कुल्लू में भरे 60 मुर्गियों के सैंपल

Published by Razak Mohammad on

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कुल्लू। प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले आने से पशुपालन विभाग कुल्लू अलर्ट है। विभाग ने फ्लू की समस्या से निपटने का प्लान भी तैयार कर दिया है। विभाग ने सारी औपचारिकतांए पूरी करने के बाद अब विभिन्न पक्षियों और मुर्गियों के सैंपल लेने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
इसी कड़ी में विभाग ने सोमवार को विभिन्न मुर्गीपालन फार्म से 60 सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालंधर भेजा जाएगा। इतना ही नहीं विभागीय टीमें जिला भर की मीट, चिकन की दुकानों, मुर्गीपालन फार्मों पर जाकर मौजूदा हालात का निरीक्षण भी कर रही हैं। गौरतलब है कि पौंग झील में बर्ड फ्लू के पॉजिटिव मामले आते ही कुल्लू में पशुपालन विभाग ने स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। विभाग ने कुल्लू जिले के पांचों खंडों में एक-एक रैपिड रिस्पांस और जिले के हर पशु चिकित्सालय में क्यूआरटी भी तैनात की हैं। हालांकि जिला कुल्लू में बर्ड फ्लू के मामले अभी सामने नहीं आए हैं। पशुपालन विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. संजीव नड्डा ने कहा कि विभाग ने सोमवार से मुर्गियों के सैंपल लेने शुरू किए हैं।
बर्ड फ्लू से बचने के लिए क्या करें
फार्म व बाड़े में जाने के लिए अलग कपड़े व जूतों का इस्तेमाल, फार्म के फुटपाथ पर कीटाणुनाशक घोल का प्रयोग, साबुन से हाथ धोना, बाड़े के चारों तरफ चुने का छिड़काव, बाड़े में चूहे, नेवले कौवे, चील व गिद्ध जैसे मांसाहारी पक्षी प्रवेश न कर सकें। घर में पालतू कुत्तों को बांध कर रखें, मुर्गी फार्म में मृत पक्षियों के लिए अलग से गड्ढे की व्यवस्था, तथा अचानक मृत्यु होने पर पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें।
क्या न करें, इसका भी ध्यान रखा जाए
मुर्गी पालकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मांसाहारी व प्रवासी पक्षियों का मल किसी भी तरीके से फार्म में रखी मुर्गियों के संपर्क में न आए। मुर्गियों के दाने-पानी की व्यवस्था बाड़े में उपलब्ध करनी चाहिए। मुर्गी फार्म में कुत्ता, बिल्ली, नेवला, चूहे आदि का प्रवेश न हो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

कुल्लू। प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले आने से पशुपालन विभाग कुल्लू अलर्ट है। विभाग ने फ्लू की समस्या से निपटने का प्लान भी तैयार कर दिया है। विभाग ने सारी औपचारिकतांए पूरी करने के बाद अब विभिन्न पक्षियों और मुर्गियों के सैंपल लेने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

इसी कड़ी में विभाग ने सोमवार को विभिन्न मुर्गीपालन फार्म से 60 सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालंधर भेजा जाएगा। इतना ही नहीं विभागीय टीमें जिला भर की मीट, चिकन की दुकानों, मुर्गीपालन फार्मों पर जाकर मौजूदा हालात का निरीक्षण भी कर रही हैं। गौरतलब है कि पौंग झील में बर्ड फ्लू के पॉजिटिव मामले आते ही कुल्लू में पशुपालन विभाग ने स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। विभाग ने कुल्लू जिले के पांचों खंडों में एक-एक रैपिड रिस्पांस और जिले के हर पशु चिकित्सालय में क्यूआरटी भी तैनात की हैं। हालांकि जिला कुल्लू में बर्ड फ्लू के मामले अभी सामने नहीं आए हैं। पशुपालन विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. संजीव नड्डा ने कहा कि विभाग ने सोमवार से मुर्गियों के सैंपल लेने शुरू किए हैं।

बर्ड फ्लू से बचने के लिए क्या करें

फार्म व बाड़े में जाने के लिए अलग कपड़े व जूतों का इस्तेमाल, फार्म के फुटपाथ पर कीटाणुनाशक घोल का प्रयोग, साबुन से हाथ धोना, बाड़े के चारों तरफ चुने का छिड़काव, बाड़े में चूहे, नेवले कौवे, चील व गिद्ध जैसे मांसाहारी पक्षी प्रवेश न कर सकें। घर में पालतू कुत्तों को बांध कर रखें, मुर्गी फार्म में मृत पक्षियों के लिए अलग से गड्ढे की व्यवस्था, तथा अचानक मृत्यु होने पर पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें।

क्या न करें, इसका भी ध्यान रखा जाए

मुर्गी पालकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मांसाहारी व प्रवासी पक्षियों का मल किसी भी तरीके से फार्म में रखी मुर्गियों के संपर्क में न आए। मुर्गियों के दाने-पानी की व्यवस्था बाड़े में उपलब्ध करनी चाहिए। मुर्गी फार्म में कुत्ता, बिल्ली, नेवला, चूहे आदि का प्रवेश न हो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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Categories: Kullu

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