घाटी में स्कूल खाली कराए जाने और एलपीजी के भंडारण के आदेश, कई तरह की अटकलें तेज, जानिए सच क्या है

Published by Razak Mohammad on


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 29 Jun 2020 09:58 AM IST

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तेल कंपनियों को आदेश जारी कर दो माह के लिए कश्मीर घाटी में एलपीजी सिलिंडरों के तत्काल भंडारण करने की बात कही है।। इस आदेश के बाद कई तरह की अटकलें लगने लगी हैं। इसको देखते हुए कश्मीर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि एलपीजी भंडारण को लेकर कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं। जो आदेश जारी किया गया वह मानसून के दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए है। प्रयास है कि इन परिस्थितियों में सभी आवश्यक वस्तुओं का संकट न पैदा हो। 

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नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस तरह के आदेश के औचित्य पर सवाल उठाया है। नेकां नेता उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में गांदरबल जिला पुलिस द्वारा जिला प्रशासन से शैक्षणिक संस्थानों के भवन उपलब्ध कराए जाने के आग्रह का भी उल्लेख करते हुए पूछा है कि सरकार को इन सभी कदमों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। क्योंकि इससे लोगों में दहशत पैदा हो रही है।

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उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को आदेश की व्याख्या करनी चाहिए। अन्यथा लोग अपने स्तर पर इसके बारे में अनुमान लगाने लगते हैं। उमर ने पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले का जिक्र भी अपने ट्वीट में किया है।

बता दें कि कश्मीर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक द्वारा शानिवार (27 जून) को जारी इस आदेश के अनुसार, 23 जून को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मुर्मू ने एक बैठक में निर्देश दिए हैं कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण अक्सर बंद हो जाता है अत: एलपीजी का पर्याप्त भंडारण होना चाहिए, जो दो माह तक चल सके। ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

हालांकि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार व्यवधानों के मद्देनजर सर्दियों में इस तरह की व्यवस्था आम बात है लेकिन गर्मियों के मौसम में इस तरह बड़े स्तर पर भंडारण की बात पहले नहीं हुई।

मालूम हो कि गांदरबल के एसएसपी खलील ओसवाल ने जिला प्रशासन को लिखे गए एक पत्र में अर्द्ध सैनिक बलों के ठहरने के लिए आईटीआई , मध्य और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के भवनों सहित शैक्षणिक संस्थानों के 16 भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। एसएसपी ने कहा कि श्रीअमरनाथ जी यात्रा 2020 के मद्देनजर आने वाले अर्द्ध सैनिक बलों के ठहरने के लिए इन भवनों की आवश्यकता होगी। 

इस मौसम में भंडारण का कारण बताए सरकार
नेशनल कांफ्रेंस नेता तनवीर सादिक ने भी ट्वीट कर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि कश्मीर के लोग डर और बेचैनी में एक और साल नहीं जी सकते। फिलहाल गर्मी का मौसम और इस समय तो ज्यादा भूस्खलन भी नहीं होता। ऐसे में दो माह के स्टॉक की आवश्यकता बतानी चाहिए। गांदरबल के रहने वाले शब्बीर अहमद ने इन आदेशों को एलएसी के साथ स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि जो कुछ भी है वह घाटी के लोगों में चिंता पैदा कर रहा है। 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तेल कंपनियों को आदेश जारी कर दो माह के लिए कश्मीर घाटी में एलपीजी सिलिंडरों के तत्काल भंडारण करने की बात कही है।। इस आदेश के बाद कई तरह की अटकलें लगने लगी हैं। इसको देखते हुए कश्मीर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि एलपीजी भंडारण को लेकर कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं। जो आदेश जारी किया गया वह मानसून के दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए है। प्रयास है कि इन परिस्थितियों में सभी आवश्यक वस्तुओं का संकट न पैदा हो। 

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नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस तरह के आदेश के औचित्य पर सवाल उठाया है। नेकां नेता उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में गांदरबल जिला पुलिस द्वारा जिला प्रशासन से शैक्षणिक संस्थानों के भवन उपलब्ध कराए जाने के आग्रह का भी उल्लेख करते हुए पूछा है कि सरकार को इन सभी कदमों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। क्योंकि इससे लोगों में दहशत पैदा हो रही है।

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उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को आदेश की व्याख्या करनी चाहिए। अन्यथा लोग अपने स्तर पर इसके बारे में अनुमान लगाने लगते हैं। उमर ने पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले का जिक्र भी अपने ट्वीट में किया है।

बता दें कि कश्मीर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक द्वारा शानिवार (27 जून) को जारी इस आदेश के अनुसार, 23 जून को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मुर्मू ने एक बैठक में निर्देश दिए हैं कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण अक्सर बंद हो जाता है अत: एलपीजी का पर्याप्त भंडारण होना चाहिए, जो दो माह तक चल सके। ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।


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सर्दियों में इस तरह की व्यवस्था आम बात है लेकिन…

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