जनकौर के ग्रामीणों ने दी पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी

Published by Razak Mohammad on

जिला मुख्यालय के साथ लगते जनकौर के चौधरी मोहल्ले में रोष प्रकट करते लोग।

जिला मुख्यालय के साथ लगते जनकौर के चौधरी मोहल्ले में रोष प्रकट करते लोग।
– फोटो : Una

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जनकौर में रास्ता न बनने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ऊना। जिला मुख्यालय के साथ जनकौर के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने रास्ता नहीं तो वोट नहीं देने का फैसला किया है। रास्ता नहीं तो वोट नहीं का होर्डिंग बनाकर वोट मांगने आ रहे प्रत्याशियों को दिखाया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने वार्ड एक में चौधरी बस्ती के ग्रामीणों ने एलान किया है कि वे पंचायत चुनाव में किसी को भी मत नहीं डालेंगे। उन्होंने चौधरी मोहल्ले को जाने वाले रास्ते को न बनाने का आरोप लगाया है। बेशक क्षेत्र में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की नजर में विकास शून्य है। हालात यह है कि ग्रामीणों का पैदल चलना भी आफत से कम नहीं है। दिव्यांग और बीमार को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ रहा है। रास्ते में दोपहिया वाहन तक जाने की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों समेत विधायक और अन्य ने उनकी सुनवाई नहीं की है। सियासत में पिसे मोहल्लावासियों ने तंग आकर मतदान न करने का फैसला लिया है। स्थानीय ग्रामीण मदन लाल, जगतार सिंह ने बताया कि पार्षदों ने मोहल्ले का विकास नहीं किया है। जिसके चलते स्थानीय लोगों ने मत का प्रयोग न करने का फैसला लिया है।

जनकौर में रास्ता न बनने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

ऊना। जिला मुख्यालय के साथ जनकौर के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने रास्ता नहीं तो वोट नहीं देने का फैसला किया है। रास्ता नहीं तो वोट नहीं का होर्डिंग बनाकर वोट मांगने आ रहे प्रत्याशियों को दिखाया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने वार्ड एक में चौधरी बस्ती के ग्रामीणों ने एलान किया है कि वे पंचायत चुनाव में किसी को भी मत नहीं डालेंगे। उन्होंने चौधरी मोहल्ले को जाने वाले रास्ते को न बनाने का आरोप लगाया है। बेशक क्षेत्र में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की नजर में विकास शून्य है। हालात यह है कि ग्रामीणों का पैदल चलना भी आफत से कम नहीं है। दिव्यांग और बीमार को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ रहा है। रास्ते में दोपहिया वाहन तक जाने की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों समेत विधायक और अन्य ने उनकी सुनवाई नहीं की है। सियासत में पिसे मोहल्लावासियों ने तंग आकर मतदान न करने का फैसला लिया है। स्थानीय ग्रामीण मदन लाल, जगतार सिंह ने बताया कि पार्षदों ने मोहल्ले का विकास नहीं किया है। जिसके चलते स्थानीय लोगों ने मत का प्रयोग न करने का फैसला लिया है।

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