किसान आंदोलन से लौटे पंजाब के बुजुर्ग किसान की गांव में दिल का दौरा पड़ने से मौत

Published by Razak Mohammad on

संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
Updated Sun, 10 Jan 2021 11:28 AM IST

किसान लाल चंद (फाइल फोटो)
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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पंजाब के जलालाबाद में दिल्ली धरने से लौटे किसान लाल चंद (67) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। लाल चंद 27 दिसंबर को दिल्ली धरने में गए थे। सात जनवरी को अपने गांव मौलवी वाला लौटे थे। शनिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। धरने में हिस्सा लेने वाले जलालाबाद के चार किसानों की अब तक मौत हो चुकी है। इनमें से दो सगे भाई गांव माहमूजोईयां के शामिल हैं। 

लाल चंद के बेटे राज कुमार ने बताया कि उनके पिता शुरू से ही किसान आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे। 27 दिसंबर को जत्थे के साथ दिल्ली टीकरी बार्डर पहुंचे थे। तबीयत खराब होने पर सात जनवरी को वह गांव लौट आए। उसने बताया कि उनके पास तीन एकड़ जमीन है। इसी से परिवार का गुजारा चलता है। 

वहीं किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है। सर्द मौसम में कई किसानों की तबीयत खराब हो रही है। सही समय पर सेहत सुविधा नहीं मिलने के कारण मौत हो जाती है। भारतीय किसान यूनियन उगराहां के झंडे में किसान लाल चंद का पार्थिक शव लपेटकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

पंजाब के जलालाबाद में दिल्ली धरने से लौटे किसान लाल चंद (67) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। लाल चंद 27 दिसंबर को दिल्ली धरने में गए थे। सात जनवरी को अपने गांव मौलवी वाला लौटे थे। शनिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। धरने में हिस्सा लेने वाले जलालाबाद के चार किसानों की अब तक मौत हो चुकी है। इनमें से दो सगे भाई गांव माहमूजोईयां के शामिल हैं। 

लाल चंद के बेटे राज कुमार ने बताया कि उनके पिता शुरू से ही किसान आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे। 27 दिसंबर को जत्थे के साथ दिल्ली टीकरी बार्डर पहुंचे थे। तबीयत खराब होने पर सात जनवरी को वह गांव लौट आए। उसने बताया कि उनके पास तीन एकड़ जमीन है। इसी से परिवार का गुजारा चलता है। 

वहीं किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है। सर्द मौसम में कई किसानों की तबीयत खराब हो रही है। सही समय पर सेहत सुविधा नहीं मिलने के कारण मौत हो जाती है। भारतीय किसान यूनियन उगराहां के झंडे में किसान लाल चंद का पार्थिक शव लपेटकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

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