कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन से दर्ज हो रहे मुकदमों पर चढ़ने लगा सियासी रंग, सरकार पर आरोप

Published by Razak Mohammad on

कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री
– फोटो : अमर उजाला

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कोरोना प्रोटोकाल के उल्लंघन से राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों पर अब सियासी रंग चढ़ने लगा है। राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि पंजाब में कैप्टन सरकार दो तरह के कानून संचालित कर रही है। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री को सरकार के मंत्री, विधायकों और कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ भी कोरोना प्रोटोकाल के उल्लंघन के मामले दर्ज करने चाहिए।

कोरोना संक्रमण के संबंध में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए होने वाले दुष्प्रचार को लेकर पुलिस सख्त कदम उठा रही है। सरकार के निर्देश पर राज्यभर में लगातार दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसमें कोरोना संक्रमण की अनदेखी करने वाले राजनीतिक नेताओं को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

पुलिस ने कोरोना प्रोटोकॉल की पालना में लापरवाही बरतने के आरोप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर मुकदमा दर्ज किया है। इसके पहले लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ दुष्प्रचार के संबंध में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ हुए मुकदमों ने अब सियासी पारा गर्म कर दिया है।

विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मुकदमे दर्ज कर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहते हैं, इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है।

पंजाब पुलिस ने पिछले सोमवार को लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ कोरोना दुष्प्रचार के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। लुधियाना के सिविल सर्जन की शिकायत पर बैंस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिविल सर्जन ने कोविड-19 पर वीडियो क्लिप के माध्यम से लोगों को कथित रूप से गुमराह करने को लेकर आतम नगर के विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

सोशल मीडिया पर भी नजर

कोरोना संक्रमण पर किए जाने वाले दुष्प्रचार पर अंकुश लगाने के लिए पंजाब पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रखे हुए है। अब राज्य में इस संबंध में 121 केस दर्ज किए जा चुके हैं और 108 सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा चुके हैं। इसके साथ ही कई अन्य अकाउंट पुलिस ने चिह्नित किए हैं, जिन पर शीघ्र ही डीजीपी दिनकर गुप्ता के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब में दो तरह के कानून चल रहे हैं, एक सत्ता पक्ष के लिए और दूसरा विपक्ष के लिए। संक्रमण काल में कैप्टन सरकार के मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस के नेताओं को पूरी तरह से छूट है, लेकिन बतौर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष यदि मैं अपने लोगों का हालचाल लेता हूं तो मेरे खिलाफ केस दर्ज कर लिया जाता है। पार्टी इसके खिलाफ आवाज उठाएगी।
– अश्वनी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा, पंजाब

सार

  • भाजपा बोली- पंजाब सरकार चला रही दो तरह के कानून
  • अन्य दल बोले- सीएम अपने मंत्रियों के खिलाफ दर्ज करवाएं मुकदमा

विस्तार

कोरोना प्रोटोकाल के उल्लंघन से राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों पर अब सियासी रंग चढ़ने लगा है। राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि पंजाब में कैप्टन सरकार दो तरह के कानून संचालित कर रही है। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री को सरकार के मंत्री, विधायकों और कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ भी कोरोना प्रोटोकाल के उल्लंघन के मामले दर्ज करने चाहिए।

कोरोना संक्रमण के संबंध में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए होने वाले दुष्प्रचार को लेकर पुलिस सख्त कदम उठा रही है। सरकार के निर्देश पर राज्यभर में लगातार दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसमें कोरोना संक्रमण की अनदेखी करने वाले राजनीतिक नेताओं को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

पुलिस ने कोरोना प्रोटोकॉल की पालना में लापरवाही बरतने के आरोप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर मुकदमा दर्ज किया है। इसके पहले लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ दुष्प्रचार के संबंध में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ हुए मुकदमों ने अब सियासी पारा गर्म कर दिया है।

विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मुकदमे दर्ज कर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहते हैं, इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है।


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