चुनाव नतीजों के बाद नगर निकायों के लिए जोड़-तोड़ शुरू

Published by Razak Mohammad on

अमर उजाला नेटवर्क, चंबा/बद्दी/हमीरपुर
Updated Tue, 12 Jan 2021 05:00 AM IST

जीत के बाद पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल व अन्य।
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव परिणाम के बाद भाजपा और कांग्रेस ने नगर निकायों को कब्जाने के लिए गठजोड़ शुरू कर दिया है। जिन निकायों में मुकाबला बराबरी पर रहा, वहां सबसे पहले निर्दलीय या दूसरे पार्टी के पार्षदों को तोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। परिणाम के दूसरे ही चुवाड़ी नगर पंचायत में भाजपा के चार पार्षदों में से एक कुसुम देवी कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने दो निर्दलीयों कमल और हितेश को भी अपने साथ मिलकर आंकड़ा 7 में से छह कर लिया। बहुमत से एक-एक पार्षद कम वाली बद्दी और सुजानपुर नप को भाजपा ने कब्जा लिया है। कांग्रेस यहां हाथ मलती रह गई। उधर, मंडी जिले में भी भाजपा निर्दलीयों और कांग्रेस प्रत्याशियों पर नजर गढ़ाए हुए है। 

 नगर परिषद बद्दी में भाजपा और कांग्रेस दोनों को मिली 4-4 सीटें मिलीं। सत्ता की दहलीज तक पहुंचने की चाबी निर्दलीय जस्सी चौधरी के हाथ मानी जा रही थी। लेकिन दून में सबसे बड़े गुज्जर वोट बैंक को पाले में करने के लिए भाजपा ने इंटक नेता गुरमेल चौधरी के परिवार पर दांव खेलना मुनासिब समझा। सर्वप्रथम उनको भाजपा की सदस्यता दिलवाई गई और उसके बाद वार्ड -7 (वर्धमान-बिरला) से पार्षद उनकी पत्नी उर्मिला चौधरी को विधायक परमजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अध्यक्ष घोषित कर निकाय कब्जा लिया। वहीं, नगर परिषद सुजानपुर में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा ने एक निर्दलीय पार्षद पवन कुमार को पार्टी में शामिल करके बहुमत हासिल कर लिया है। कुल 9 में से भाजपा और कांग्रेस ने 4-4 वार्डों में जीत हासिल की थी। ब्लॉक अध्यक्ष अभी विधायक राजेंद्र राणा से विचार-विमर्श कर जोड़ तोड़ का प्रयास कर ही रही थी कि भाजपा ने इससे पहले ही बाजी मार ली।

आनंदपुर साहिब में खाई साथ न छोड़ने की कसम
बद्दी में इस घटनाक्रम के बाद दून भाजपा की समस्त टीम विधायक परमजीत सिंह पम्मी समेत अन्य नेता और उर्मिला चौधरी पंजाब के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नूरपुर बेदी (आनंदपुर साहिब) में कसमें खाने पहुंचे। ऐसा माना जाता है कि सब कसमें तोड़ी जा सकती हैं लेकिन वहां ली गई कसम नहीं टूटती। अब समस्त पार्षद सीएम जयराम का आशीर्वाद लेने शिमला जाएंगे। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि उर्मिला ने अभी पार्टी सदस्यता ग्रहण नहीं की है। 

कांग्रेस समर्थित अनुज गुप्ता को अर्की नगर पंचायत का अध्यक्ष बनाया जाएगा। वीरभद्र के विस क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में निर्णय लिया गया। हेमेंद्र गुप्ता को उपाध्यक्ष पद दिया जाएगा। नगर पंचायत अर्की पर कांग्रेस ने छठी बार कब्जा किया है। वहीं, ऊना के मैहतपुर-बसदेहड़ा में अंजू बाला का अध्यक्ष बनना तय है। यहां भाजपा की एकमात्र महिला प्रत्याशी जीती जो अनुसूचित जाति की हैं। यहां एससी महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित है। नाहन नप में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप की बहन श्यामा का अध्यक्ष बनना तय है। उपाध्यक्ष पद के लिए अविनाश गुप्ता, अशोक विक्रम दावेदारों में हैं। 

हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव परिणाम के बाद भाजपा और कांग्रेस ने नगर निकायों को कब्जाने के लिए गठजोड़ शुरू कर दिया है। जिन निकायों में मुकाबला बराबरी पर रहा, वहां सबसे पहले निर्दलीय या दूसरे पार्टी के पार्षदों को तोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। परिणाम के दूसरे ही चुवाड़ी नगर पंचायत में भाजपा के चार पार्षदों में से एक कुसुम देवी कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने दो निर्दलीयों कमल और हितेश को भी अपने साथ मिलकर आंकड़ा 7 में से छह कर लिया। बहुमत से एक-एक पार्षद कम वाली बद्दी और सुजानपुर नप को भाजपा ने कब्जा लिया है। कांग्रेस यहां हाथ मलती रह गई। उधर, मंडी जिले में भी भाजपा निर्दलीयों और कांग्रेस प्रत्याशियों पर नजर गढ़ाए हुए है। 

 नगर परिषद बद्दी में भाजपा और कांग्रेस दोनों को मिली 4-4 सीटें मिलीं। सत्ता की दहलीज तक पहुंचने की चाबी निर्दलीय जस्सी चौधरी के हाथ मानी जा रही थी। लेकिन दून में सबसे बड़े गुज्जर वोट बैंक को पाले में करने के लिए भाजपा ने इंटक नेता गुरमेल चौधरी के परिवार पर दांव खेलना मुनासिब समझा। सर्वप्रथम उनको भाजपा की सदस्यता दिलवाई गई और उसके बाद वार्ड -7 (वर्धमान-बिरला) से पार्षद उनकी पत्नी उर्मिला चौधरी को विधायक परमजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अध्यक्ष घोषित कर निकाय कब्जा लिया। वहीं, नगर परिषद सुजानपुर में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा ने एक निर्दलीय पार्षद पवन कुमार को पार्टी में शामिल करके बहुमत हासिल कर लिया है। कुल 9 में से भाजपा और कांग्रेस ने 4-4 वार्डों में जीत हासिल की थी। ब्लॉक अध्यक्ष अभी विधायक राजेंद्र राणा से विचार-विमर्श कर जोड़ तोड़ का प्रयास कर ही रही थी कि भाजपा ने इससे पहले ही बाजी मार ली।

आनंदपुर साहिब में खाई साथ न छोड़ने की कसम

बद्दी में इस घटनाक्रम के बाद दून भाजपा की समस्त टीम विधायक परमजीत सिंह पम्मी समेत अन्य नेता और उर्मिला चौधरी पंजाब के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नूरपुर बेदी (आनंदपुर साहिब) में कसमें खाने पहुंचे। ऐसा माना जाता है कि सब कसमें तोड़ी जा सकती हैं लेकिन वहां ली गई कसम नहीं टूटती। अब समस्त पार्षद सीएम जयराम का आशीर्वाद लेने शिमला जाएंगे। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि उर्मिला ने अभी पार्टी सदस्यता ग्रहण नहीं की है। 


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