कुल्लू में सेब से भी महंगा हुआ लाल टमाटर, 60 रुपये किलो पहुंचे दाम

Published by Razak Mohammad on

बलदेव राज, अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू

Updated Thu, 17 Sep 2020 03:55 PM IST

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कोरोना के दौर में पिछले दो महीनों से चल रहे सेब सीजन में जहां सेब के दाम अब कम हो गए हैं। वहीं रसोई का जायका बढ़ाने वाला लाल टमाटर अब सेब से भी महंगा हो गया है। कुल्लू जिले में 60 रुपये प्रति किलो तक लोगों को टमाटर खरीदना पड़ रहा है। जबकि सब्जी मंडियों में इन दिनों सेब 40 से 50 रुपये  बेचा जा रहा है। टमाटर सेब से भी महंगा होने के कारण हालांकि किसानों को फायदा मिल रहा है। लेकिन इस बार घाटी में टमाटर की फसल बीमारी की चपेट में आई है।

जिससे अब बुहत ही कम टमाटर निकल रहा है। कम टमाटर होने के कारण इसके दाम बढ़ गए हैं। वहीं स्थानीय सब्जी मंडी भुंतर, सब्जी मंडी बंदरोल की बात करें तो यहां पर टमाटर थोक में 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जबकि सब्जी की दुकानों में इन दिनों 40 रुपये प्रतिकिलो तक लोग खरीद रहे हैं। पिछले करीब दो सप्ताह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं।

ऐसे में आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। किसान हरी राम, विशाल कुमार, राकेश, मोती राम, पोषू राम, रमेश, कैलाश और नरोतू राम ने कहा कि इस बार जिस तरह से सेब के पौधों में कई बीमारियां लगी। उसी तरह टमाटर में बीमारी के चलते उत्पादन कम हुआ। अधिकतर फसल खराब होने के चलते किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इन दिनों सब्जियों का सीजन समाप्त होने को है। अगर यह दाम दो महीना पहले होते तो किसानों को कोरोना में राहत मिलती।

वहीं दूसरी ओर टमाटर सहित अन्य सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी पर इसकी मार पड़ेगी। सब्जी मंडी बंदरोल में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि सेब को टमाटर ने टक्कर दी है। थोक में टमाटर 45 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। जबकि सेब सस्ता बिक रहा है।

उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बाद सीजन की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रकाश कश्यप ने कहा कि कुल्लू जिले में टमाटर की खेती पर किसानों की रूचि साल दर साल बढ़ रही है। जिले में टमाटर की करीब दो हजार हेक्टेयर में पैदावार की जाती है। जबकि सेब करीब 27 हजार हेक्टेयर में लगाया गया है।

कोरोना के दौर में पिछले दो महीनों से चल रहे सेब सीजन में जहां सेब के दाम अब कम हो गए हैं। वहीं रसोई का जायका बढ़ाने वाला लाल टमाटर अब सेब से भी महंगा हो गया है। कुल्लू जिले में 60 रुपये प्रति किलो तक लोगों को टमाटर खरीदना पड़ रहा है। जबकि सब्जी मंडियों में इन दिनों सेब 40 से 50 रुपये  बेचा जा रहा है। टमाटर सेब से भी महंगा होने के कारण हालांकि किसानों को फायदा मिल रहा है। लेकिन इस बार घाटी में टमाटर की फसल बीमारी की चपेट में आई है।

जिससे अब बुहत ही कम टमाटर निकल रहा है। कम टमाटर होने के कारण इसके दाम बढ़ गए हैं। वहीं स्थानीय सब्जी मंडी भुंतर, सब्जी मंडी बंदरोल की बात करें तो यहां पर टमाटर थोक में 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जबकि सब्जी की दुकानों में इन दिनों 40 रुपये प्रतिकिलो तक लोग खरीद रहे हैं। पिछले करीब दो सप्ताह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं।

ऐसे में आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। किसान हरी राम, विशाल कुमार, राकेश, मोती राम, पोषू राम, रमेश, कैलाश और नरोतू राम ने कहा कि इस बार जिस तरह से सेब के पौधों में कई बीमारियां लगी। उसी तरह टमाटर में बीमारी के चलते उत्पादन कम हुआ। अधिकतर फसल खराब होने के चलते किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इन दिनों सब्जियों का सीजन समाप्त होने को है। अगर यह दाम दो महीना पहले होते तो किसानों को कोरोना में राहत मिलती।

वहीं दूसरी ओर टमाटर सहित अन्य सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी पर इसकी मार पड़ेगी। सब्जी मंडी बंदरोल में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि सेब को टमाटर ने टक्कर दी है। थोक में टमाटर 45 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। जबकि सेब सस्ता बिक रहा है।

उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बाद सीजन की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रकाश कश्यप ने कहा कि कुल्लू जिले में टमाटर की खेती पर किसानों की रूचि साल दर साल बढ़ रही है। जिले में टमाटर की करीब दो हजार हेक्टेयर में पैदावार की जाती है। जबकि सेब करीब 27 हजार हेक्टेयर में लगाया गया है।

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