किसान आंदोलन : इंग्लैंड के 100 सांसदों ने पीएम बोरिस जॉनसन को लिखा पत्र, उठाई ये मांग

Published by Razak Mohammad on

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Jan 2021 10:50 AM IST

किसान आंदोलन। (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने भारत में चल रहे किसानों के आंदोलन को लेकर 100 से अधिक सांसदों और लॉर्डस के हस्ताक्षर वाला एक पत्र ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को भेजा है। पत्र में उन्होंने बोरिस जॉनसन से मांग की है कि वे किसानों के आंदोलन के मुद्दे को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएं।

पत्र में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के महत्व को स्पष्ट करते हुए भारतीय किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से बात करें।

ब्रिटिश सांसद ढेसी ने एक बयान में कहा है कि ‘मैं 100 से अधिक सांसदों और लॉर्ड्स के प्रति आभारी हूं, जिन्होंने प्रधानमंत्री के नाम क्रॉस-पार्टी पत्र पर हस्ताक्षर कर भारतीय किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के प्रति चिंता जताई है। बोरिस जॉनसन जब भारतीय प्रधानमंत्री से मिलें तो मसले को मजबूती से उठाएं ताकि किसानों की मांगों को लेकर बने वर्तमान गतिरोध का शीघ्र समाधान हो सके।’

लिखा : आंदोलन से पंजाबी और सिख परेशान
पांच जनवरी को दिए ढेसी के पत्र का शीर्षक है ‘भारतीय किसानों का शांतिपूर्ण विरोध और वैश्विक विरोध से संबंध।’ ढेसी ने लिखा है कि मुद्दे ने भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से पंजाबी और सिख पृष्ठभूमि के लोग और भारत में खेती से जुड़े लोगों को बहुत परेशान किया है।

इस वैश्विक विरोध में हजारों लोग जुड़ गए हैं, इनमें पूरे ब्रिटेन के कस्बे और शहर शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, ढेसी के नेतृत्व में भारत में प्रदर्शनकारी किसानों के मुखर समर्थक रहे ब्रिटेन के 36 सांसदों ने राष्ट्रमंडल सचिव डॉमिनिक रैब को पत्र लिखकर भारत सरकार से किसान आंदोलन पर बात करने को कहा था।

ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने भारत में चल रहे किसानों के आंदोलन को लेकर 100 से अधिक सांसदों और लॉर्डस के हस्ताक्षर वाला एक पत्र ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को भेजा है। पत्र में उन्होंने बोरिस जॉनसन से मांग की है कि वे किसानों के आंदोलन के मुद्दे को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएं।

पत्र में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के महत्व को स्पष्ट करते हुए भारतीय किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से बात करें।

ब्रिटिश सांसद ढेसी ने एक बयान में कहा है कि ‘मैं 100 से अधिक सांसदों और लॉर्ड्स के प्रति आभारी हूं, जिन्होंने प्रधानमंत्री के नाम क्रॉस-पार्टी पत्र पर हस्ताक्षर कर भारतीय किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के प्रति चिंता जताई है। बोरिस जॉनसन जब भारतीय प्रधानमंत्री से मिलें तो मसले को मजबूती से उठाएं ताकि किसानों की मांगों को लेकर बने वर्तमान गतिरोध का शीघ्र समाधान हो सके।’

लिखा : आंदोलन से पंजाबी और सिख परेशान

पांच जनवरी को दिए ढेसी के पत्र का शीर्षक है ‘भारतीय किसानों का शांतिपूर्ण विरोध और वैश्विक विरोध से संबंध।’ ढेसी ने लिखा है कि मुद्दे ने भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से पंजाबी और सिख पृष्ठभूमि के लोग और भारत में खेती से जुड़े लोगों को बहुत परेशान किया है।

इस वैश्विक विरोध में हजारों लोग जुड़ गए हैं, इनमें पूरे ब्रिटेन के कस्बे और शहर शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, ढेसी के नेतृत्व में भारत में प्रदर्शनकारी किसानों के मुखर समर्थक रहे ब्रिटेन के 36 सांसदों ने राष्ट्रमंडल सचिव डॉमिनिक रैब को पत्र लिखकर भारत सरकार से किसान आंदोलन पर बात करने को कहा था।

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