कृषि अध्यादेशों के विरोध में खली, कहा- एसी कमरे में नहीं जान सकते किसानों की समस्या

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

Updated Thu, 17 Sep 2020 01:32 AM IST

दिलीप राणा उर्फ द ग्रेट खली
– फोटो : फाइल फोटो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹365 & To get 20% off, use code: 20OFF

ख़बर सुनें

दिलीप राणा उर्फ द ग्रेट खली ने कृषि अध्यादेश को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए किसानों का समर्थन किया। खली ने कहा कि केंद्र को किसानों से सलाह मशविरा करके इस संबंध में फैसला लेना चाहिए। एसी (वातानुकूलित) कमरों में बैठकर किसानों की समस्याओं को नहीं जाना जा सकता है। वह बुधवार को पटियाला के नाभा में एक समागम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

अमर उजाला से बात करते हुए खली ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। रीढ़ ही कमजोर होगी तो देश का क्या होगा। लॉकडाउन के कारण व्यापार तो पहले ही पूरी तरह से चौपट हो गए हैं। अब केंद्र सरकार किसानों को खत्म करने को कृषि अध्यादेश ला रही है। इन्हें लाते वक्त सरकार को चाहिए कि वह किसानों के साथ मशवरा करें। 

किसान पहले ही आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्याएं कर रहे हैं। आजकल मीडिया में बस कंगना और सुशांत सिंह राजपूत पर ही कवरेज हो रही है। यह सब असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने को हो रहा है। 

दिलीप राणा उर्फ द ग्रेट खली ने कृषि अध्यादेश को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए किसानों का समर्थन किया। खली ने कहा कि केंद्र को किसानों से सलाह मशविरा करके इस संबंध में फैसला लेना चाहिए। एसी (वातानुकूलित) कमरों में बैठकर किसानों की समस्याओं को नहीं जाना जा सकता है। वह बुधवार को पटियाला के नाभा में एक समागम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

अमर उजाला से बात करते हुए खली ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। रीढ़ ही कमजोर होगी तो देश का क्या होगा। लॉकडाउन के कारण व्यापार तो पहले ही पूरी तरह से चौपट हो गए हैं। अब केंद्र सरकार किसानों को खत्म करने को कृषि अध्यादेश ला रही है। इन्हें लाते वक्त सरकार को चाहिए कि वह किसानों के साथ मशवरा करें। 

किसान पहले ही आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्याएं कर रहे हैं। आजकल मीडिया में बस कंगना और सुशांत सिंह राजपूत पर ही कवरेज हो रही है। यह सब असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने को हो रहा है। 

Source link


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *