जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना, किया हवन

Published by Razak Mohammad on

नाहन के जगन्नाथ मंदिर में शेरों की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए यज्ञ करते ब्राह्मण व अन्य।
– फोटो : NAHAN

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नाहन (सिरमौर) कोरोना महामारी के चलते नाहन शहर में इस वर्ष जगन्नाथ यात्रा नहीं हो पाई। लिहाजा, मंदिर में ही हवन कर पूजा-अर्चना की गई। जगन्नाथ रथ यात्रा मंडल के सदस्यों ने जगन्नाथ मंदिर में हवन और पूजा अर्चना की। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा अर्चना पूरे धार्मिक विधि से की गई।
जगन्नाथ मंदिर में सुबह 7 बजे हवन के पश्चात भगवान जगन्नाथ को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर में शेरों की मूर्तियों की भी स्थापना की गई है जिन्हें जगन्नाथ मंदिर के बाहर गेट पर विराजमान किया जाएगा। जगन्नाथ रथयात्रा मंडल के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने नाहन के लोगों से अपील की है कि वे घर पर ही भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर पुण्य कमाएं।

नाहन (सिरमौर) कोरोना महामारी के चलते नाहन शहर में इस वर्ष जगन्नाथ यात्रा नहीं हो पाई। लिहाजा, मंदिर में ही हवन कर पूजा-अर्चना की गई। जगन्नाथ रथ यात्रा मंडल के सदस्यों ने जगन्नाथ मंदिर में हवन और पूजा अर्चना की। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा अर्चना पूरे धार्मिक विधि से की गई।

जगन्नाथ मंदिर में सुबह 7 बजे हवन के पश्चात भगवान जगन्नाथ को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर में शेरों की मूर्तियों की भी स्थापना की गई है जिन्हें जगन्नाथ मंदिर के बाहर गेट पर विराजमान किया जाएगा। जगन्नाथ रथयात्रा मंडल के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने नाहन के लोगों से अपील की है कि वे घर पर ही भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर पुण्य कमाएं।

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Categories: Sirmour

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