कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल, किसानों पर दर्ज केस होंगे वापस

Published by Razak Mohammad on

कैप्टन अमरिंदर सिंह
– फोटो : एएनआई

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को किसानों से अपील की है कि कृषि बिलों के विरोध में आयोजित रोष प्रदर्शनों में ट्रैफिक जाम न करें और न ही धारा-144 का उल्लंघन करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिनके खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन के केस दर्ज किए गए हैं, वे वापस ले लिए जाएंगे और आगे इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। 

पंजाब कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ राज्यपाल वीपी बदनौर को मांग पत्र देने के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिन प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन के पहले ही केस दर्ज हो चुके हैं, वह वापस लिए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसान इसलिए कानून का उल्लंघन कर रहे हैं क्योंकि ये कृषि अध्यादेश उनके और उनके परिवारों को बर्बाद कर देंगे।

प्रदर्शन दिल्ली तक ले जाएं किसान: सीएम

मुख्यमंत्री ने यह बात जोर देकर कहा कि पंजाब कांग्रेस और पंजाब सरकार किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि केंद्र के कानून पंजाब और कृषि को तबाह कर देंगे, जो आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि ये अध्यादेश न्यूनतम समर्थन मूल्य के खात्मे का रास्ता साफ करेंगे, जो पंजाब और समूचे देश के लिए बहुत घातक सिद्ध होंगे। कैप्टन ने किसानों से अपील की है कि वह अपने रोष प्रदर्शनों को दिल्ली केंद्र सरकार की द्वार तक लेकर जाएं और कांग्रेस पार्टी उनको विश्वास दिलाती है कि इस संघर्ष में वह उनके साथ हैं।

कैप्टन ने राज्यपाल से मांग की कि वह केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश कृषि अध्यादेशों को पास होने से रोकने में मदद करें। उन्होंने कहा कि कृषि अध्यादेशों के लागू होने पर इस सरहदी राज्य में अशांति और गुस्से की लहर दौड़ जाएगी, क्योंकि राज्य पहले ही पाकिस्तान द्वारा गड़बड़ी पैदा करने की भद्दी कोशिशों से जूझ रहा है। 

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि कांग्रेस महसूस करती है कि मौजूदा खरीद प्रणाली के साथ किसी भी किस्म की छेड़छाड़ और वह भी देश में फैले संकट के इस समय में राज्य के किसानों में फैली सामाजिक तौर पर बेचैनी और गहरी हो सकती है। कैप्टन ने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र पहले ही अंतरराष्ट्रीय सरहद की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस तरह का कोई भी कदम राज्य की शांति और विकास के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। राज्यपाल से मिलकर लौटने के बाद कैप्टन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि किसानों से संबंधित बिल राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। 

क्या हरसिमरत केंद्रीय कैबिनेट की सदस्य नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे बाबत तीन बार प्रधानमंत्री को लिख चुके हैं लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग में शिअद और भाजपा को छोड़कर सबने राज्य सरकार का साथ दिया। उन्होंने पूछा कि शिअद और सुखबीर बादल अब इन अध्यादेशों की खिलाफत का नाटक कर रहे हैं। क्या हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय कैबिनेट की सदस्य नहीं हैं? उन्होंने वहां अपना विरोध क्यों नहीं प्रकट किया और क्यों वह बाहर भी इस मुद्दे के संबंध में कुछ नहीं बोल रहीं।

कैप्टन ने यह भी खुलासा किया कि केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा संसद में बिल्कुल गुमराह करने वाला बयान दिया गया कि इस मुद्दे पर पंजाब की सहमति हासिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असल बात तो यह है कि भारत सरकार द्वारा कृषि संशोधनों संबंधी कायम की गई उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी में से पंजाब को बाहर रखा गया था और रोष प्रकट करने पर ही कमेटी में शामिल किया गया। 

किसानों के दबाव में अकाली रच सकते हैं इस्तीफे का नाटक: जाखड़

इस मौके पर पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि किसान यूनियनों के दबाव में अकाली दल केंद्र सरकार से इस्तीफे का नाटक रचने की हद तक भी जा सकता है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में यह रहे शामिल

राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कैप्टन अमरिन्दर सिंह और सुनील जाखड़ के अलावा कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, सुखजिंदर सिंह रंधावा और भारत भूषण आशु, विधायक राणा गुरजीत सिंह, कुलजीत सिंह नागरा और डॉ. राज कुमार वेरका और प्रदेश कांग्रेस सचिव कैप्टन संदीप संधू भी शामिल रहे।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को किसानों से अपील की है कि कृषि बिलों के विरोध में आयोजित रोष प्रदर्शनों में ट्रैफिक जाम न करें और न ही धारा-144 का उल्लंघन करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिनके खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन के केस दर्ज किए गए हैं, वे वापस ले लिए जाएंगे और आगे इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। 

पंजाब कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ राज्यपाल वीपी बदनौर को मांग पत्र देने के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिन प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन के पहले ही केस दर्ज हो चुके हैं, वह वापस लिए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसान इसलिए कानून का उल्लंघन कर रहे हैं क्योंकि ये कृषि अध्यादेश उनके और उनके परिवारों को बर्बाद कर देंगे।

प्रदर्शन दिल्ली तक ले जाएं किसान: सीएम

मुख्यमंत्री ने यह बात जोर देकर कहा कि पंजाब कांग्रेस और पंजाब सरकार किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि केंद्र के कानून पंजाब और कृषि को तबाह कर देंगे, जो आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि ये अध्यादेश न्यूनतम समर्थन मूल्य के खात्मे का रास्ता साफ करेंगे, जो पंजाब और समूचे देश के लिए बहुत घातक सिद्ध होंगे। कैप्टन ने किसानों से अपील की है कि वह अपने रोष प्रदर्शनों को दिल्ली केंद्र सरकार की द्वार तक लेकर जाएं और कांग्रेस पार्टी उनको विश्वास दिलाती है कि इस संघर्ष में वह उनके साथ हैं।


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