भी सर्दी से निजात मिलना आरंभ हो जाती है। बरहाल ग्रामीण क्षेत्रों में जूब बांटने का सिलसिला जारी रहेगा।

Source link

Categories: Kullu

0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *