क्या राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मनपसंद सरकार आने का इंतजार कर रहे हैं: संजय राउत

Published by Razak Mohammad on

शिवसेना नेता संजय राउत
– फोटो : ANI

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महाराष्ट्र विधान परिषद में 12 सदस्यों के मनोनयन पर देरी के लिए शिवसेना ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर जमकर निशाना साधा है। शुक्रवार को शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने कहा कि क्या राज्यपाल महाविकास आघाड़ी सरकार गिरने और मनमाफिक सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं।

विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन में देरी पर संजय राउत ने राज्यपाल कोश्यारी पर साधा निशाना
राउत ने कहा कि सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों को सांविधानिक मूल्यों को बरकरार रखना चाहिए। संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि राज्यपाल को मंत्रिमंडल की सिफारिश करने पर विधान परिषद के लिए भेजे गए नाम को स्वीकार करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल को यह स्पष्ट करना पड़ेगा कि क्या आप अपनी मनपसंद की सरकार बनने तक विधान परिषद के सदस्यों के मनोनीत करने के प्रस्ताव को लंबित रखना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते 6 नवंबर को संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक और चिकित्सा शिक्षा व सांस्कृतिक मंत्री अमित देशमुख ने राजभवन जाकर विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने के लिए 12 नामों की सूची सौंपी थी।

महाराष्ट्र विधान परिषद में 12 सदस्यों के मनोनयन पर देरी के लिए शिवसेना ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर जमकर निशाना साधा है। शुक्रवार को शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने कहा कि क्या राज्यपाल महाविकास आघाड़ी सरकार गिरने और मनमाफिक सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं।

विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन में देरी पर संजय राउत ने राज्यपाल कोश्यारी पर साधा निशाना

राउत ने कहा कि सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों को सांविधानिक मूल्यों को बरकरार रखना चाहिए। संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि राज्यपाल को मंत्रिमंडल की सिफारिश करने पर विधान परिषद के लिए भेजे गए नाम को स्वीकार करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल को यह स्पष्ट करना पड़ेगा कि क्या आप अपनी मनपसंद की सरकार बनने तक विधान परिषद के सदस्यों के मनोनीत करने के प्रस्ताव को लंबित रखना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते 6 नवंबर को संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक और चिकित्सा शिक्षा व सांस्कृतिक मंत्री अमित देशमुख ने राजभवन जाकर विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने के लिए 12 नामों की सूची सौंपी थी।

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