किन्नौर के ग्रामीण रूटों पर तीसरे दिन भी नहीं दौड़ीं बसें

Published by Razak Mohammad on

किन्नौर जिले के छितकुल में तीन फीट बर्फबारी होने के बाद गांव के युवकों का एक समूह पैदल चलने के लिए

किन्नौर जिले के छितकुल में तीन फीट बर्फबारी होने के बाद गांव के युवकों का एक समूह पैदल चलने के लिए
– फोटो : RAMPUR-HP

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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी के तीन दिन बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। जिले में अभी भी 51 ग्रामीण सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। इसके चलते सैकड़ों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वीरवार को कल्पा का अधिकतम तापमान प्लस 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान प्लस 6 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हालांकि, वीरवार को जिले के जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह की ओर भक्त नाले तक और शिमला की तरफ निगम की बसों की आवाजाही जारी रही। जबकि कल्पा, रोघी, पांगी, रिब्बा, रिस्पा, बारंग, पूर्वणी, सांगला, छितकुल, निचार, बरी, भावा वैली, मूरंग, लिप्पा, आसरंग, ठंगी, लंबर और कुन्नोचारंग सहित जिले के अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो सकी है। वहीं, पूर्वणी रूट वाली बस पोवारी और बारंग वाली शोंगठोंग तक ही चलीं। जिले में भारी हिमपात के चलते अभी भी जिले के कल्पा, पूह और निचार के तहत आने वाली करीब 51 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। हालांकि, लोनिवि ने करीब 15 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। जिले में विभाग ने तीनों खंडों की सभी ग्रामीण सड़कों पर करीब 22 मशीनें और सैकड़ों मजदूर बर्फबारी से बंद मार्ग को बहाल करने में लगाए हुए हैं। वहीं, अभी भी निगम की 2 बसें सांगला और एक बस कानम में फंसी हुई है।
पथ परिवहन रिकांगपिओ किन्नौर के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप और अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी के कारण खतरे को देखते हुए ग्रामीण सड़कों पर बसें नहीं भेजी गई हैं। जैसे ही सड़कों की स्थिति ठीक होगी, जायजा लेने के बाद ग्रामीण सड़कों पर बसों को भेजा जाएगा। कहा कि लोगों की समस्याओं के मद्देनजर जहां तक सड़कें ठीक हैं, वहां तक बसें भेजी जा रही हैं।
लोनिवि कल्पा एक्सईएन पीसी नेगी और एक्सईएन भावानगर राहुल सूद ने देर शाम तक दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कों को बहाल करने का दावा किया है। विभाग की मशीनें और मजदूर बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।

सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी के तीन दिन बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। जिले में अभी भी 51 ग्रामीण सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। इसके चलते सैकड़ों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वीरवार को कल्पा का अधिकतम तापमान प्लस 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान प्लस 6 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

हालांकि, वीरवार को जिले के जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह की ओर भक्त नाले तक और शिमला की तरफ निगम की बसों की आवाजाही जारी रही। जबकि कल्पा, रोघी, पांगी, रिब्बा, रिस्पा, बारंग, पूर्वणी, सांगला, छितकुल, निचार, बरी, भावा वैली, मूरंग, लिप्पा, आसरंग, ठंगी, लंबर और कुन्नोचारंग सहित जिले के अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो सकी है। वहीं, पूर्वणी रूट वाली बस पोवारी और बारंग वाली शोंगठोंग तक ही चलीं। जिले में भारी हिमपात के चलते अभी भी जिले के कल्पा, पूह और निचार के तहत आने वाली करीब 51 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। हालांकि, लोनिवि ने करीब 15 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। जिले में विभाग ने तीनों खंडों की सभी ग्रामीण सड़कों पर करीब 22 मशीनें और सैकड़ों मजदूर बर्फबारी से बंद मार्ग को बहाल करने में लगाए हुए हैं। वहीं, अभी भी निगम की 2 बसें सांगला और एक बस कानम में फंसी हुई है।

पथ परिवहन रिकांगपिओ किन्नौर के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप और अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी के कारण खतरे को देखते हुए ग्रामीण सड़कों पर बसें नहीं भेजी गई हैं। जैसे ही सड़कों की स्थिति ठीक होगी, जायजा लेने के बाद ग्रामीण सड़कों पर बसों को भेजा जाएगा। कहा कि लोगों की समस्याओं के मद्देनजर जहां तक सड़कें ठीक हैं, वहां तक बसें भेजी जा रही हैं।

लोनिवि कल्पा एक्सईएन पीसी नेगी और एक्सईएन भावानगर राहुल सूद ने देर शाम तक दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कों को बहाल करने का दावा किया है। विभाग की मशीनें और मजदूर बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।

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Categories: Rampur Bushahar

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