छत्तीसगढ़: बिजली गिरने से घायल तीन लोगों को गाय के गोबर में दफनाया, दो की मौत

Published by Razak Mohammad on

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छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में बिजली गिरने से घायल एक महिला सहित तीन लोगों को कथित तौर पर कुछ ग्रामीणों ने इलाज के नाम पर गाय के गोबर में दफना दिया। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन लोगों को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। 

जशपुर के उप-विभागीय अधिकारी राजेंद्र परिहार ने बताया कि यह घटना रविवार शाम को हुई जब तीनों राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित जिले के बागबहार गांव में धान के खेतों में काम कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि खेत पर काम करने के दौरान ही बारिश और आंधी शुरू हो गई, तो उन्होंने खेत में एक पेड़ के नीचे शरण ली। तभी अचानक उन पर आकाशीय बिजली गिर गई और वे बुरी तरह घायल हो गए। 

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: सुरक्षा कर्मी को घायल कर वॉकी टॉकी और मोबाइल फोन लूट ले गए नक्सली

अधिकारी ने बताया कि अस्पताल ले जाने के बजाय उनके परिवार के सदस्यों और कुछ ग्रामीणों ने अंधविश्वास के चलते उन्हें गाय के गोबर में पैर से गर्दन तक दबा दिया। उन्होंने कहा कि इलाके के ग्रामीणों का मानना है कि गोबर में जलने की चोटों को ठीक करने की शक्ति होती है।

उन्होंने बताया कि बाद में, जब कुछ अन्य ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया, तो तीनों पीड़ितों को एक स्थानीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। जहां उनमें से दो-सुनील साई (22) और चंपा राउत (20) को मृत घोषित कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में बिजली गिरने से घायल एक महिला सहित तीन लोगों को कथित तौर पर कुछ ग्रामीणों ने इलाज के नाम पर गाय के गोबर में दफना दिया। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन लोगों को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। 

जशपुर के उप-विभागीय अधिकारी राजेंद्र परिहार ने बताया कि यह घटना रविवार शाम को हुई जब तीनों राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित जिले के बागबहार गांव में धान के खेतों में काम कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि खेत पर काम करने के दौरान ही बारिश और आंधी शुरू हो गई, तो उन्होंने खेत में एक पेड़ के नीचे शरण ली। तभी अचानक उन पर आकाशीय बिजली गिर गई और वे बुरी तरह घायल हो गए। 

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अधिकारी ने बताया कि अस्पताल ले जाने के बजाय उनके परिवार के सदस्यों और कुछ ग्रामीणों ने अंधविश्वास के चलते उन्हें गाय के गोबर में पैर से गर्दन तक दबा दिया। उन्होंने कहा कि इलाके के ग्रामीणों का मानना है कि गोबर में जलने की चोटों को ठीक करने की शक्ति होती है।

उन्होंने बताया कि बाद में, जब कुछ अन्य ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया, तो तीनों पीड़ितों को एक स्थानीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। जहां उनमें से दो-सुनील साई (22) और चंपा राउत (20) को मृत घोषित कर दिया गया।



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