औंधे मुंह गिरी भाजपा की कवायद, निर्दलीय पार्षद का समर्थन से इंकार

Published by Razak Mohammad on

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पांवटा साहिब (सिरमौर)। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के गृह क्षेत्र पांवटा साहिब में एक निर्दलीय प्रत्याशी को साथ मिलाकर भाजपा की नगर परिषद के गठन की कवायद औंधे मुंह गिर गई है। मंगलवार दोपहर ऊर्जा मंत्री ने सात पार्षदों के दम पर परिषद के गठन का एलान किया था। इसमें पार्षद मीनू गुप्ता को उपाध्यक्ष बनाने का भी एलान किया गया लेकिन चंद घंटों के बाद नाटकीय घटनाक्रम हुआ और पार्षद ने समर्थन देने से इंकार कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला का कहना था कि वह खाना खाने गए थे जहां भाजपा के लोग थे। अभी उन्होंने समर्थन देने के बारे कोई फैसला नहीं लिया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को अचानक प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी और भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने दोपहर बाद पत्रकार वार्ता बुलाई। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने निर्दलीय महिला पार्षद मीनू गुप्ता का समर्थन साथ होने पर पांवटा नगर परिषद में पूर्ण समर्थन जुटाने का दावा दिया था जिसमें वार्ड-1 से भारी मतों से जीत दर्ज कर पहुंची निर्मल कौर को अध्यक्ष और वार्ड-9 से निर्दलीय पार्षद मीनू गुप्ता को साथ जोड़ उपाध्यक्ष पद की घोषणा तक कर दी लेकिन निर्दलीय पार्षद ने घर पहुंचने से पहले ही बयान जारी कर सनसनी फैला दी।
मीनू गुप्ता और उसके पति राकेश गुप्ता ने कहा कि होटल में लंच करने पहुंचे थे। इस बीच आनन फानन में साथ मिलाने की बात कह कर घोषणा कर दी। अभी फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। दंपति ने कहा कि अपने वार्ड में कार्यकर्ताओं के साथ विचार मंथन कर ही आगे कोई फैसला लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस की बैठकों का दौर चल पड़ा है। निर्दलीय पार्षदों को साथ जोड़ने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों जुटे हैं। पांवटा नगर परिषद में इस बार कुल 3 वार्डों में से जनता ने भाजपा को 6 सीटें, 4 कांग्रेस और 3 निर्दलीय प्रत्याशी जीता कर भेजे हैं। अब हालात यह है कि निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलाने में जो कामयाब हुए वही सिकंदर बनेगा।
उधर, भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने पूर्ण समर्थन जुटाया है। पांवटा में भाजपा समर्थित नगर परिषद बनना तय है।

पांवटा साहिब (सिरमौर)। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के गृह क्षेत्र पांवटा साहिब में एक निर्दलीय प्रत्याशी को साथ मिलाकर भाजपा की नगर परिषद के गठन की कवायद औंधे मुंह गिर गई है। मंगलवार दोपहर ऊर्जा मंत्री ने सात पार्षदों के दम पर परिषद के गठन का एलान किया था। इसमें पार्षद मीनू गुप्ता को उपाध्यक्ष बनाने का भी एलान किया गया लेकिन चंद घंटों के बाद नाटकीय घटनाक्रम हुआ और पार्षद ने समर्थन देने से इंकार कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला का कहना था कि वह खाना खाने गए थे जहां भाजपा के लोग थे। अभी उन्होंने समर्थन देने के बारे कोई फैसला नहीं लिया है।

गौरतलब है कि मंगलवार को अचानक प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी और भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने दोपहर बाद पत्रकार वार्ता बुलाई। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने निर्दलीय महिला पार्षद मीनू गुप्ता का समर्थन साथ होने पर पांवटा नगर परिषद में पूर्ण समर्थन जुटाने का दावा दिया था जिसमें वार्ड-1 से भारी मतों से जीत दर्ज कर पहुंची निर्मल कौर को अध्यक्ष और वार्ड-9 से निर्दलीय पार्षद मीनू गुप्ता को साथ जोड़ उपाध्यक्ष पद की घोषणा तक कर दी लेकिन निर्दलीय पार्षद ने घर पहुंचने से पहले ही बयान जारी कर सनसनी फैला दी।

मीनू गुप्ता और उसके पति राकेश गुप्ता ने कहा कि होटल में लंच करने पहुंचे थे। इस बीच आनन फानन में साथ मिलाने की बात कह कर घोषणा कर दी। अभी फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। दंपति ने कहा कि अपने वार्ड में कार्यकर्ताओं के साथ विचार मंथन कर ही आगे कोई फैसला लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस की बैठकों का दौर चल पड़ा है। निर्दलीय पार्षदों को साथ जोड़ने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों जुटे हैं। पांवटा नगर परिषद में इस बार कुल 3 वार्डों में से जनता ने भाजपा को 6 सीटें, 4 कांग्रेस और 3 निर्दलीय प्रत्याशी जीता कर भेजे हैं। अब हालात यह है कि निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलाने में जो कामयाब हुए वही सिकंदर बनेगा।

उधर, भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने पूर्ण समर्थन जुटाया है। पांवटा में भाजपा समर्थित नगर परिषद बनना तय है।

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