कर्मियों से मांगी वन परिक्षेत्र की रिपोर्ट

Published by Razak Mohammad on

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कुल्लू। वन विभाग कुल्लू ने बर्ड फ्लू से निपटने को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग जिला के विभिन्न उपमंडलों में पक्षियों की स्थिति का जायजा लेेने में जुटा है। कुल्लू में अभी बर्ड फ्लू का कोई पाजिटिव मामला सामने नहीं आया है। लेकिन विभाग फ्लू को लेकर अलर्ट है। विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके वन परिक्षेत्र की रिपोर्ट मांगी गई है।
रिपोर्ट में फ्लू के लक्षण पाए जाने पर क्षेत्र में पक्षियों के उपचार का प्रबंध किया जा रहा है। विभाग ने जिले के तीनों वन मंडलों में नंबर भी जारी कर दिए हैं। इन नंबरों पर कुल्लू की जनता भी उनके क्षेत्र के पक्षियों के बारे में सूचना दे सकेगी। हालांकि पशुपालन विभाग कुल्लू ने भी बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। विभाग ने जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों के लिए पीपीई किट भी मुहैया करवा दी है। वन विभाग के वन अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि विभाग बर्ड फ्लू की स्थिति से निपटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग ने तीनों वन मंडलों में पक्षियों की निगरानी की जा रही है। पक्षियों में लक्षण पाए जाने पर उनका शुरूआती दौर में ही उपचार कराया जाएगा, जिससे फ्लू को दूसरे पक्षियों में फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कुल्लू की जनता अरण्यपाल कुल्लू कार्यालय, वन मंडलाधिकारी कुल्लू, वन मंडलाधिकारी शमशी, वन मंडलाधिकारी सिराज, वन मंडलाधिकार से संपर्क कर सकते हैं।
फाइल नंबर 15 का जोड़
केलांग (लाहौल-स्पीति)। कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने में यंग ड्रग्पा एसोसिएशन गरशा ने भी अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के सदस्यों ने बर्फबारी और माइनस तापमान के बीच लोगों को घर-घर जाकर दवाई, मास्क, सैनिटाइजर आदि वितरित किया। संस्था के अध्यक्ष सोनम जंगपो ने कहा कि करीब साढ़े 14 लाख रुपये की दवाई और अन्य लॉजिस्टिक लोगों को मुहैया करवाई गई है।

कुल्लू। वन विभाग कुल्लू ने बर्ड फ्लू से निपटने को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग जिला के विभिन्न उपमंडलों में पक्षियों की स्थिति का जायजा लेेने में जुटा है। कुल्लू में अभी बर्ड फ्लू का कोई पाजिटिव मामला सामने नहीं आया है। लेकिन विभाग फ्लू को लेकर अलर्ट है। विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके वन परिक्षेत्र की रिपोर्ट मांगी गई है।

रिपोर्ट में फ्लू के लक्षण पाए जाने पर क्षेत्र में पक्षियों के उपचार का प्रबंध किया जा रहा है। विभाग ने जिले के तीनों वन मंडलों में नंबर भी जारी कर दिए हैं। इन नंबरों पर कुल्लू की जनता भी उनके क्षेत्र के पक्षियों के बारे में सूचना दे सकेगी। हालांकि पशुपालन विभाग कुल्लू ने भी बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। विभाग ने जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों के लिए पीपीई किट भी मुहैया करवा दी है। वन विभाग के वन अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि विभाग बर्ड फ्लू की स्थिति से निपटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग ने तीनों वन मंडलों में पक्षियों की निगरानी की जा रही है। पक्षियों में लक्षण पाए जाने पर उनका शुरूआती दौर में ही उपचार कराया जाएगा, जिससे फ्लू को दूसरे पक्षियों में फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कुल्लू की जनता अरण्यपाल कुल्लू कार्यालय, वन मंडलाधिकारी कुल्लू, वन मंडलाधिकारी शमशी, वन मंडलाधिकारी सिराज, वन मंडलाधिकार से संपर्क कर सकते हैं।

फाइल नंबर 15 का जोड़

केलांग (लाहौल-स्पीति)। कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने में यंग ड्रग्पा एसोसिएशन गरशा ने भी अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के सदस्यों ने बर्फबारी और माइनस तापमान के बीच लोगों को घर-घर जाकर दवाई, मास्क, सैनिटाइजर आदि वितरित किया। संस्था के अध्यक्ष सोनम जंगपो ने कहा कि करीब साढ़े 14 लाख रुपये की दवाई और अन्य लॉजिस्टिक लोगों को मुहैया करवाई गई है।

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