कोवैक्सीन: मानव परीक्षण के दूसरे चरण में 32 को दी गई वैक्सीन, 16 साल का वालंटियर भी शामिल

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Updated Fri, 11 Sep 2020 12:47 AM IST

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

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स्वदेशी कोवैक्सीन की मानव परीक्षण के दूसरे चरण में शामिल पीजीआईएमएस रोहतक की टीम ने 32 वालंटियरों को वैक्सीन दी है। संस्थान का लक्ष्य दूसरे चरण में कम से कम 50 वालंटियरों को वैक्सीन की डोज देना है। इसमें बताया जा रहा है कि अब तक सबसे कम आयु 16 वर्ष के वालंटियर को भी यह डोज दी गई है। सभी का स्वास्थ्य बिल्कुल सही है। 

पीजीआईएमएस की रिसर्च टीम कोवैक्सीन के ट्रायल को लेकर काफी उत्साहित है। पहले चरण में 81 वालंटियर को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है और सभी का स्वास्थ्य सही है। यही नहीं 28 दिन बाद लिए गए जांच सैंपल में एंटी बॉडी भी मिली। इससे उम्मीद बढ़ गई है कि कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी। 

दूसरे चरण के ट्रायल में 50 वालंटियरों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो दूसरे चरण के ट्रायल में महिला वालंटियरों की संख्या भी खासी है। इस बार के ट्रायल में 12 से  65 वर्ष की आयु के वालंटियरों को वैक्सीन की डोज दी जाएगी। रिसर्च टीम में शामिल को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि 32 को दूसरे चरण के ट्रायल में शामिल करते हुए कोवैक्सीन की डोज दी गई है। जो वालंटियर 18 से कम आयु के हैं, उनके माता-पिता से इसके लिए मंजूरी ली जाती है। टीम पुराने वालंटियरों की जांच करने के साथ सैंपल लेने के अलावा दूसरे चरण की जांच के लिए भी कार्रवाई कर रही है।

स्वदेशी कोवैक्सीन की मानव परीक्षण के दूसरे चरण में शामिल पीजीआईएमएस रोहतक की टीम ने 32 वालंटियरों को वैक्सीन दी है। संस्थान का लक्ष्य दूसरे चरण में कम से कम 50 वालंटियरों को वैक्सीन की डोज देना है। इसमें बताया जा रहा है कि अब तक सबसे कम आयु 16 वर्ष के वालंटियर को भी यह डोज दी गई है। सभी का स्वास्थ्य बिल्कुल सही है। 

पीजीआईएमएस की रिसर्च टीम कोवैक्सीन के ट्रायल को लेकर काफी उत्साहित है। पहले चरण में 81 वालंटियर को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है और सभी का स्वास्थ्य सही है। यही नहीं 28 दिन बाद लिए गए जांच सैंपल में एंटी बॉडी भी मिली। इससे उम्मीद बढ़ गई है कि कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी। 

दूसरे चरण के ट्रायल में 50 वालंटियरों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो दूसरे चरण के ट्रायल में महिला वालंटियरों की संख्या भी खासी है। इस बार के ट्रायल में 12 से  65 वर्ष की आयु के वालंटियरों को वैक्सीन की डोज दी जाएगी। रिसर्च टीम में शामिल को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि 32 को दूसरे चरण के ट्रायल में शामिल करते हुए कोवैक्सीन की डोज दी गई है। जो वालंटियर 18 से कम आयु के हैं, उनके माता-पिता से इसके लिए मंजूरी ली जाती है। टीम पुराने वालंटियरों की जांच करने के साथ सैंपल लेने के अलावा दूसरे चरण की जांच के लिए भी कार्रवाई कर रही है।



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