केंद्र सरकार के खिलाफ निकाली रैली

Published by Razak Mohammad on

कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय के बाहर हाथों में स्लोगन लेकर प्रदर्शन करते सीटू कार्यकर्ता।

कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय के बाहर हाथों में स्लोगन लेकर प्रदर्शन करते सीटू कार्यकर्ता।
– फोटो : Kullu

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कुल्लू। सीटू जिला कमेटी ने शुक्रवार को केंद्रीय कमेटी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिला मुख्यालय कुल्लू में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली गई। इसमें अधिक संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया।
सीटू राज्य कमेटी के महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर रही है। सितंबर 2020 में संसद सत्र में बिना चर्चा किए श्रम सुधारों के नाम पर सभी श्रम कानूनों को खत्म कर, जो चार श्रम संहिताओं को बनाया गया है, उन श्रम संहिताओं के लागू होने से आने वाले समय में मजदूर वर्ग पूंजीपतियों के गुलाम हो जाएंगे। इन नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम के घंटे आठ से 12 करने की कोशिश की जा रही है। नियमित रोजगार की जगह फिक्स टर्म नौकरी का प्रावधान किया जा रहा है। निर्माण मजदूरों के लिए गठित श्रमिक कल्याण बोर्ड के पैसों को केंद्र सरकार के पास जमा कर श्रमिक कल्याण बोर्ड को कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही आने वाले समय में मजदूरों को यूनियन बनाने का अधिकार भी नहीं रहेगा। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ने कहा कि अगर सरकार जल्द मजदूरों की मांगों पर गौर नहीं करती है तो 24 से 31 जनवरी तक शिमला, कुल्लू व हमीरपुर से जत्थे चलेंगे। इसके माध्यम से मजदूरों को विरोधी नीतियों के बारे में बताया जाएगा। साथ्ज्ञ ही आने वाले बजट सत्र में मजदूर विधानसभा की ओर कूच करेंगे। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी, सीटू जिला महासचिव राजेश ठाकुर, भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन के जिला प्रधान राम चंद, सचिव चमन ठाकुर आदि मौजूद रहे।

कुल्लू। सीटू जिला कमेटी ने शुक्रवार को केंद्रीय कमेटी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिला मुख्यालय कुल्लू में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली गई। इसमें अधिक संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया।

सीटू राज्य कमेटी के महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर रही है। सितंबर 2020 में संसद सत्र में बिना चर्चा किए श्रम सुधारों के नाम पर सभी श्रम कानूनों को खत्म कर, जो चार श्रम संहिताओं को बनाया गया है, उन श्रम संहिताओं के लागू होने से आने वाले समय में मजदूर वर्ग पूंजीपतियों के गुलाम हो जाएंगे। इन नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम के घंटे आठ से 12 करने की कोशिश की जा रही है। नियमित रोजगार की जगह फिक्स टर्म नौकरी का प्रावधान किया जा रहा है। निर्माण मजदूरों के लिए गठित श्रमिक कल्याण बोर्ड के पैसों को केंद्र सरकार के पास जमा कर श्रमिक कल्याण बोर्ड को कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही आने वाले समय में मजदूरों को यूनियन बनाने का अधिकार भी नहीं रहेगा। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ने कहा कि अगर सरकार जल्द मजदूरों की मांगों पर गौर नहीं करती है तो 24 से 31 जनवरी तक शिमला, कुल्लू व हमीरपुर से जत्थे चलेंगे। इसके माध्यम से मजदूरों को विरोधी नीतियों के बारे में बताया जाएगा। साथ्ज्ञ ही आने वाले बजट सत्र में मजदूर विधानसभा की ओर कूच करेंगे। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी, सीटू जिला महासचिव राजेश ठाकुर, भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन के जिला प्रधान राम चंद, सचिव चमन ठाकुर आदि मौजूद रहे।

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