कुल्लू में 30 फीसदी रूटों पर दौड़ी निजी और निगम की बसाहट

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कुल्लू। जिले में शनिवार को केवल 30 फीसदी रूटों पर ही निजी और निगम की बसों का संचालन किया गया। बाजार बंद होने के कारण ज्यादातर बसें बसंत पर ही खड़ी हो रही हैं। लोग समयसारिणी के अनुसार बसों का इंतजार करते रहे। लेकिन 70 प्रतिशत रूनों पर बसों की आवाजाही बाधित हो रही है। निर्धारित रूनों पर बसें न चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण रूनों पर लोगों को बसें न चलने के कारण अधिक दिक्कतें पेश आई। ग्रामीणों को मजबूरन अपने घर पहुंचने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। लोगों में हिमाचल पथ परिवहन निगम और निजी बसों के खिलाफ रोश देखने को मिला। गौरतलब है कि शनिवार और रविवार को जिले में बाजार बंद रखने के प्रशासनिक आदेश हैं। ऐसे में निजी बसों और परिवहन निगम ने रूनों को मर्ज किया है। इसके चलते निर्धारित रूनों में बसों की समयसारिणी में फेरबदल हुआ है। रूनों में किए गए फेरबदल का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। बसों में लोग बसों का इंतजार करते रहे। निजी निपटान विशेषज्ञों ने 150 में से केवल 40 रूटों पर बसों का संचालन किया, जबकि निगम ने भी 150 में से लगभग 45 रूटों पर ही बसें भेजी। उधर, निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रजत जंबाल ने कहा कि बाजार बंद के आदेश के बाद विश्लेषकों ने शनिवार और रविवार को बस संचालन बंद रखने का फैसला लिया है। इसके बाद भी कुद रूनों पर बसें चलाई जा रही है। उधर, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि कम सवारियों वाले रूनों को मर्ज किया गया है।

कुल्लू। जिले में शनिवार को केवल 30 फीसदी रूटों पर ही निजी और निगम की बसों का संचालन किया गया। बाजार बंद होने के कारण ज्यादातर बसें बसंत पर ही खड़ी हो रही हैं। लोग समयसारिणी के अनुसार बसों का इंतजार करते रहे। लेकिन 70 प्रतिशत रूनों पर बसों की आवाजाही बाधित हो रही है। निर्धारित रूनों पर बसें न चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण रूनों पर लोगों को बसें न चलने के कारण अधिक दिक्कतें पेश आई। ग्रामीणों को मजबूरन अपने घर पहुंचने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। लोगों में हिमाचल पथ परिवहन निगम और निजी बसों के खिलाफ रोश देखने को मिला। गौरतलब है कि शनिवार और रविवार को जिले में बाजार बंद रखने के प्रशासनिक आदेश हैं। ऐसे में निजी बसों और परिवहन निगम ने रूनों को मर्ज किया है। इसके चलते निर्धारित रूनों में बसों की समयसारिणी में फेरबदल हुआ है। रूनों में किए गए फेरबदल का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। बसों में लोग बसों का इंतजार करते रहे। निजी निपटान विशेषज्ञों ने 150 में से केवल 40 रूटों पर बसों का संचालन किया, जबकि निगम ने भी 150 में से लगभग 45 रूटों पर ही बसें भेजी। उधर, निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रजत जंबाल ने कहा कि बाजार बंद के आदेश के बाद विश्लेषकों ने शनिवार और रविवार को बस संचालन बंद रखने का फैसला लिया है। इसके बाद भी कुद रूनों पर बसें चलाई जा रही है। उधर, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि कम सवारियों वाले रूनों को मर्ज किया गया है।





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