किसानों पर लाठीचार्ज किया जाना उचित नहीं, मामला विवाद से नहीं संवाद से सुलझेगा: ओपी धनखड़

Published by Razak Mohammad on

संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)

Updated Fri, 11 Sep 2020 09:25 PM IST

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पिपली में किसानों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को संयम बरतना चाहिए था। किसानों को भी विवाद की बजाय संवाद से समाधान कराना चाहिए। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ का। अध्यादेशों पर किसानों के सुझाव लेने के लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।

कमेटी में भिवानी के सांसद धर्मबीर, कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी और हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। वे झज्जर के एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले अपने निवास स्थान पर शुक्रवार दोपहर बाद करीब 2 बजे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

धनखड़ ने कहा कि कोरोना काल में भीड़ एकत्रित करना आयोजकों का सही निर्णय नहीं था क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर सांसद तक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कृषि विभाग के मुख्य सचिव ने किसान संगठनों को सुझाव के लिए बुलाया था लेकिन हठधर्मिता के कारण कुछ लोग आयोजन में जुट गए। 

धनखड़ ने पूर्व में रहे मार्केट कमेटी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भी किसानों के बीच जाकर अध्यादेशों पर बात करने को कहा है। धनखड़ ने कहा कि एमएसपी बंद होने और मंडी बंद होने की बात निरर्थक भय के सिवाय कुछ नहीं है। मंडी पहले भी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर किसानों के दाने-दाने की खरीद भी होगी। 

किसान अध्यादेशों पर विवाद की बजाय सुझाव दें 

उन्होंने कहा कि अध्यादेशों पर किसान प्वाइंट वाइज अपने सुझाव दें, क्योंकि अध्यादेश अभी महज अध्यादेश हैं। अध्यादेशों को कानून का रूप जब मिलेगा तो किसानों के सुझाव भी शामिल होंगे। धनखड़ ने सरकार को भी सुझाव दिया है कि कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के बीच अध्यादेशों पर सुझाव लेने के लिए भेजें। 

किसान आगे आए और विवाद की बजाय सुझाव दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग राजनीति चमकाने के लिए शंका का वातावरण बना रहे हैं। अध्यादेशों से न तो मंडी व्यवस्था पर असर पड़ने वाला है और न ही एमएसपी पर असर पड़ेगा। मंडी से बाहर की व्यवस्था एफपीओ (किसान उत्पादन संगठन) और प्रगतिशील किसानों के लिए बनाई गई है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है। इस मौके पर पालिका के वाइस चेयरमैन प्रवीण गर्ग, भाजपा के जिला सचिव मनीष बंसल, जिला महामंत्री अनिल शर्मा, बेरी मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमेन मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।

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पिपली में किसानों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को संयम बरतना चाहिए था। किसानों को भी विवाद की बजाय संवाद से समाधान कराना चाहिए। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ का। अध्यादेशों पर किसानों के सुझाव लेने के लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।

कमेटी में भिवानी के सांसद धर्मबीर, कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी और हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। वे झज्जर के एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले अपने निवास स्थान पर शुक्रवार दोपहर बाद करीब 2 बजे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

धनखड़ ने कहा कि कोरोना काल में भीड़ एकत्रित करना आयोजकों का सही निर्णय नहीं था क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर सांसद तक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कृषि विभाग के मुख्य सचिव ने किसान संगठनों को सुझाव के लिए बुलाया था लेकिन हठधर्मिता के कारण कुछ लोग आयोजन में जुट गए। 



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